एक्सप्लोरर

DNPA ACT: क्या है नया डेटा प्रोटेक्शन कानून, इससे कौन-से नियम होंगे लागू?

DNPA ACT: डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन कानून नागरिकों के निजी डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कंपनियों की जवाबदेही तय करने का एक बड़ा प्रयास है. हालांकि इस वजह से RTI और खोजी पत्रकारिता के प्रभावित हो सकती हैं.

DNPA ACT: 11 अगस्त 2023 को संसद द्वारा पारित डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम के लागू होने के बाद वर्ष 2026 में इसके नियमों और अनुपालन को लेकर देश भर में व्यापक चर्चा जारी है. भारत सरकार का यह ऐतिहासिक कदम नागरिकों के डिजिटल पर्सनल डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है. इस कानून के प्रभाव में आने से इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर निजी जानकारियों के कलेक्शन, उसे सुरक्षित तरीके से रखने और उपयोग को लेकर एक पारदर्शी व्यवस्था तैयार की जा रही है. आइए जानें कि नया डेटा प्रोटेक्शन कानून क्या है और इससे कौन-से नियम लागू होंगे.

क्या है DNPA कानून?

डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम, 2023 (DPDP Act) भारत सरकार द्वारा नागरिकों की डिजिटल निजी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया एक प्रमुख कानून है. इस कानून का मुख्य उद्देश्य डिजिटल माध्यमों से एकत्र किए जाने वाले व्यक्तिगत डेटा के उपयोग को नियंत्रित करना, नागरिकों की निजता का बचाव करना और डेटा का इस्तेमाल करने वाली संस्थाओं की सीधी कानूनी जवाबदेही तय करना है. इसके तहत किसी भी व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर, पता या डिजिटल पहचान जैसी जानकारियां बिना स्पष्ट वैध आधार के इस्तेमाल नहीं की जा सकतीं हैं. 

DNPA कानून का उद्देश्य क्या है?

इस अधिनियम के तहत व्यक्तिगत डेटा की श्रेणी में किसी व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर, घर का पता, डिजिटल पहचान और उससे संबंधित सभी निजी विवरण शामिल किए गए हैं. कानून में डेटा संभालने वाली कंपनियों, सरकारी विभागों या प्लेटफॉर्म्स को डेटा फिड्यूशियरी का दर्जा दिया गया है. वहीं, जिस व्यक्ति की निजी जानकारी ली जा रही है, उसे डेटा प्रिंसिपल कहा गया है. बिना स्पष्ट सहमति या वैध कानूनी आधार के किसी भी नागरिक की निजी जानकारी का उपयोग करना अब गैर-कानूनी है.

यह भी पढ़ें: एक दिन के लिए गायब हो जाएं चींटियां तो क्या होगा, धरती पर क्या असर पड़ेगा?


DNPA ACT: क्या है नया डेटा प्रोटेक्शन कानून, इससे कौन-से नियम होंगे लागू?

तीन अलग-अलग चरणों में लागू किया गया कानून

कानून के सभी नियमों को एक साथ लागू करने के बजाय तीन अलग-अलग चरणों में बांटा गया है. 13-14 नवंबर 2025 को प्राथमिक प्रावधान लागू हुए थे, जिसके साथ RTI कानून में संशोधन भी प्रभावी हुआ. दूसरा चरण 13-14 नवंबर 2026 से शुरू हो रहा है, जिसमें उपयोगकर्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सहमति प्रबंधकों का ढांचा लागू किया जाएगा. अंतिम और मुख्य चरण मई 2027 में लागू होगा, जिसके तहत डेटा सुरक्षा, इस्तेमाल की सहमति और उपयोगकर्ताओं के अधिकारों के बड़े प्रावधान पूरी तरह अमल में आएंगे.

DNPA में लागू होने वाले नियम 

डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (DNPA) और सभी टेक कंपनियों के लिए इस कानून के तहत सख्त नियम तय किए गए हैं-

डेटा इस्तेमाल से पहले सहमति: कंपनियों को यूजर की निजी जानकारी जुटाने या प्रोसेस करने से पहले उनकी लिखित या डिजिटल सहमति लेना अनिवार्य होगा.

डेटा हटाने का अधिकार: कोई भी व्यक्ति किसी भी समय अपनी सहमति वापस ले सकता है और कंपनी से अपना रिकॉर्ड पूरी तरह मिटाने की मांग कर सकता है.

सुरक्षा व्यवस्था और बोर्ड: कंपनियों को निजी डेटा की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने होंगे. नियमों का उल्लंघन होने पर नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड की स्थापना की गई है.

भारी जुर्माना: सुरक्षा नियमों की अनदेखी या डेटा लीक के मामलों में कंपनियों पर अधिकतम 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

DPDP एक्ट से कानून में आए क्या बदलाव?

डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट ने देश के पुराने कानूनी ढांचे में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं-

RTI एक्ट में संशोधन: कानून लागू होने के साथ RTI अधिनियम की धारा 8(1)(j) में संशोधन किया गया, जिससे व्यक्तिगत जानकारी से जुड़े मामलों में सूचना देने से इनकार करने का कानूनी दायरा बढ़ गया है.

शिकायत निवारण ढांचा: उपयोगकर्ताओं की शिकायतों की सीधी सुनवाई और मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए अलग से डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड गठित हुआ है.

डेटा प्रक्रिया की पारदर्शिता: कंपनियों को उपभोक्ताओं को स्पष्ट बताना होगा कि वे किस मकसद से डेटा एकत्र कर रही हैं और उसका कहां इस्तेमाल होगा.

बच्चों के डेटा की सुरक्षा: नाबालिगों या बच्चों का डेटा प्रोसेस करने के लिए माता-पिता या कानूनी अभिभावक की पूर्व अनुमति अनिवार्य बनाई गई है.

डेटा लीक होने पर जिम्मेदारी: डेटा में किसी भी प्रकार की सेंधमारी या लीक होने की स्थिति में संबंधित संस्था को तुरंत बोर्ड और प्रभावित व्यक्तियों को इसकी सूचना देनी होगी.


DNPA ACT: क्या है नया डेटा प्रोटेक्शन कानून, इससे कौन-से नियम होंगे लागू?

मीडिया और प्रकाशकों की क्या हैं चिंताएं?

इस कानून के कई प्रावधानों को लेकर मीडिया संस्थानों ने अपनी आशंकाएं व्यक्त की हैं. प्रकाशकों का मानना है कि इसमें खोजी पत्रकारिता को विशेष छूट नहीं दी गई है, जिससे भ्रष्टाचार या जनहित के मामलों की जांच करते समय सहमति के नियम आड़े आ सकते हैं. इसके अलावा, डेटा हटाने के अधिकार से पुरानी प्रकाशित खबरों और जनहित के डिजिटल रिकॉर्ड्स को हटवाने या बदलवाने का दबाव बनने की संभावना है. गोपनीय सूत्रों की सुरक्षा और RTI के कमजोर होने से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है.

यह भी पढ़ें: Dubai luxury Property: दुबई में कैसे खरीद सकते हैं घर, कितने रुपये करने पड़ते हैं इनवेस्ट?

About the author निधि पाल

निधि पाल एबीपी लाइव में कंटेंट राइटर हैं. ये यहां पर जीके सेक्शन की जिम्मेदारियां संभाल रही हैं. पिछले 7 साल से पत्रकारिता की दुनिया में कार्यरत निधि पाल ने इससे पहले अमर उजाला डिजिटल, न्यूज 24, ईटीवी भारत हैदराबाद जैसे बड़े संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है.

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो उन्होंने आईआईएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन लखनऊ से जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Dubai luxury Property: दुबई में कैसे खरीद सकते हैं घर, कितने रुपये करने पड़ते हैं इनवेस्ट?
दुबई में कैसे खरीद सकते हैं घर, कितने रुपये करने पड़ते हैं इनवेस्ट?
Karwa Chauth 2026: देश के किस शहर में सबसे पहले दिखता है करवाचौथ का चांद? जानें टाइमिंग
देश के किस शहर में सबसे पहले दिखता है करवाचौथ का चांद? जानें टाइमिंग
गुजरात में ही क्यों बंद है गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, क्या है वहां से कनेक्शन?
गुजरात में ही क्यों बंद है गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, क्या है वहां से कनेक्शन?
एक दिन के लिए गायब हो जाएं चींटियां तो क्या होगा, धरती पर क्या असर पड़ेगा?
एक दिन के लिए गायब हो जाएं चींटियां तो क्या होगा, धरती पर क्या असर पड़ेगा?
Advertisement

वीडियोज

Sansani: बैंक का 'गोलमाल'... ग्राहक 'कंगाल' !
Ballot Paper पर जीरो, अब क्या करेगी Congress?
Form-6 पर Supreme Court में क्या बहस हुई? सटीक विश्लेषण
MLC का नतीजा UP में 2027 का करेगा फैसला? सटीक विश्लेषण
YRKKH:🫨Badi Dadi ने मेहमानों के सामने Abhira को दिए ताने, बवाल के बीच Maira-Kabir का हुआ सामना #sbs
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस से मांगी माफी! MLC चुनाव रिजल्ट पर बोले- एक सीट जीती है
हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस से मांगी माफी! MLC चुनाव रिजल्ट पर बोले- एक सीट जीती है
यूपी विधान परिषद में बढ़ी सपा की ताकत! LoP का पद भी बचा, अब क्या है रणनीति?
यूपी विधान परिषद में बढ़ी सपा की ताकत! LoP का पद भी बचा, अब क्या है रणनीति?
अब किस बात पर भड़की CJP, सौरव दास बोले- 'Gen-Z अब उनके दोस्त नहीं'
अब किस बात पर भड़की CJP, सौरव दास बोले- 'Gen-Z अब उनके दोस्त नहीं'
दिवाली 2026 पर बॉक्स ऑफिस पर होगा बड़ा क्लैश, सूर्या-नयनतारा की फिल्मों से भिड़ेगी रणबीर कपूर की 'रामायण'
दिवाली 2026 पर बॉक्स ऑफिस पर महाटक्कर, सूर्या-नयनतारा की फिल्मों से भिड़ेगी 'रामायण'
RCB ने जैसे ही खरीदा, होटल के कमरे में खुशी से झूम उठी श्रेयंका पाटिल; वीडियो वायरल
RCB ने जैसे ही खरीदा, होटल के कमरे में खुशी से झूम उठी श्रेयंका पाटिल; वीडियो वायरल
सिर्फ इतने घंटे बाकी! ट्रंप की मंजूरी मिलते ही ईरान में तबाही मचा देगी अमेरिकी सेना
सिर्फ इतने घंटे बाकी! ट्रंप की मंजूरी मिलते ही ईरान में तबाही मचा देगी अमेरिकी सेना
'ललन सिंह का आशीर्वाद लेने नहीं जाएंगे', जीत के बाद नीरज कुमार का बड़ा बयान
'ललन सिंह का आशीर्वाद लेने नहीं जाएंगे', जीत के बाद नीरज कुमार का बड़ा बयान
Luxury Dining Table: घर पर डाइनिंग को 5 स्टार लुक देना है? टेबल सेट करने की ये ट्रिक अपनाएं
घर पर डाइनिंग को 5 स्टार लुक देना है? टेबल सेट करने की ये ट्रिक अपनाएं
Embed widget