बंगाल फतह करने के बाद भी BJP को नहीं मिलेगा राज्यसभा का फायदा, जानें क्यों?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने और 200 से अधिक सीटें जीतने के बावजूद, भाजपा को राज्यसभा में तत्काल लाभ नहीं मिलेगा. आइए जानें कि ऐसा क्यों है और फायदा आखिर कब होगा.

- 2026-28 के चुनावों में उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से उम्मीदें.
पश्चिम बंगाल की सत्ता पर पहली बार काबिज होकर भाजपा ने ‘दोहरा शतक' जड़ते हुए इतिहास तो रच दिया है, लेकिन दिल्ली के ऊपरी सदन यानी राज्यसभा का गणित अब भी पार्टी के लिए एक चुनौती बना हुआ है. दशकों के संघर्ष के बाद बंगाल फतह करने वाली भाजपा के लिए यह जीत वैचारिक और राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है. हालांकि, विधानसभा में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद भी राज्यसभा में दो-तिहाई का जादुई आंकड़ा छूना भाजपा के नेतृत्व वाले राजग के लिए फिलहाल मुमकिन नहीं दिख रहा है.
बंगाल की जीत और राज्यसभा का पेंच
पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 2016 की महज 3 सीटों के मुकाबले 2026 में 200 से अधिक सीटें जीतकर अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है. इस जीत से भाजपा 'अंग, बंग और कलिंग' के क्षेत्रों में अपनी सत्ता मजबूत करने में सफल रही है. लेकिन, राज्यसभा के नियमों के कारण इस प्रचंड जीत का असर उच्च सदन की सीटों पर तुरंत दिखाई नहीं देगा. इसका मुख्य कारण यह है कि बंगाल में राज्यसभा की सीटों के लिए अगला चुनाव काफी समय बाद होना है.
अगस्त 2029 तक करना होगा इंतजार
पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की छह सीटें रिक्त होने वाली हैं, लेकिन इन पर चुनाव अगस्त 2029 में निर्धारित हैं. वर्तमान में, इन छह में से पांच महत्वपूर्ण सीटें तृणमूल कांग्रेस के पास हैं. भाजपा को विधानसभा में अपने भारी-भरकम बहुमत का फायदा उठाकर इन सीटों को जीतने के लिए कम से कम तीन साल से अधिक का लंबा इंतजार करना होगा. यही कारण है कि बंगाल फतह के तुरंत बाद उच्च सदन में राजग की ताकत नहीं बढ़ेगी.
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दो-तिहाई बहुमत से दूर है राजग
राज्यसभा की कुल 244 सदस्य संख्या में भाजपा के नेतृत्व वाले राजग (NDA) के पास फिलहाल 149 सदस्य हैं. उच्च सदन में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए 163 सदस्यों की आवश्यकता होती है, जिससे राजग अभी 14 सीटें दूर है. राजग के इन 149 सदस्यों में भाजपा के अकेले 113 सदस्य शामिल हैं. आगामी वर्षों में होने वाले चुनावों के माध्यम से ही इस अंतर को पाटने की कोशिश की जाएगी, लेकिन बंगाल इसमें तत्काल मददगार नहीं होगा.
2026 और 2028 के चुनावी समीकरण
राज्यसभा की सीटों के लिए इस साल जून में 22 सीटों और नवंबर में 11 सीटों पर चुनाव होने हैं. नवंबर के चुनावों में उत्तर प्रदेश की 10 सीटें शामिल हैं, जिनमें से 8 पहले से ही भाजपा के पास हैं. साल 2028 भी राज्यसभा के लिहाज से काफी व्यस्त रहेगा, क्योंकि अप्रैल में 13 सीटों, जून में 21 सीटों और जुलाई में 38 सीटों के लिए मतदान होगा. इन चुनावों में पंजाब, केरल, असम, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों की अहम भूमिका होगी.
उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों की भूमिका
राज्यसभा में बहुमत बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश एक महत्वपूर्ण राज्य बना रहेगा. जुलाई 2028 में उत्तर प्रदेश की 11 अन्य सीटों पर चुनाव होंगे, जिनमें वर्तमान में भाजपा के पास 8 सीटें मौजूद हैं. इसके अलावा, जुलाई 2028 में बिहार की 5, महाराष्ट्र की 6, ओडिशा की 3 और राजस्थान की 4 सीटों पर भी चुनाव होने हैं. इन विभिन्न राज्यों के चुनावी नतीजों पर ही राजग का दो-तिहाई बहुमत हासिल करने का सपना टिका हुआ है.
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Source: IOCL
























