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Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में क्यों आते हैं बेहद भयंकर भूकंप? समझ लें पूरा भूगोल 

Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में बार-बार आने वाले विनाशकारी भूकंपों के पीछे कैरेबियन और दक्षिण अमेरिकी प्लेटों की टक्कर, सक्रिय फॉल्ट लाइनें और कराकास की भौगोलिक स्थिति प्रमुख कारण हैं.

Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में एक के बाद एक दो विनाशकारी भूकंप आए. पहला 7.2 और दूसरा महज 40 सेकंड बाद 7.5 का. वेनेजुएला की राजधानी में बड़ी तादात में इमारतें ढह गईं, सिमोन बोलिवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा इसके चपेट में टूट-फूट गया, और USGS यानी अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण ने चेतावनी दी कि हताहतों की संख्या 10,000 से 1,00,000 तक हो सकती है.

इस भूकंप को वेनेजुएला में 1900 के बाद का सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जा रहा है. ऐसे में बहुत से लोगों के दिमाग में सवाल उठता है कि आखिर यह दक्षिण अमेरिकी देश बार-बार इतने भयानक भूकंपों की चपेट में क्यों आ रहें हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से. 

टेक्टोनिक प्लेटों की टक्कर है असली वजह

वेनेजुएला की भौगोलिक स्थिति ही उसकी सबसे बड़ी कमजोरी है. यह देश कैरेबियन प्लेट और दक्षिण अमेरिकी प्लेट की सीमा पर स्तिथ है. ये दोनों विशाल प्लेटें लगातार एक-दूसरे से टकराती और रगड़ती रहती हैं, जिसके वजह से जबरदस्त ऊर्जा उत्पन्न होती है. बता दें कि उत्तरी वेनेजुएला में यह टकराव एक जटिल Boconó-Morón-El Pilar फॉल्ट सिस्टम यानी ये वेनेजुएला में मौजूद कई बड़ी फॉल्ट लाइनों का एक नेटवर्क होता  है. यह कोई एक अकेली दरार नहीं, बल्कि तीन प्रमुख फॉल्टों Boconó Fault, Morón Fault और El Pilar Fault से मिलकर बना एक विशाल भूकंपीय क्षेत्र है, जो लगभग 1,300 किलोमीटर तक फैला हुआ है केंद्रीय वेनेजुएलाई एंडीज से लेकर उत्तरी-पूर्वी तट और त्रिनिदाद तक. इस पूरे क्षेत्र में दाईं ओर खिसकने वाली राइट-लेटरल स्ट्राइक-स्लिप यानी फॉल्ट लाइनें मौजूद हैं, जो भूकंप की असली वजह है. देश की लगभग 80 प्रतिशत आबादी इसी भूकंपीय इलाके में रहती है. यही वजह है कि भारी मात्र में नुकसान हो जाता है.

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खतरनाक फॉल्ट लाइनें और ऐतिहासिक तबाही

अगर बात करें सबसे खतरनाक फॉल्ट लाइंस की तो वेनेजुएला में तीन प्रमुख फॉल्ट लाइनें हैं जो सबसे अधिक खतरनाक मानी जाती हैं. वह हैं बोकोनो फॉल्ट, एल पिलार फॉल्ट और सान सेबास्टियन फॉल्ट. इतिहास गवाह है कि इन्हीं फॉल्ट लाइनों ने पहले भी भारी तबाही मचाई है 1812 में आए भूकंप में मेरिदा और कराकास में अनुमानित 30,000 लोगों की जान गई थी. वहीं 1967 में 6.3 तीव्रता के भूकंप ने कराकास में 200 से अधिक लोगों को मौत का दावा किया गया था. इसके अलावा पिछले साल के  सितंबर में ज़ुलिया में 6.2 और 6.3 के दो भूकंपों ने सैकड़ों घर तबाह कर दिए थे. यही वजह है की दुनिया भर की नजर अब वेनेजुएला पर है. 

कराकास क्यों है सबसे ज्यादा खतरे में?

अपने वेनेजुएला जब भी भूकंप के बारे में सुना होगा तो उसमें कराकास की नाम जरूर होता है, यानी भूकंप की भौगोलिक वजहों के अलावा कराकास एक और कारण से विशेष रूप से संवेदनशील है. यह शहर एक गहरी तलछटी घाटी में बसा हुआ है. जब भूकंप की तरंगें इस घाटी से गुजरती हैं तो यह उन्हें कई गुना ज्यादा बढ़ा देती है, जिससे शहर में कंपन और अधिक तीव्र और लंबे समय तक महसूस होता है. इसके अलावा वेनेजुएला की पुरानी और कमजोर इमारतें इस खतरे को और भी बढ़ा देती हैं. USGS ने 2026 के भूकंप के बाद चेतावनी दी कि अगले एक हफ्ते में 6.0 या उससे अधिक तीव्रता के आफ्टरशॉक आने की 40% संभावना है.

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