एक्सप्लोरर

बड़ा भूकंप आया तो तबाह हो जाएंगे यूपी के ये दो शहर, डरा देगी IIT Kanpur की यह स्टडी

सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर निहार रंजन पात्रा ने बताया कि 1803 और 1934 के दौरान गंगा के मैदानी क्षेत्रों में बड़े भूकंप के बाद लिक्विफेक्शन हुआ. ये क्षेत्र भूकंपीय फॉल्ट पर भी बैठे हैं.

नेपाल में 2015 के दौरान आए विनाशकारी भूकंप का असर भारत के उत्तर प्रदेश में भी दिखा था. उस वक्त एक के बाद एक लगे भूकंप के तगड़े झटकों से लोग सहम गए थे. वह भूकंप तो तबाही मचाकर चला गया, लेकिन सिस्टम और आम लोगों ने कोई सीख नहीं ली. अब ऐसे ही भूकंप को लेकर आईआईटी कानपुर ने बड़ी रिसर्च की, जिसमें पता चला है कि अगर देश में कोई बड़ा भूकंप आया तो गंगा के मैदानी इलाके कानपुर और प्रयागराज में तबाही मच सकती है. 

कितनी तीव्रता के भूकंप से दिक्कत?

आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर निहार रंजन पात्रा के मुताबिक, अगर 6.5 मैग्निट्यूड तीव्रता से ऊपर का भूकंप आया तो कानपुर और प्रयागराज में बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है. दरअसल, इन दोनों शहरों में जमीन के नीचे मिट्टी में बालू के कण बेहद महीन है. वहीं, भूकंप के तेज झटकों से मिट्टी की ताकत खत्म होती जाती है और पानी मिट्टी के साथ बाहर आकर पक्के ढांचों को गिरा देता है.

लिक्विफेक्शन से हुआ था नुकसान

सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर निहार रंजन पात्रा ने बताया कि 1803 और 1934 के दौरान गंगा के मैदानी क्षेत्रों में बड़े भूकंप के बाद लिक्विफेक्शन हुआ. ये क्षेत्र भूकंपीय फॉल्ट पर भी बैठे हैं. वहीं, लिक्विफेक्शन की प्रक्रिया में जमीन के नीचे मौजूद मिट्टी और सिल्ट वाली बालू की ताकत खत्म हो जाती है. भूकंप के झटकों से पानी और मिट्टी मिश्रण के तौर पर बाहर आकर पक्के ढांचों को गिरा देते हैं. गौर करने वाली बात है कि जर्मनी के हर शहर में लिक्विफेक्शन मैप सार्वजनिक स्थानों पर देखे जा सकते हैं.

ग्राउंड इंप्रूवमेंट तकनीक का करें इस्तेमाल

प्रोफेसर पात्रा के मुताबिक, कानपुर और प्रयागराज भूकंप के सिस्मिक जोन 3/4 में आते हैं. ये दोनों शहर हिमालय से 300 किलोमीटर के दायरे में भी हैं. यहां गंगा की मिट्टी में बालू की सिल्ट ज्यादा है और मिट्टी की मजबूती कम है. यहां बड़े निर्माण करते समय ग्राउंड इंप्रूवमेंट तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए.

20 जगहों से नमूने लेकर की गई रिसर्च

प्रोफेसर के मुताबिक, एक प्रोजेक्ट के तहत गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार में लिक्विफेक्शन मैप बनाने के लिए रिसर्च सर्वे किया गया. कड़ी मेहनत के बाद पता चला कि गंगा किनारे बसा कानपुर और यमुना किनारे बसा प्रयागराज बड़े भूकंप में लिक्विफेक्शन के लिहाज से बेहद संवेदनशील हैं. आमतौर पर भूकंप आने पर 8-10 मीटर की गहराई में लिक्विफेक्शन का असर होता है, लेकिन कानपुर और प्रयागराज में यह असर 30-40 मीटर गहराई तक महसूस किया जा सकता है. कानपुर और प्रयागराज में 20-20 जगहों के नमूने इकट्ठे किए थे. कानपुर में गंगा बैराज के पास से बोरहोल करके 70-80 मीटर गहराई से मिट्टी ली गई थी. इसके अलावा लखनऊ और वाराणसी के कुछ हिस्सों में भी लिक्विफेक्शन की प्रक्रिया का अध्ययन किया गया.

यह भी पढ़ें: कैसे बंद किया जाता है एयरस्पेस, स्पाइसजेट की कोई फ्लाइट गलती से बांग्लादेश चली गई तो क्या होगा?

अशोक सिंह 25 सालों से एबीपी न्यूज से जुड़े हैं. कानपुर की राजनीतिक, सामाजिक और क्राइम की खबरों पर नजर रखते हैं. दो जुड़वा बहनों की कहानी दिखाते हुए उन्होंने 3 दिन तक लाइव में अहम भूमिका निभाई थी. इसके लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया. 

Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Assembly Elections 2026: आचार संहिता लागू होने के कितने दिन बाद होते हैं मतदान, देख लीजिए चुनाव का पूरा कैलकुलेशन
आचार संहिता लागू होने के कितने दिन बाद होते हैं मतदान, देख लीजिए चुनाव का पूरा कैलकुलेशन
Assembly Elections 2026: जिन 5 राज्यों में चुनाव वहां सबसे ज्यादा कहां हैं Gen Z वोटर्स, देख लें चुनाव आयोग के आंकड़े
जिन 5 राज्यों में चुनाव वहां सबसे ज्यादा कहां हैं Gen Z वोटर्स, देख लें चुनाव आयोग के आंकड़े
Assembly Elections 2026: पांच राज्यों में चुनाव आयोग ने बनाए कितने पोलिंग बूथ, जानें आपके घर से कितनी दूरी पर पड़ेंगे वोट?
पांच राज्यों में चुनाव आयोग ने बनाए कितने पोलिंग बूथ, जानें आपके घर से कितनी दूरी पर पड़ेंगे वोट?
Assembly Elections 2026: आचार संहिता लागू होने के बाद कौन-कौन से फैसले नहीं ले सकती राज्य सरकार, जानें कितनी कम हो जाती है पावर?
आचार संहिता लागू होने के बाद कौन-कौन से फैसले नहीं ले सकती राज्य सरकार, जानें कितनी कम हो जाती है पावर?
Advertisement

वीडियोज

Sandeep Chaudhary: 21 दिन..निष्पक्ष चुनाव कैसे संभव? विश्लेषकों का सटीक विश्लेषण | Election 2026
Assembly Election 2026: 5 राज्यों में चुनाव..किसका चलेगा दांव? | BJP | TMC | Breaking | ABP News
Opinion Poll 2026:5 राज्यों में तारीखें तय, जानिए अब किसकी बनेगी सरकार? | TMC | BJP | Congress
Assembly Election 2026: आचार संहिता लागू, बदल जाएंगे 5 राज्यों के सियासी समीकरण! जानें पूरा शेड्यूल
Bengal Election 2026: चुनाव की तारीखों से पहले ममता का ₹500 वाला 'चुनावी दांव'!
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
UP News: 'खामेनेई की तरह शहादत मंजूर पर समझौता नहीं', बाराबंकी में गरजे नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद
'खामेनेई की तरह शहादत मंजूर पर समझौता नहीं', बाराबंकी में गरजे नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद
AIMIM नेता अख्तरुल ईमान के साथ तेजस्वी यादव ने किया इफ्तार, राज्यसभा चुनाव से पहले हलचल तेज
AIMIM नेता अख्तरुल ईमान के साथ तेजस्वी यादव ने किया इफ्तार, राज्यसभा चुनाव से पहले हलचल तेज
West Bengal Election 2026: बंगाल में 8 की जगह अब सिर्फ 2 चरणों में चुनाव, ममता बनर्जी के लिए कितना मुश्किल? जानें एक्सपर्ट्स की राय
बंगाल में 8 की जगह सिर्फ 2 चरणों में चुनाव, ममता के लिए कितना मुश्किल? जानें एक्सपर्ट्स की राय
PAK vs BAN: आखिरी ओवर में जीता बांग्लादेश, सांसे रोक देने वाले मैच में पाकिस्तान को 11 रन से हराया
आखिरी ओवर में जीता बांग्लादेश, सांसे रोक देने वाले मैच में पाकिस्तान को 11 रन से हराया
'केडी: द डेविल' के नए गाने ने मचाया धमाल, 'सरके चुनर तेरी सरके' में नोरा फतेही और संजय दत्त ने लगाई आग
'केडी: द डेविल' के नए गाने ने मचाया धमाल, 'सरके चुनर तेरी सरके' में नोरा फतेही और संजय दत्त ने लगाई आग
Iran-Israel War: LPG संकट ने गिग वर्कर्स पर ढाया कहर, कमाई पर पड़ा असर, घर चलाने में हो रही परेशानी
LPG संकट ने गिग वर्कर्स पर ढाया कहर, कमाई पर पड़ा असर, घर चलाने में हो रही परेशानी
Tamil Nadu Election 2026 Dates: तमिलनाडु विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को डाले जाएंगे वोट, 4 मई को नतीजों का ऐलान, जानें पूरा शेड्यूल
Tamil Nadu Election 2026 Dates: तमिलनाडु विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को डाले जाएंगे वोट, 4 मई को नतीजों का ऐलान, जानें पूरा शेड्यूल
Video: गैस या फिर इंडक्शन, किस पर खाना बनाना है सस्ता, वायरल वीडियो ने दूर किए सारे शक, यूजर्स हैरान
गैस या फिर इंडक्शन, किस पर खाना बनाना है सस्ता, वायरल वीडियो ने दूर किए सारे शक, यूजर्स हैरान
Embed widget