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US Iran Peace Talks: अमेरिका ने ईरान पर लगाए थे कौन-कौन से प्रतिबंध, शांति वार्ता में जिनको हटाने की हो रही मांग

US Iran Peace Talks: पाकिस्तान में इस वक्त अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता चल रही है. इसी बीच आइए जानते हैं अमेरिका ने ईरान पर कौन-कौन से प्रतिबंध लगाए हुए हैं.

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  • ईरान प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहा है.
  • ईरान को बैंकिंग, वित्तीय पहुंच बहाल चाहिए.
  • ईरान फ्रीज संपत्ति जारी करने पर जोर दे रहा.
  • ईरान से तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटें.

US Iran Peace Talks: अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता अभी इस्लामाबाद में चल रही है. मिडिल ईस्ट में चल रहा यह तनाव अभी भी रुका नहीं है. इन बातचीत के केंद्र में एक बड़ा मुद्दा सामने आ रहा है. ईरान की मांग है कि उस पर बड़े पैमाने पर लगे आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंधों को हटाया जाए. अपने 10 सूत्री प्रस्ताव के हिस्से के तौर पर तेहरान ने यह साफ कर दिया है कि इन प्रतिबंधों को हटाना  आने वाले समय के लिए एक पूर्व शर्त है.

 प्राइमरी और सेकेंडरी प्रतिबंध

ईरान की सबसे बड़ी मांगों में से एक है प्राइमरी और सेकेंडरी दोनों तरह के प्रतिबंधों को पूरी तरह से हटाया जाए. प्राइमरी प्रतिबंध अमेरिकी कंपनियों और नागरिकों को ईरान के साथ किसी भी तरह का व्यापार करने से रोकते हैं. सेकेंडरी प्रतिबंध एक कदम और आगे जाते हैं. वे उन विदेशी कंपनियों और देशों को दंडित करते हैं जो ईरान के साथ जुड़ते हैं. इन प्रतिबंधों ने ईरान को वैश्विक व्यापार नेटवर्क से अलग-थलग कर दिया है.

बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली पर बैन

ईरान दुनिया के साथ अपनी वित्तीय कनेक्टिविटी को बहाल करने पर भी जोर दे रहा है. इसमें उसके केंद्रीय बैंक पर लगे प्रतिबंधों को हटाना और वैश्विक बैंकिंग प्रणाली, खासकर SWIFT नेटवर्क तक दोबारा पहुंच को हासिल करना शामिल है. इस पहुंच के बिना ईरान को अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है.

फ्रोजन एसेट्स

एक और बड़ा मुद्दा ईरान के विदेशो में फ्रीज हुए एसेट्स हैं. ईरान के अरबों डॉलर विदेशी बैंकों में अभी भी फ्रीज हैं. तेहरान अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए इन फंडों को तुरंत जारी करने की मांग कर रहा है.

तेल और ऊर्जा निर्यात पर प्रतिबंध 

ईरान की अर्थव्यवस्था काफी हद तक तेल और गैस के एक्सपोर्ट पर निर्भर करती है. अमेरिका द्वारा लगाए गए बैन ने ईरान की कच्चे तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों को वैश्विक स्तर पर बेचने की क्षमता को सीमित कर दिया है. इन बैन को हटाना ईरान की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.

शिपिंग, बंदरगाह और इंडस्ट्रियल सेक्टर

प्रतिबंधों ने ईरान के शिपिंग उद्योग, बंदरगाह संचालक और यहां तक कि उसके ऑटोमोटिव क्षेत्र को भी निशाना बनाया है. इन पाबंदियों ने व्यापार से जुड़ी लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास को बाधित किया है. 

संयुक्त राष्ट्र और परमाणु संबंधी प्रतिबंध 

ईरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी जैसे वैश्विक निकायों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को वापस लेने की मांग कर रहा है. इसके अलावा वह शांतिपूर्ण उद्देश्य के लिए यूरेनियम एनरिच के अपने अधिकार को औपचारिक मान्यता  दिए जाने की भी मांग कर रहा है. 

इस बातचीत में ईरान मध्य पूर्व से अमेरिकी सेनाओं के वापसी, भविष्य के हमले के विरुद्ध गारंटी और प्रतिबंधों की वजह से हुए आर्थिक नुकसान के लिए मुआवजे की भी मांग कर रहा है.

यह भी पढ़ें: भारत में SBI तो ईरान में कौन है सबसे बड़ा बैंक, जानें उसके पास कितना रुपया?

स्पर्श गोयल एबीपी लाइव के साथ कंटेंट राइटर के तौर पर जुड़े हुए हैं. वह जनरल नॉलेज बीट की जिम्मेदारी संभालते हैं. कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में उन्हें चार साल का अनुभव है. एबीपी से पहले वह डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद में करीब दो साल तक काम कर चुके हैं. उन्होंने नमस्कार भारत से अपने करियर की शुरुआत की थी. .

वह अलग-अलग विषयों पर रिसर्च करके पाठकों के लिए जानकारी को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण अंदाज में पेश करते हैं. उन्होंने न्यूज राइटिंग के साथ-साथ स्क्रीनराइटिंग में भी अपनी पकड़ मजबूत की.

उन्होंने मां शाकुम्भरी यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. इसके साथ उन्होंने एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलिविजन से स्क्रीनप्ले का डिप्लोमा भी हासिल किया है.

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