Iran Dancing Missile: कितनी खतरनाक है ईरान की डांसिंग मिसाइल, जानें कितनी दूर तक कर सकती है हमला
Iran Dancing Missile: मिडिल ईस्ट के तनाव के दौरान ईरान ने कथित तौर पर सेज्जिल मिसाइल का इस्तेमाल किया. आइए जानते हैं कि यह मिसाइल कितनी दूर तक हमला कर सकती है.

Iran Dancing Missile: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने कथित तौर पर अपनी सबसे एडवांस्ड बैलिस्टिक मिसाइल में से एक को पहली बार तैनात किया है. इस मिसाइल का नाम है सेज्जिल मिसाइल. इसे डांसिंग मिसाइल भी कहा जाता है. यह मिसाइल अपनी गति, पैंतरेबाजी की क्षमता और आधुनिक हवाई रक्षा प्रणालियों को चुनौती देने की क्षमता की वजह से काफी मशहूर है. आइए जानते हैं कि यह कितनी दूरी तक हमला कर सकती है.
क्यों कहा जाता है इसे डांसिंग मिसाइल?
डांसिंग मिसाइल का नाम इसकी एडवांस्ड पैंतरेबाजी की क्षमता की वजह से मिला है. पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइल के उलट सेज्जिल उड़ान के बीच में और यहां तक की अपने फाइनल अवतरण के दौरान भी अपनी दिशा को बदल सकती है. इस तकनीक की वजह से रक्षा प्रणालियों के लिए इसे ट्रैक करना और रोकना काफी मुश्किल हो जाता है.
तेज गति की क्षमता
इस मिसाइल के सबसे खतरनाक पहलुओं में से एक इसकी रफ्तार है. यह मिसाइल कथित तौर पर मैक 13 से 14 की रफ्तार से यात्रा कर सकती है. यह ध्वनि की गति से 13-14 गुना ज्यादा है. इतनी तेज रफ्तार पर इसे रोकने के लिए प्रतिक्रिया का समय काफी कम हो जाता है. इससे रक्षा प्रणालियों को प्रतिक्रिया देने के लिए काफी कम समय मिलता है.
लंबी मारक क्षमता
इस मिसाइल की परिचालन सीमा लगभग 2000 से 2500 किलोमीटर है. इससे ना सिर्फ पूरा इजरायल इसकी पहुंच में आ जाता है बल्कि पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिका के कई सैन्य ठिकाने भी इसकी जद में आ जाते हैं.
बेहद कम उड़ान समय
अपनी तेज रफ्तार की वजह से यह मिसाइल कथित तौर पर ईरान से इजरायल तक पहुंचने में लगभग 7 मिनट का समय लेती है. हमले की यह रफ्तार चेतावनी के समय को काफी कम कर देती है. इससे लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचना या फिर मिसाइल को रोकना और भी मुश्किल हो जाता है.
भारी पेलोड ले जाने की क्षमता
सेज्जिल 700 से 1000 किलोग्राम वजन का वॉरहेड ले जाने में सक्षम है. इससे यह टकराने पर भारी तबाही मचा सकती है. यह युद्ध की स्थितियों में इसके खतरे के स्तर को और बढ़ा देता है.
इसी के साथ पुराने तरल ईंधन वाले मिसाइलों के उलट सेज्जिल ठोस ईंधन का इस्तेमाल करती है. इससे इसे जल्दी से लॉन्च करने के लिए तैयार किया जा सकता है और यह ज्यादा गतिशील होती है. इसका मतलब है कि इसे काफी कम तैयारी के समय में अलग-अलग जगहों से दागा जा सकता है. इससे इसका पता लगाना और इस पर पहले से हमला करना और भी मुश्किल हो जाता है.
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Source: IOCL




























