PNG कैसे की जाती है स्टोर, देश में इस वक्त कितने दिन की पीएनजी?
CNG PNG Supply: हाल ही में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने यह जारी किया है कि देश में गैस की सप्लाई में कोई कमी नहीं है. इसी बीच आइए जानते हैं कि पीएनजी को कैसे स्टोर किया जाता है.

CNG PNG Supply: एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी जैसे खाना पकाने और ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल होने वाले ईंधनों की संभावित कमी की अफवाहों के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने हाल ही में मामले को समझने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. मंत्रालय का कहना है कि देश में गैस की सप्लाई में कोई भी कमी नहीं है. मंत्रालय के मुताबिक पूरे भारत में लगभग 25000 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर में से किसी के पास भी स्टॉक खत्म होने की कोई भी रिपोर्ट नहीं मिली है. इसी के साथ पाइप नेचुरल गैस और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस की भी सप्लाई बिना किसी रूकावट के जारी है. इसी बीच आइए जानते हैं कि पीएनजी को कैसे स्टोर किया जाता है और देश में इस वक्त कितने दिन की पीएनजी है.
पीएनजी को कैसे स्टोर किया जाता है?
एलपीजी सिलेंडरों के उलट पीएनजी को घरों में या फिर किसी एक केंद्रीय जगह पर स्टोर नहीं किया जा सकता. इसके बजाय इसे एक लगातार चलने वाले पाइपलाइन सिस्टम के जरिए पहुंचाया जाता है. पीएनजी में मुख्य रूप से मीथेन होती है. यह जमीन के नीचे तेल और गैस के भंडारों से निकाली गई एक प्राकृतिक गैस है. प्रोसेसिंग के बाद इस गैस को पाइप लाइनों के एक बड़े नेटवर्क के जरिए ट्रांसपोर्ट किया जाता है. यह इसे सीधे घर, उद्योग और कमर्शियल जगहों तक पहुंचाता है. यह सिस्टम पानी की सप्लाई के नेटवर्क की तरह काम करता है.
पूरे देश में पाइपलाइन का इंफ्रास्ट्रक्चर
भारत ने शहरों और औद्योगिक क्षेत्र में पीएनजी की सप्लाई के लिए एक काफी बड़ा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन नेटवर्क बनाया है. ऐसी ही एक मुख्य पाइपलाइन है हजीरा विजयपुर जगदीशपुर पाइपलाइन. इसका संचालन GAIL (INDIA) Limited करती है.
घरों में गैस स्टोर करने की कोई जरूरत नहीं
क्योंकि पीएनजी की सप्लाई पाइप लाइनों के जरिए होती है इस वजह से उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडरों की तरह घर में गैस स्टोर करने की कोई जरूरत नहीं पड़ती. गैस दिन के 24 घंटे उपलब्ध रहती है और जब भी इसकी जरूरत होती है यह पाइप लाइनों के जरिए बहती रहती है. यह सिस्टम घरों के स्तर पर गैस स्टोर करने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत को कम करता है.
सुरक्षित सप्लाई के लिए प्रेशर कंट्रोल
सप्लाई सिस्टम में सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए पाइप लाइनों में गैस के प्रेशर को काफी सावधानी से कंट्रोल किया जाता है. सिटी गेट स्टेशन और जिला रेगुलेटरी स्टेशन जैसी जगहों पर गैस के रिहायशी या कमर्शियल इलाकों तक पहुंचने से पहले उसके प्रेशर को कम और रेगुलेट किया जाता है. ये सिस्टम प्रेशर के सुरक्षित स्तर को बनाए रखते हैं. इससे दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है और उपभोक्ताओं तक गैस की लगातार सप्लाई भी सुनिश्चित होती है.
भारत में मौजूद एनर्जी स्टॉक की स्थिति
रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत का कुल एनर्जी भंडार सुरक्षित बना हुआ है. देश के पास अभी 74 दिनों के लिए कच्चा तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद हैं. यह स्टॉक वैश्विक सप्लाई चेन में आने वाली रूकावटों से देश को बचाने के लिए एक बफर का काम करता है.
रणनीतिक भंडार और इमरजेंसी बैकअप
कुल भंडार में से भारत लगभग 50 दिनों के कच्चे तेल और रिफाइंड ईंधन स्टॉक को एक खास बैकअप सप्लाई के तौर पर रखता है. इसमें रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार में जमा 25 दिनों का ईंधन और तेल मार्केटिंग कंपनियों के पास मौजूद 25 दिनों का अतिरिक्त ईंधन शामिल है.
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Source: IOCL




























