एक्सप्लोरर

दुनिया के सिर्फ 9 देशों के पास ही क्यों है परमाणु बम, बाकी देश क्यों नहीं बना पाते?

इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे चली बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई है. आइए जानें कि आखिर दुनिया के सिर्फ नौ देश ही परमाणु बम क्यों बना पाए, बाकी देश इसे क्यों नहीं बना सके.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता बिना समझौते के समाप्त हुई.
  • एनपीटी संधि नए देशों को परमाणु हथियार बनाने से रोकती है.
  • पांच देश (US, Russia, UK, China, France) कानूनी रूप से संपन्न.
  • भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया, इजराइल ने संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए.

पाकिस्तान की मेजबानी में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बेहद अहम शांति वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को साफ किया कि अथक प्रयासों के बावजूद दोनों पक्षों के बीच मतभेदों को कम नहीं किया जा सका. हालांकि, वेंस ने मेजबान देश के तौर पर पाकिस्तान की भूमिका, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के प्रयासों की जमकर तारीफ की. 1979 के बाद पहली बार हुई इस सीधी वार्ता का विफल होना वैश्विक स्थिरता के लिए चिंता का विषय है. इसी बीच पहले यह जान लेते हैं कि आखिर सिर्फ 9 देश ही परमाणु संपन्न क्यों बने, बाकी देश ऐसा क्यों नहीं कर पाए.

परमाणु शक्ति संपन्न देशों का खास क्लब

दुनिया में इस समय केवल 9 ऐसे देश हैं जिनके पास आधिकारिक तौर पर परमाणु हथियार मौजूद हैं. इन देशों में अमेरिका, रूस, इंग्लैंड, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इजराइल शामिल हैं. दिलचस्प बात यह है कि पूरी दुनिया में कुल 12,121 परमाणु हथियार हैं, लेकिन इनमें से 90% हिस्सा अकेले रूस और अमेरिका के पास हैं. रूस 5580 हथियारों के साथ पहले नंबर पर है, जबकि अमेरिका 5044 हथियारों के साथ दूसरे स्थान पर काबिज है.

सिर्फ 9 देश ही क्यों हैं परमाणु संपन्न?

जर्मनी, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित और शक्तिशाली देशों के पास परमाणु बम न होने का सबसे बड़ा कारण एनपीटी (Nuclear Non-Proliferation Treaty) है. 1968 में अपनाई गई और 1970 में लागू हुई इस संधि का मुख्य उद्देश्य दुनिया को परमाणु युद्ध के खतरे से बचाना था. अब तक 190 देशों ने इस पर दस्तखत किए हैं. यह संधि नए देशों को परमाणु हथियार बनाने से रोकती है और केवल उन पांच देशों को इसकी अनुमति देती है जिन्होंने 1967 से पहले परीक्षण कर लिए थे.

यह भी पढ़ें: US National Debt: अमेरिका पर कितना है कर्ज, जानें किस-किस से ले रखा है उधार?

पांच बड़े देशों का एकाधिकार और नियम

एनपीटी संधि के तहत केवल अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, चीन और फ्रांस को ही परमाणु हथियार रखने का कानूनी अधिकार प्राप्त है. इन्हें परमाणु हथियार संपन्न राज्य माना जाता है, क्योंकि इन्होंने संधि लागू होने से पहले ही अपनी परमाणु क्षमता सिद्ध कर दी थी. बाकी 185 से अधिक देश जिन्होंने इस संधि पर हस्ताक्षर किए हैं, वे तकनीकी रूप से सक्षम होने के बावजूद परमाणु हथियार नहीं बना सकते क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन माना जाएगा.

निहत्थे देशों की सुरक्षा का जिम्मा और भरोसा

मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि अगर किसी परमाणु शक्ति संपन्न देश ने किसी निहत्थे देश पर हमला कर दिया तो क्या होगा? एनपीटी संधि के तहत यह प्रावधान है कि जो देश परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी परमाणु संपन्न मित्र देश उठाएंगे. इसे न्यूक्लियर अंब्रेला कहा जाता है. उदाहरण के तौर पर, अमेरिका दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देशों को सुरक्षा की गारंटी देता है, जैसा कि उसने 1950 के दशक के युद्ध के दौरान सैन्य हस्तक्षेप करके दिखाया था.

भारत और पाकिस्तान ने कैसे बना लिए बम?

जब संधि केवल पांच देशों को इजाजत देती है, तो भारत और पाकिस्तान ने परमाणु बम कैसे बना लिए? इसका सीधा जवाब यह है कि भारत और पाकिस्तान ने एनपीटी (NPT) संधि पर कभी हस्ताक्षर ही नहीं किए. इन देशों का तर्क था कि यह संधि भेदभावपूर्ण है. भारत ने अपनी सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए परीक्षण किए, जिसके बाद पाकिस्तान ने भी अपनी परमाणु क्षमता का प्रदर्शन किया. चूंकि ये देश संधि का हिस्सा नहीं थे, इसलिए तकनीकी रूप से उन पर संधि की पाबंदियां लागू नहीं हुईं.

उत्तर कोरिया और इजराइल की अलग कहानी

उत्तर कोरिया और इजराइल का मामला थोड़ा पेचीदा है. उत्तर कोरिया पहले एनपीटी संधि का हिस्सा था, लेकिन बाद में उसने परमाणु परीक्षण किए और संधि से बाहर निकल गया. आज वह एक घोषित परमाणु शक्ति है. दूसरी ओर, इजराइल ने कभी भी खुलकर अपने परमाणु कार्यक्रम की घोषणा नहीं की है, लेकिन माना जाता है कि उसने गुपचुप तरीके से परमाणु हथियार विकसित कर लिए हैं. ये दोनों देश अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद अपनी परमाणु नीति पर कायम हैं.

परमाणु बम बनाने में और क्या हैं चुनौतियां?

परमाणु बम न बना पाने का कारण सिर्फ संधि ही नहीं, बल्कि भारी खर्च और वैज्ञानिक चुनौतियां भी हैं. इसके अलावा, अगर कोई नया देश परमाणु परीक्षण करने की कोशिश करता है, तो उस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए जाते हैं, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था तबाह हो सकती है. ईरान का उदाहरण हमारे सामने है, जो लंबे समय से परमाणु कार्यक्रम को लेकर वैश्विक प्रतिबंधों और दबाव का सामना कर रहा है. यही वजह है कि अधिकांश देश परमाणु हथियारों के बजाय आर्थिक विकास पर ध्यान देना बेहतर समझते हैं.

यह भी पढ़ें: Ayush Mhatre IPL Salary: IPL के एक मैच के लिए आयुष म्हात्रे को कितनी फीस देता है CSK, वैभव सूर्यवंशी से कम या ज्यादा?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Fiji Port Project: क्या है फिजी पोर्ट प्रोजेक्ट? भारत समेत चार देश मिलकर ऐसे निकालेंगे चीन की हेकड़ी, यहां जान लीजिए
क्या है फिजी पोर्ट प्रोजेक्ट? भारत समेत चार देश मिलकर ऐसे निकालेंगे चीन की हेकड़ी, यहां जान लीजिए
SIR Policy: क्या है SIR की क्लीन डेटा पॉलिसी ? क्या इससे सच में हो रहा लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन
क्या है SIR की क्लीन डेटा पॉलिसी ? क्या इससे सच में हो रहा लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन
Abrahamic Religions: इस्लाम-यहूदी और ईसाई... इन तीनों धर्मों में क्या-क्या है समानता? जान लें सब कुछ
इस्लाम-यहूदी और ईसाई... इन तीनों धर्मों में क्या-क्या है समानता? जान लें सब कुछ
दिल्ली नहीं इस खूबसूरत शहर में है भारत का राष्ट्रपति निवास, गर्मियों में क्यों होना पड़ता है यहां शिफ्ट?
दिल्ली नहीं इस खूबसूरत शहर में है भारत का राष्ट्रपति निवास, गर्मियों में क्यों होना पड़ता है यहां शिफ्ट?
Advertisement

वीडियोज

Nagma Mirajkar और Ayaan Lal की dating rumours ने सोशल मीडिया पर मचाई हलचल
Vasudha: Vasudha-Dev के बीच शुरू हुआ रोमांस, खत्म हुआ फैंस का इंतजार!
Bollywood News: श्रद्धा कपूर के डांस वीडियो ने मचाया तहलका, राहुल मोदी संग रिश्ते की चर्चा फिर तेज (28.05.26)
यो यो हनी सिंह ने किया चौंकाने वाला खुलासा, बताया- भारी दवाइयों की वजह से हुए थे गंजे
NEET छात्रों के हक में Rajnath Singh का बड़ा कदम! | NTA | Dharmendra Pradhan | Latest News
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'तुरंत लौटो अपने देश', घुसपैठिए को अमित शाह की चेतावनी, चिकन नेक की जमीन BSF को सौंपी गई
'तुरंत लौटो अपने देश', घुसपैठिए को अमित शाह की चेतावनी, चिकन नेक की जमीन BSF को सौंपी गई
मशहूर शायर बशीर बद्र के निधन पर CM मोहन यादव ने जताया शोक, बोले- 'शायरी से जिंदगी को आसान...'
मशहूर शायर बशीर बद्र के निधन पर CM मोहन यादव ने जताया शोक, बोले- 'शायरी से जिंदगी को आसान...'
रितेश देशमुख का खास शख्स के नाम इमोशनल पोस्ट, शेयर की 'राजा शिवाजी' के बिहाइंड द सीन की फोटोज
रितेश देशमुख का खास शख्स के नाम इमोशनल पोस्ट, शेयर की 'राजा शिवाजी' के बिहाइंड द सीन की फोटोज
सचिन तेंदुलकर के ट्वीट पर वैभव सूर्यवंशी का रिएक्शन हुआ वायरल, कहा- क्रिकेट का भगवान...
सचिन तेंदुलकर के ट्वीट पर वैभव सूर्यवंशी का रिएक्शन हुआ वायरल, कहा- क्रिकेट का भगवान...
Exclusive: 'नीट परीक्षा में एयर फोर्स की मदद, माफियाओं पर एक्शन और सीबीएसई OSM... एबीपी न्यूज़ से क्या-क्या बोले धर्मेन्द्र प्रधान
Exclusive: 'नीट एग्जाम में एयर फोर्स, माफियाओं पर एक्शन और CBSE ... क्या बोले धर्मेन्द्र प्रधान?
‘बंगाल में पहले रोज होती थी घुसपैठ, अब घुसपैठिए वापस जाने लगे’, शुभेंदु सरकार के एक्शन पर बोले शाह
‘बंगाल में पहले रोज होती थी घुसपैठ, अब घुसपैठिए वापस जाने लगे’, शुभेंदु सरकार के एक्शन पर बोले शाह
बीजेपी संगठन में बड़ा फेरबदल, हरियाणा समेत इन 4 राज्यों के बदले प्रदेश अध्यक्ष
बीजेपी संगठन में बड़ा फेरबदल, हरियाणा समेत इन 4 राज्यों के बदले प्रदेश अध्यक्ष
Vaibhav Suryavanshi: गेल का रिकॉर्ड तोड़ने वाले वैभव का घर देखकर हैरान रह जाएंगे, पिता का संघर्ष जीत लेगा आपका दिल
गेल का रिकॉर्ड तोड़ने वाले वैभव का घर देखकर हैरान रह जाएंगे, पिता का संघर्ष जीत लेगा आपका दिल
Embed widget