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IAS और IPS अधिकारियों की कहां होती है ट्रेनिंग? इस एक जगह जमा होते हैं सब लोग

Training Of IAS And IPS Officers: यूपीएससी की परीक्षा सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है. इसके बाद आईएएस और आईपीएस तैयार होते हैं. चलिए जानें कि इन दोनों की ट्रेनिंग कहां होती है.

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाती है. इसमें हर साल लाखों की संख्या में उम्मीवार शामिल होते हैं, लेकिन कुछ ही होते हैं, जो कि एग्जाम और इंटरव्यू के आधार पर सफल हो पाते हैं. एग्जाम पास करने वाले कैंडिडेट्स आईएएस, आईएफएस या फिर आईपीएस बनने का सपना देखते हैं. लेकिन रैंक के आधार पर यह तय किया जाता है कि किस कैंडिडेट को कौन सी सर्विस में जाने का मौका मिलेगा. आपने आईएएस और आईपीएस की ट्रेनिंग के बारे में तो खूब सुना होगा. आइए आज जानते हैं कि इनकी ट्रेनिंग कहां पर होती है. 

कहां पर होती है IPS और IAS की ट्रेनिंग

जब भी कोई कैंडिडेट यूपीएससी की परीक्षा पास कर लेता है और आईपीएस या आईएएस चुनता है तो सबसे पहले उसको ट्रेनिंग के लिए लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी (LBSNAA)  जाना होता है. आईपीएस की ट्रेनिंग को चार हिस्सों में बांटा गया है, जिनमें फाउंडेशन कोर्स, फेज 1 ट्रेनिंग, डिस्ट्रिक्ट प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और फेज 2 ट्रेनिंग में बांटा गया है. चारों फेज की ट्रेनिंग लोकेशन अलग-अलग होती है. फाउंडेशन कोर्स LBSNAA में होता है. यहां पर ऑल इंडिया सर्विसेज के सेंट्रल सर्विसेज (ग्रुप ए) के फ्रेश रिक्रूटर्स को तैयार किया जाता है. ये तीन महीने की ट्रेनिंग होती है, इसके बाद से आईएएस और आईपीएस की ट्रेनिंग अलग-अलग हो जाती है. 

कैसे होती है ट्रेनिंग

इसके बाद आईपीएस की ट्रेनिंग का अगला पड़ाव होता है IPS Training Centre. यह सेंटर है सरदार वल्लभ भाई पटेल नेशनल पुलिस अकादमी, हैदराबाद. आईपीएस ट्रेनी का यह प्रीमियम संस्थान है. यहां पर 11 महीनों की कठिन ट्रेनिंग के बाद इन ट्रेनी को ड्यूटी निभाने के लिए उनको कैडर अलॉट किया जाता है और वहां भेज दिया जाता है. वहां पर उनकी फिजिकल ट्रेनिंग होती है और उनको पूरी तरह से आगे के लिए तैयार किया जाता है. आईएस अधिकारियों को LBSNAA में  शारीरिक और मानसिक रूप से प्रशिक्षित किया जाता है. 

LBSNAA में कितनी लगती है फीस

फीस की बात करें तो LBSNAA में प्रशिक्षु अधिकारियों को बहुत कम फीस का भुगतान करना होता है. केवल एक शख्स के कमरे के लिए एक प्रशिक्षु को प्रति माह 350 रुपये का भुगतान करना होता है, जबकि दो लोगों के लिए कमरे का किराया175 रुपये प्रति व्यक्ति है. इसमें बिजली, पानी जैसी चीजों की कीमतें भी शामिल हैं. इसके अलावा कुल मेस का शुल्क 10,000 रुपये देना होता है. यहां पर प्रशिक्षु आईपीएस और आईएएस को हॉस्टल, गेम्स, खाना, साइकिलिंग, कॉम्प्लेक्स, जिम, लाइब्रेरी और आईटी सेवा जैसी अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं. यहां उनको डॉक्टर भी दिया जाता है. 

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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