Union Budget 2026: जब निर्मला सीतारमण ने बजट पढ़ने से कर दिया था इनकार, जानें भरे सदन में उन्होंने क्यों कहा था ऐसा?
Union Budget 2026: निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को नौंवी बार केंद्रीय बजट पेश करेंगी. इसी बीच आइए जानते हैं कि इतिहास में उन्होंने कब बजट पढ़ने से मना कर दिया था.

Union Budget 2026: इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नौंवी बार केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं. टैक्स देने वाले, उद्योग, किसान, महिलाएं और युवा सभी उन पॉलिसी संकेतों का इंतजार करते हैं जो भारत की आर्थिक दिशा तय करते हैं. लेकिन संसद के इतिहास में एक ऐसा पल भी है जो आज भी याद किया जाता है. एक बार निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण बीच में ही पढ़ना बंद कर दिया था. आइए जानते हैं क्या थी इसकी वजह.
कब रुका था बजट भाषण
1 फरवरी 2020 को केंद्रीय बजट पेश करते समय निर्मला सीतारमण पहले ही ढाई घंटे से ज्यादा समय से लगातार बोल रही थीं. अचानक से वे बोलते हुए रुक गई. सिर्फ दो पेज ही बाकी थे जब उन्होंने लोकसभा को बताया कि वह आगे जारी नहीं रख सकेंगी. उन्होंने स्पीकर से अनुरोध किया कि बचे हुए हिस्से को पढ़ा हुआ मान लिया जाए.
भारतीय इतिहास का सबसे लंबा बजट भाषण
उस दिन निर्मला सीतारमण ने लगभग 160 से 162 मिनट लंबा भाषण दिया. यह भारत के संसदीय इतिहास में अब तक का सबसे लंबा बजट भाषण था. दिलचस्प बात यह है कि पिछला रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम था जो उन्होंने 2019 में 2 घंटे से ज्यादा के भाषण के साथ बनाया था. 2020 के बजट ने संसदीय रिकॉर्ड में उनकी जगह पक्की कर दी थी.
स्वास्थ्य समस्याएं जिन्होंने उन्हें रुकने पर मजबूर किया
जैसे ही भाषण अपने अंतिम चरण में पहुंच सीतारमण की शारीरिक स्थिति बिगड़ने लगी. उन्हें काफी ज्यादा पसीना आ रहा था और वह असहज दिख रही थीं. बाद में उन्होंने डिहाइड्रेशन और लो ब्लड शुगर को वजह बताया. रिपोर्ट्स के मुताबिक लंबे समय तक खड़े रहने और लगातार बोलने की वजह से थकान और ब्लड प्रेशर में गिरावट आई.
संसद के अंदर का माहौल तेजी से चिंता में बदल गया. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और हरसिमरत कौर बादल ने उनकी हालत स्थिर करने के लिए उन्हें पानी और चीनी दी. इसके बाद सीतारमण ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से औपचारिक अनुरोध किया कि बचे हुए भाषण को पढ़ा हुआ मान लिया जाए. अगर आज की बात करें तो निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करने की तैयारी कर रही हैं. यह किसी भी महिला वित्त मंत्री द्वारा लगातार सबसे ज्यादा बजट पेश करने का एक ग्लोबल रिकॉर्ड होगा.
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