एक्सप्लोरर

Sanatan Dharma: कितना पुराना है सनातन धर्म, जानिए कब-कब और किन हस्तियों ने की इसे मिटाने की बातें?

Sanatan Dharma: सनातन धर्म अरबों वर्ष पुराना और शाश्वत माना गया है, जिसकी जड़ें वेदों और चार युगों में निहित हैं. आइए जानते हैं किन-किन नेताओं ने इस धर्म को मिटाने और हटाने के बारे में बातें की हैं.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • सनातन धर्म को लेकर उदयनिधि स्टालिन के बयान ने राजनीतिक गरमाहट बढ़ाई.
  • उदयनिधि ने सनातन को बीमारियों से जोड़कर खत्म करने की बात कही.
  • डीएमके नेताओं ने भी सनातन को सामाजिक कलंक करार दिया.
  • पेरियार के आत्मसम्मान आंदोलन से सनातन विरोध की जड़ें जुड़ी हैं.

Sanatan Dharma: सनातन धर्म को लेकर देश की राजनीति में एक बार फिर उबाल आ गया है. तमिलनाडु विधानसभा में उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म को खत्म करने के आह्वान ने इस प्राचीन परंपरा और इसके विरोधियों के इतिहास को चर्चा के केंद्र में ला दिया है. एक तरफ जहां सनातन को सृष्टि के आदि और अंत से जोड़कर देखा जाता है, वहीं दूसरी तरफ कुछ राजनीतिक हस्तियां इसे सामाजिक बुराइयों की जड़ मानकर मिटाने की बात कर रही हैं. यह बहस केवल वर्तमान बयानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार हजारों साल पुराने इतिहास और पौराणिक मान्यताओं से जुड़े हैं. आइए समझते हैं कि आखिर यह धर्म कितना पुराना है और कौन इसे क्यों निशाना बनाता रहा है.

सनातन का अर्थ और इसकी प्राचीनता

'सनातन' शब्द का शाब्दिक अर्थ ही 'शाश्वत' है, यानी वह जो सदा से है और सदा बना रहने वाला है. इसे दुनिया का सबसे पुराना धर्म माना जाता है, जिसका न कोई आदि है और न ही कोई अंत. सिंधु घाटी सभ्यता की खुदाई में मिलने वाले अवशेषों से इसके चिह्न स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं. आधुनिक शोध और वैज्ञानिक आधार पर इसे कम से कम 12,000 वर्ष पुराना माना गया है, लेकिन पौराणिक मान्यताओं और हिंदू ग्रंथों के अनुसार, यह धर्म 90,000 वर्षों से भी अधिक प्राचीन है. यह केवल एक पंथ नहीं, बल्कि एक जीवन पद्धति है जिसमें ब्रह्मांड के समस्त ग्रह और नक्षत्र समाहित हैं.

चार युगों का कालक्रम और आधार

वैदिक शास्त्रों के अनुसार, काल चक्र को चार युगों में बांटा गया है- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलियुग. सतयुग की अवधि 17 लाख 28 हजार वर्ष मानी गई है, जबकि त्रेतायुग जिसमें भगवान राम हुए, वह 12 लाख 96 हजार वर्ष का था. द्वापरयुग, जो भगवान कृष्ण का समय था, वह 8 लाख 64 हजार वर्ष का बताया गया है. वर्तमान में हम कलियुग में हैं, जिसकी कुल अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई गई है. इन युगों के आधार के रूप में चार धाम- बद्रीनाथ, रामेश्वरम, द्वारिकाधीश और जगन्नाथ पुरी स्थापित हैं, जो सनातन की जड़ों को मजबूती प्रदान करते हैं.

यह भी पढ़ें: Tamil Nadu liquor shops closure: सीएम बनते ही विजय ने तमिलनाडु की 717 दुकानों को लगाया ताला, इससे सरकार को कितना होगा घाटा?

उदयनिधि स्टालिन के विवादित बयान

सनातन धर्म को मिटाने की बहस सितंबर 2023 में तब शुरू हुई जब उदयनिधि स्टालिन ने चेन्नई में एक सम्मेलन के दौरान इसकी तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोना जैसी बीमारियों से की. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इसे केवल विरोध की जरूरत नहीं है, बल्कि इसे जड़ से खत्म कर देना चाहिए. हाल ही में, मई 2026 में तमिलनाडु विधानसभा में अपने पहले भाषण के दौरान उन्होंने फिर से इन बातों को दोहराया. उनका तर्क है कि सनातन धर्म लोगों को जाति के आधार पर बांटता है, इसलिए इसे सामाजिक समानता के लिए समाप्त करना अनिवार्य है.

विरोध करने वाली और कितनी हस्तियां?

उदयनिधि अकेले ऐसे नेता नहीं हैं, जिन्होंने इस तरह की बयानबाजी की है. डीएमके सांसद ए. राजा ने इस विवाद को और बढ़ाते हुए सनातन धर्म की तुलना एचआईवी (HIV) और कुष्ठ रोग जैसे सामाजिक कलंकों से कर दी. उन्होंने इसे देश और दुनिया के लिए खतरा बताया. 

वहीं, डीएमके मंत्री के. पनमुरी का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि विपक्ष का 'इंडिया अलायंस' मुख्य रूप से सनातन धर्म को खत्म करने के लिए ही गठित किया गया है. इन बयानों ने देशभर में धार्मिक और राजनीतिक ध्रुवीकरण को और तेज कर दिया है.

पेरियार और आत्मसम्मान आंदोलन का इतिहास

सनातन धर्म के कड़े विरोध की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि 'पेरियार' ई.वी. रामासामी के विचारों में मिलती है. उदयनिधि और डीएमके नेता अक्सर पेरियार का हवाला देते हैं. पेरियार ने 1925 में 'आत्मसम्मान आंदोलन' की शुरुआत की थी, जिसमें उन्होंने जाति व्यवस्था और ब्राह्मणवाद के विरोध के नाम पर सनातन धर्म पर तीखे प्रहार किए थे. उन्होंने धर्म और ईश्वर के अस्तित्व को चुनौती देते हुए इसे दलितों और पिछड़ों के शोषण का हथियार बताया था. यही विचारधारा आज भी दक्षिण भारत की कुछ राजनीतिक पार्टियों का आधार बनी हुई है.

सनातन के भौगोलिक और आध्यात्मिक आधार

सनातन धर्म केवल किताबी बातों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के भूगोल में भी इसके आधार बिखरे हुए हैं. वाल्मीकि रामायण में 64 हजार तीर्थों का उल्लेख है. सप्तऋषि और अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार, काशी, कांची, उज्जैन तथा द्वारका जैसी सप्तपुरियां सनातन के प्रमुख स्तंभ हैं. इतने प्राचीन और व्यापक आधार वाले धर्म को लेकर जब भी कोई नकारात्मक टिप्पणी होती है, तो वह केवल आस्था पर चोट नहीं होती, बल्कि भारत की हजारों साल पुरानी सांस्कृतिक निरंतरता को भी चुनौती देती है.

यह भी पढ़ें: क्या यूपी को है दो सीएम की जरूरत? इतिहास में हो चुका है ये कारनामा, दो मुख्यमंत्रियों के हाथ आई थी राज्य की कमान

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Sonam Wangchuk Hunger Strike: सोनम वांगचुक को क्यों मिला था रैमन मैग्सेसे, जानें उन्होंने किन-किन चीजों का किया आविष्कार?
सोनम वांगचुक को क्यों मिला था रैमन मैग्सेसे, जानें उन्होंने किन-किन चीजों का किया आविष्कार?
Isro Scientist Resignation: गगनयान और चंद्रयान से जुड़े 100 से 120 वैज्ञानिक हर साल छोड़ रहे ISRO, क्या है इस्तीफे की वजह?
गगनयान और चंद्रयान से जुड़े 100 से 120 वैज्ञानिक हर साल छोड़ रहे ISRO, क्या है इस्तीफे की वजह?
Crocodile vs Alligator vs Gharial : एलीगेटर, घड़ियाल और मगरमच्छ में क्या होता है अंतर? जानिए किसकी कहां चलती है हुकूमत
एलीगेटर, घड़ियाल और मगरमच्छ में क्या होता है अंतर? जानिए किसकी कहां चलती है हुकूमत
दुनिया का इकलौता एयरपोर्ट, जहां समंदर तय करता है फ्लाइट लैंडिंग का वक्त
दुनिया का इकलौता एयरपोर्ट, जहां समंदर तय करता है फ्लाइट लैंडिंग का वक्त
Advertisement

वीडियोज

Shehnaaz Gill की 'Ishqnama' का ट्रेलर रिलीज़, Jai Randhhawa की दमदार परफॉर्मेंस ने लूटी महफिल
Shehnaaz Gill की Ishqnama का ट्रेलर दमदार, Jai Randhhawa की इंटेंसिटी ने जीता दिल
Mathew VanDyke और अब Jordan Brown! Indian borders के पास बड़ी साजिश? |ABPLIVE
रिपोर्ट्स: Deepika Padukone और Ranveer Singh के घर फिर आ सकती है खुशखबरी
Middle East: भारतीय नाविक की मौत पर भारतका बदला शुरू! हिलेगा मिडिल ईस्ट? |ABPLIVE
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के बाद केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, डीजल और ATF पर बढ़ाया विंडफॉल टैक्स
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के बाद सरकार का बड़ा फैसला, डीजल और ATF पर बढ़ाया विंडफॉल टैक्स
आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी के 'बुरे दिन' 2017 के बाद से हुए शुरू, अब क्यों चलेगा बुलडोजर?
आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी के 'बुरे दिन' 2017 के बाद से हुए शुरू, अब क्यों चलेगा बुलडोजर?
NEET में 5 लाख की डील, 111 सवाल और कोचिंग कनेक्शन... CBI ने खोली परत-दर-परत साजिश
NEET में 5 लाख की डील, 111 सवाल और कोचिंग कनेक्शन... CBI ने खोली परत-दर-परत साजिश
Haiwaan First Look out: 'हैवानियत अब नहीं रूकेगी...' धांसू है अक्षय-सैफ की 'हैवान' का फर्स्ट लुक, जानें- कब रिलीज होगी ये फिल्म
'हैवानियत अब नहीं रूकेगी...' धांसू है अक्षय-सैफ की 'हैवान' का फर्स्ट लुक, जानें- कब रिलीज होगी ये फिल्म
गंभीर के फैसलों पर उठे सवाल, आयरलैंड-इंग्लैंड में हार के बाद एबी डिविलियर्स ने टीम इंडिया को सुनाई खरी-खरी
गंभीर के फैसलों पर उठे सवाल, आयरलैंड-इंग्लैंड में हार के बाद एबी डिविलियर्स ने टीम इंडिया को सुनाई खरी-खरी
'नहीं मिलेगी जीत...', ट्रंप के पूर्व रक्षा प्रमुख की अमेरिका को चेतावनी, ईरान को लेकर क्या कहा?
'नहीं मिलेगी जीत...', ट्रंप के पूर्व रक्षा प्रमुख की अमेरिका को चेतावनी, ईरान को लेकर क्या कहा?
'PM मोदी चंपत राय को बचा रहे...', चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बोले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद
'PM मोदी चंपत राय को बचा रहे...', चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बोले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद
Rice or Roti Which Spoils First in Summer: चावल या रोटी... गर्मियों में सबसे पहले क्या खराब होता है? खाने से पहले जान लीजिए जरूरी बात
चावल या रोटी... गर्मियों में सबसे पहले क्या खराब होता है? खाने से पहले जान लीजिए जरूरी बात
Embed widget