आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी के 'बुरे दिन' 2017 के बाद से हुए शुरू, अब क्यों चलेगा बुलडोजर?
Azam Khan News: रामपुर में स्थित पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी करीब 1500 बीघा जमीन पर बनी है और खरीदी गई जमीनों को लेकर कानूनी विवाद आज भी जारी है.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों के ध्वस्तीकरण के आदेश जिला अधिकारी रामपुर ने दिया है. रामपुर विकास प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी परिसर में बने 40 भवनों में से 38 भवनों को बिना स्वीकृत नक्शे के निर्मित अवैध निर्माण मानते हुए उनके ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया है.
अब जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है, इस यूनिवर्सिटी को लेकर कई बार कार्रवाई हुई है. इस खबर में जानें आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी के बुरे दिन कब से शुरू हुए.
अगर जौहर यूनिवर्सिटी के इतिहास की बात करें तो इसकी स्थापना 18 सितंबर 2006 को हुई थी और इसका उद्घाटन 18 सितंबर 2012 को हुआ है. 500–800 करोड़ के बीच बनी इस यूनिवर्सिटी कुलाधिपति (Chancellor) आजम खान, कुलपति (Vice Chancellor), डॉ. जहीरुद्दीन
पूर्व प्रो-वाइस चांसलर (Ex-Pro Vice Chancellor) डॉ. तंजीम फातिमा, प्रो-चांसलर: अब्दुल्ला आजम खान और सचिव अदीब आजम खान हैं.
2017 के बाद जौहर यूनिवर्सिटी के बुरे दिन हुए शुरू
मार्च 2017 में अखिलेश यादव सरकार गई और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने. बीजेपी सरकार बनने के बाद जौहर यूनिवर्सिटी पर लगातार कार्रवाई शुरू हुई, आजम खान पर रामपुर में दर्ज करीब 90 मामलों में से लगभग 30 मामले जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं. यूनिवर्सिटी करीब 1500 बीघा जमीन पर बनी है और खरीदी गई जमीनों को लेकर कानूनी विवाद आज भी जारी है. पिछले पांच वर्षों से यूनिवर्सिटी पर लगातार प्रशासनिक और जांच एजेंसियों की कार्रवाई हो रही है.
पुलिस और जांच एजेंसियों की बार-बार की कार्रवाई से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई. कुछ समय के लिए मेडिकल कॉलेज भी बंद रहा, जिससे मेडिकल और बी.फार्मा के छात्रों को नुकसान हुआ. छात्रों के लिए बना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी प्रभावित हुआ, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जाने वाला रास्ता बंद कर दिया गया, जिससे खेल गतिविधियां ठप हो गईं.
साल 2017 के बाद जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई
जुलाई 2019
26 किसानों ने 35 बीघा जमीन पर अतिक्रमण का मामला दर्ज कराया, मामले की सुनवाई जारी
2019–2021
सरकार ने लीज पर दी गई 170 एकड़ जमीन को वापस लेना शुरू किया, हाईकोर्ट ने मंजूरी दी
सितंबर 2022
यूनिवर्सिटी परिसर में करोड़ों रुपये की नगर निगम की सफाई मशीनें जमीन में दबी हुई मिलीं
2023
आईटी (आयकर) छापों में 60 करोड़ के बजाय 800 करोड़ के खर्च का खुलासा हुआ, टैक्स चोरी की आशंका जताई गई
अप्रैल 2024
आजम खान, उनकी पत्नी और बेटे समेत 13 अन्य लोगों पर अलीगंज के किसानों की जमीन कब्जाने के 22 मामलों में आरोप तय किए गए
जुलाई 2024
रामपुर जिला प्रशासन ने यूनिवर्सिटी की 13.8 हेक्टेयर जमीन का कब्जा लिया और दो इमारतों को सील कर दिया
फरवरी 2025
जौहर यूनिवर्सिटी में 1 रुपये करोड़ के हॉस्टल निर्माण घोटाले का खुलासा हुआ, जिसके बाद केंद्र सरकार ने फंड रोक दिया, 93.48 लाख की पहली किस्त, ब्याज सहित, वापस मांगी गई
कार्रवाई के बाद आजम खान को हुआ बड़ा नुकसान
जुलाई 2019
पीडब्ल्यूडी सड़क पर अवैध रूप से प्रवेश द्वार बनाने पर 3.27 करोड़ का जुर्माना लगाया गया
सितंबर 2021
रामपुर प्रशासन ने यूनिवर्सिटी से लगभग 170 एकड़ जमीन वापस ले ली
सितंबर 2023
ईडी की छापेमारी में खुलासा हुआ कि कॉलेज निर्माण के लिए छह विभागों से 106 करोड़ जारी किए गए थे
अप्रैल 2025
जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण पर लगभग 450 करोड़ खर्च हुए, जबकि खाते में केवल 100 करोड़ दर्ज थे. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नोटिस जारी किया
आजम के 'हमसफर रिजॉर्ट' पर बुलडोजर कार्रवाई
जुलाई 2024 में रामपुर प्रशासन ने हमसफर रिजॉर्ट के अवैध हिस्से पर बुलडोजर कार्रवाई की. आरोप था कि 0.038 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण किया गया था. जांच में बाहरी दीवार और कुछ कमरे सरकारी जमीन पर बने पाए गए, फिर 9 जुलाई 2024 को करीब 380 वर्गमीटर अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया.
आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चलने के लिए तैयार, 15 दिनों की मिली मोहलत
वहीं ध्वस्त हिस्से की अनुमानित कीमत 45 लाख से 1.5 करोड़ बताई गई है. रामपुर पब्लिक स्कूल (RPS) पर कार्रवाई हुई, आजम खान ट्रस्ट के तीन रामपुर पब्लिक स्कूल (RPS) थे. RPS गर्ल्स विंग और RPS (जौहर रिसर्च इंस्टीट्यूट) को सील कर दिया गया. जनवरी 2023 में सरकार ने जौहर रिसर्च इंस्टीट्यूट की लीज समाप्त कर दी, स्कूल खाली न करने पर मार्च 2023 में भवन सील कर दिया गया.
नवंबर 2023 में सरकार ने RPS गर्ल्स विंग का कब्जा अपने हाथ में ले लिया. जुलाई 2024 में खुर्शीद गर्ल्स इंटर कॉलेज को इसी भवन में स्थानांतरित किया गया, स्कूल के पास बना सपा कार्यालय भी सील कर दिया गया. ईडी के अनुसार 2021-22 में RPS की फीस से 3.51 करोड़ की आय हुई थी, दो वर्षों से स्कूल बंद रहने के कारण करीब 7 करोड़ की सीधी आय का नुकसान होने का अनुमान है.
जिलाधिकारी ने 15 दिन का समय दिया
रामपुर के जिलाधिकारी ने बताया कि संस्थान को 15 दिन का समय दिया गया है, अगर वह अवैध निर्माण नहीं हटाते हैं तो रामपुर विकास प्राधिकरण अपने स्तर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा.
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