अमेरिका और रूस में से कौन है सबसे ताकतवर! ट्रंप तेज तर्रार तो पुतिन ऐसे देते हैं दुश्मन को जवाब......
अलास्का में ट्रंप और पुतिन की मुलाकात ने दुनिया का ध्यान खींचा. ट्रंप की आक्रामक शैली और पुतिन की कूटनीति ने इस समिट को खास बनाया. ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2024 के अनुसार अमेरिका सबसे ताकतवर देश है.

अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान खींच लिया. दोनों नेता करीब ढाई घंटे आमने-सामने बैठे और यूक्रेन युद्ध से लेकर आपसी रिश्तों तक कई मुद्दों पर चर्चा की. बैठक भले ही किसी बड़े समझौते पर खत्म नहीं हुई लेकिन ट्रंप और पुतिन के बीच दिखी गर्मजोशी और ताकतवर बयान बाजी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर दुनिया का असली सुपर पावर कौन है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताएंगे कि अमेरिका और रूस में से कौन सबसे ताकतवर है. वही ट्रंप तेज तर्रार तो पुतिन किस तरह से देते हैं दुश्मन को जवाब.
ट्रंप की तेज तेज तर्रार शैली
डोनाल्ड ट्रंप अपनी आक्रामक और सीधी बात करने की शैली के लिए जाने जाते हैं. अलास्का समिट के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि गेंद जेलेंस्की के पाले में है उन्हें ही फैसला लेना होगा. ट्रंप ने बातचीत को बहुत प्रोडक्टिव बताया और इशारा किया कि कुछ अहम मुद्दों पर सहमति बन चुकी है. हालांकि उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि कोई डील तब तक डील नहीं होती जब तक सब पर सहमति न बन जाए. यह अंदाज ट्रंप के उस व्यक्तित्व को दिखाता है जिसमें वह खुद को मास्टर डीलमेकर और निर्णायक लीडर साबित करना चाहते हैं.
पुतिन का सधा हुआ जवाब
वहीं दूसरी तरफ व्लादिमीर पुतिन जो अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति और राजनीतिक सोच के लिए मशहूर है उन्होंने भी संकेत दिए की बातचीत से यूक्रेन में शांति का रास्ता निकल सकता है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यूरोप को चेतावनी दी कि उभरती प्रगति को विफल न करें. पुतिन ने यह दावा कर ट्रंप की तारीफ भी की कि अगर 2022 में ट्रंप राष्ट्रपति होते तो शायद यह युद्ध कभी शुरू नही होता. यह बयान साफ दिखाता है कि पुतिन अपने विरोधियों को कूटनीतिक तरीके से कैसे जवाब देते हैं और माहौल अपने पक्ष में करने में कैसे माहिर है.
कौन है सबसे ताकतवर
सिर्फ नेताओं की पर्सनैलिटी नहीं बल्कि सैन्य और आर्थिक ताकत भी इस तुलना को और दिलचस्प बना देती है. ग्लोबल फायर पावर इंडेक्स 2024 के अनुसार अमेरिका पहले और रूस दूसरे स्थान पर है. जिसका सीधा सा मतलब है कि अमेरिका दुनिया का सबसे ताकतवर तो रूस दूसरा सबसे ताकतवर देश है. वहीं अमेरिकी सेना के पास 13 लाख से ज्यादा सक्रिय सैनिक, 13000 से ज्यादा विमान और 820 बिलियन डॉलर रक्षा बजट है. वहीं रूस के पास सैनिकों की संख्या लगभग बराबर है लेकिन 14000 से ज्यादा टैंक और 3 हजार से ज्यादा रॉकेट लांचर होने के कारण उसकी जमीन ताकत बहुत मजबूत है.
दुनिया के सबसे ताकतवर नेताओं की मुलाकात का क्या रहा नतीजा
ट्रंप और पुतिन की यह बैठक भले ही कोई ठोस नतीजा न दे पाई हो. लेकिन यह मुलाकात दोनों देशों के बीच रिश्तों की नई शुरुआत के संकेत जरूर छोड़ गई. एक तरफ ट्रंप खुद को मास्टर डीलमेकर साबित करना चाहते हैं वहीं पुतिन दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि रूस किसी भी हालत में कमजोर नहीं है. इसके बाद अब यह देखा जा रहा है कि आने वाले दिनों में माॅस्को या वाशिंगटन की अगली मुलाकात में क्या यूक्रेन युद्ध पर कोई बड़ा फैसला हो पता है या नहीं.
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Source: IOCL























