अगर पूरा मिडिल ईस्ट मिलकर कर दे अमेरिका पर हमला तो किसकी होगी जीत? चौंका देगा सच
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि लगातार सैन्य दबाव के बाद ईरान ने अपने पड़ोसी देशों के सामने झुकते हुए हमले न करने का आश्वासन दिया है.

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इस जंग ने पूरी दुनिया की चिंता बड़ा रखी है. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही सैन्य कार्रवाई के बाद हालात और ज्यादा खतरनाक हो गए हैं. इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि लगातार सैन्य दबाव के बाद ईरान ने अपने पड़ोसी देशों के सामने झुकते हुए हमले न करने का आश्वासन दिया है. सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में ट्रंप ने कहा ईरान ने गल्फ देशों पर हमला नहीं करने का वादा किया और यह स्थिति अमेरिका और इजरायल की ओर से की गई कार्रवाई के बाद बनी.
हालांकि दूसरी और एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह संघर्ष अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. इसके दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं. कई देशों के नेता भी बात को लेकर चिंतित हैं कि अगर यह टकराव और बढ़ा तो इसका असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ सकता है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि अगर पूरा मिडिल ईस्ट मिलकर अमेरिका पर हमला कर दे तो किसकी जीत होगी.
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अगर पूरा मिडिल ईस्ट एकजुट हो जाए तो क्या होगा?
मौजूदा जंग के हालात के बीच से यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर पूरा मिडिल ईस्ट मिलकर अमेरिका के खिलाफ खड़ा हो जाए तो इसके नतीजे क्या होंगे. इसे लेकर एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसा होना बहुत मुश्किल है, क्योंकि मिडिल ईस्ट के कई देश आपस में ही राजनीतिक और रणनीतिक मतभेद रखते हैं. फिर भी अगर अगर माना लिया जाए कि ऐसा होता है तो यह दुनिया के इतिहास का सबसे बड़ा सैन्य टकराव बन सकता है. अमेरिका के पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना में से एक है, जिसमें अत्याधुनिक फाइटर जेट, मिसाइल सिस्टम, ड्रोन और विशाल नौसेना शामिल है. वहीं रक्षा बजट और तकनीकी क्षमता के मामले में अमेरिका कई देश से बहुत आगे माना जाता है.
मिडिल ईस्ट के सामने अमेरिका अकेला नहीं होगा
अगर मान लिया जाए कि पूरा मिडिल ईस्ट और अमेरिका आमने-सामने आए तो इस स्थिति में अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी मिल सकता है. पश्चिमी देशों के सैन्य गठबंधन नाटो के सदस्य जैसे ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे देश अमेरिका के साथ खड़े हो सकते हैं. ऐसे में युद्ध केवल अमेरिका और मिडिल ईस्ट के देशों के बीच सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कई शक्तियां इसमें शामिल हो सकती है.
बढ़ सकता है परमाणु युद्ध का खतरा
अगर अमेरिका और मिडिल ईस्ट के बीच जंग के हालात बनते हैं और यह जंग नियंत्रण से बाहर हो जाते हैं तो परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का खतरा भी पैदा हो सकता है. इस तरह की स्थिति केवल क्षेत्रीय युद्ध तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकती है.
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Source: IOCL




























