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अंतरिक्ष में हवा में क्यों उगाए जाते हैं पौधे, बिना मिट्टी कैसे होती है इनकी ग्रोथ?

पौधे को पनपने के लिए सूर्य के प्रकाश, पानी, ऑक्सीजन और मिट्टी की जरूरत होती है. इसके अलावा जो चीज जरूरी है वह है गुरुत्वाकर्षण बल. हालांकि, अंतरिक्ष में न ही गुरुत्वाकर्षण बल है और न पानी, न ऑक्सीजन.

अंतरिक्ष इंसानों के लिए लंबे समय से शोध का केंद्र बना हुआ है. इंसान यहां मानव कालोनी बसाना चाहता है और उसके लिए अंतरिक्ष में वो हर संभावनाएं तलाश रहा है, जिसकी जरूरत हमें पृथ्वी पर पड़ती है. अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले मानव मिशनों में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के अंदर पौधों को उगाना भी इन्हीं संभावनाओं का एक हिस्सा है. 

नासा ही नहीं दुनिया की तमाम बड़ी एजेंसियां अंतरिक्ष में पौधे उगाने पर प्रयोग कर रही हैं. हाल ही में अंतरिक्ष से लौटीं सुनीता विलियम्स ने भी ऐसे कई प्रयोग किए, यहां तक कि भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो भी इसमें सफलता हासिल कर चुका है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि बिना ग्रैविटी और मिट्टी के अंतरिक्ष में पौधे कैसे उगाए जाते हैं? क्या उनकी जड़ें हवा में रहती हैं और वहां इनकी ग्रोथ तेजी से क्यों होती है? 

अंतरिक्ष में पौधे क्यों उगा रहा इंसान

अंतरिक्ष में पौधे उगाने के प्रयोग जैसे सवाल भविष्य के गर्त में छिपे हैं. दरअसल, इंसान का मकसद अंतरिक्ष में जीवन की तलाश है, ऐसे में वह मानवों को वहां बसाने से पहले हर वह प्रयोग कर रहा है, जो जीवन के अनुकूल हो. अंतरिक्ष में पौधे उगाने से वहां भोजन की आवश्यकता तो पूरी होगी ही, साथ ही अंतरिक्ष में होने वाले रेडिएशन से भी बचाव होगा. 

कैसे उगाए जाते हैं हवा में पौधे?

किसी भी पौधे को पनपने के लिए सूर्य के प्रकाश, पानी, ऑक्सीजन और मिट्टी की जरूरत होती है. इसके अलावा जिस चीज की जरूरत होती है वह है गुरुत्वाकर्षण बल. इसी के सहारे किसी पौधे की जड़ें मिट्टी में नीचे की ओर बढ़ती हैं, जिससे पेड़ मजबूती से खड़ा रहता ये. ये जड़ें मिट्टी में मौजूद पानी व अन्य पोषक तत्वों को पौधे के अन्य हिस्से तक पहुंचाता है. हालांकि, अंतरिक्ष में न ही गुरुत्वाकर्षण बल है और न पानी, न ऑक्सीजन. ऐसे में अंतरिक्ष में पौधों को उगाने के लिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में एक विशेष तरह के कक्ष का निर्माण किया गया है, जिसे वेजी कहा जाता है. इस विशेष कक्ष में पौधे को उगाने के लिए जरूरी वातावरण मौजूद होता है. मिट्टी की गैरमौजूदगी में पौधों की जड़ों को हवा में लटकाया जाता है और इन्हीं जड़ों पर पानी व अन्य पोषक तत्वों का छिड़काव किया जाता है. 

क्यों तेजी से उगते हैं पौधे

पृथ्वी की तुलना में अंतरिक्ष में उगाए जाने वाले पौधे अधिक तेजी से बड़े होते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि पृथ्वी पर उगने वाले पौधे मिट्टी में उगाए जाते हैं और इसी मिट्टी के सहारे वे पोषक तत्व ग्रहण करते हैं. बारिश जैसे कारणों से कई बार मिट्टी में मौजूद पोषक तत्व बह जाते हैं, जिससे पौधों को जरूरी चीजें नहीं मिल पाती. वहीं, अंतरिक्ष में ऐसे कारक मौजूद नहीं होते और वहां पौधे की जड़ों को मिट्टी से पोषक तत्वों को अवशोषित करने की भी जरूरत नहीं होती, क्योंकि जरूरी चीजों का छिड़काव सीधे पौधों की जड़ों पर किया जाता है, जिससे पौधा पृथ्वी की तुलना में अंतरिक्ष में अधिक तेजी से बड़ा होता है.  

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प्रांजुल श्रीवास्तव एबीपी न्यूज में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. फिलहाल फीचर डेस्क पर काम कर रहे प्रांजुल को पत्रकारिता में 9 साल तजुर्बा है. खबरों के साइड एंगल से लेकर पॉलिटिकल खबरें और एक्सप्लेनर पर उनकी पकड़ बेहतरीन है. लखनऊ के बाबा साहब भीम राव आंबेडकर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता का 'क, ख, ग़' सीखने के बाद उन्होंने कई शहरों में रहकर रिपोर्टिंग की बारीकियों को समझा और अब मीडिया के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं. प्रांजुल का मानना है कि पाठक को बासी खबरों और बासी न्यूज एंगल से एलर्जी होती है, इसलिए जब तक उसे ताजातरीन खबरें और रोचक एंगल की खुराक न मिले, वह संतुष्ट नहीं होता. इसलिए हर खबर में नवाचार बेहद जरूरी है.

प्रांजुल श्रीवास्तव काम में परफेक्शन पर भरोसा रखते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ सूचनाओं को पहुंचाने का काम नहीं है, यह भी जरूरी है कि पाठक तक सही और सटीक खबर पहुंचे. इसलिए वह अपने हर टास्क को जिम्मेदारी के साथ शुरू और खत्म करते हैं. 

अलग अलग संस्थानों में काम कर चुके प्रांजुल को खाली समय में किताबें पढ़ने, कविताएं लिखने, घूमने और कुकिंग का भी शौक है. जब वह दफ्तर में नहीं होते तो वह किसी खूबसूरत लोकेशन पर किताबों और चाय के प्याले के साथ आपसे टकरा सकते हैं.

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