SIR 2025: महिला या पुरुष... मध्यप्रदेश में SIR में सबसे ज्यादा कटे किन लोगों के नाम? होश उड़ा देंगे ये आंकड़े
SIR 2025: हाल ही में मध्य प्रदेश में हुए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के बाद डेटा जारी किया गया. आइए जानते हैं महिला या फिर पुरुषों में से किन के नाम सबसे ज्यादा हटाए गए.

SIR 2025: मध्य प्रदेश की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट ने एक ही रिवीजन में 42 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम हटा दिए हैं. भारत के चुनाव आयोग द्वारा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के बाद 23 दिसंबर 2025 को एक नया डेटा जारी किया गया है. हटाए गए नामों में महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा थी. आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी.
एक ही रिवीजन में 42 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए
मध्य प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी की वेबसाइट पर अपलोड किए गए आंकड़ों के मुताबिक एसआईआर 2025 के दौरान वोटर लिस्ट से कुल 42.74 लाख नाम हटाए गए. इसके अलावा 8.40 लाख वोटरों को मैप नहीं किया जा सका. इसका मतलब है कि रिवीजन प्रक्रिया के दौरान उनकी डिटेल्स को ठीक से वेरीफाई या लिंक नहीं किया जा सका.
हटाए गए वोटरों की लिस्ट में महिलाएं सबसे ऊपर
सबसे चौंकाने वाला खुलासा लिंग के आधार पर बंटवारा है. 26.64 लाख महिला वोटरों के नाम को लिस्ट से हटा दिया गया है. इसकी तुलना में 19.19 लाख पुरुष वोटरों के नाम हटाए गए. इसका मतलब है कि हटाए गए नाम में महिलाओं का हिस्सा काफी ज्यादा था.
ज्यादा महिलाओं के नाम क्यों हटाए गए
दरअसल ऐसा कहा जा रहा है कि शादी के बाद माइग्रेशन महिला वोटरों के नाम हटाए जाने की मुख्य वजह है. शादी के बाद कई महिलाएं नए जिले या राज्य में चली जाती हैं. लेकिन आधार, राशन कार्ड या वोटर आईडी जैसे डाक्यूमेंट्स अपडेट नहीं करवा पाती हैं. घर घर जाकर वेरिफिकेशन के दौरान अगर कोई वोटर रजिस्टर्ड पते पर नहीं मिलता और अपडेटेड रिकॉर्ड भी नहीं मिलता तो उसका नाम हटा दिया जाता है.
राजधानी शहरों में पड़ा ज्यादा असर
शहरी इलाकों में खास तौर पर ज्यादा संख्या में नाम हटाए गए हैं. राज्य की राजधानी भोपाल में वोटर लिस्ट से लगभग 4.38 लाख नाम हटाए गए. इंदौर में यह आंकड़ा लगभग 1.75 लाख का था. नाम हटाए जाने के कारणों में माइग्रेशन सबसे ऊपर था. लगभग 31.51 लाख वोटरों के नाम हटा दिए गए क्योंकि वह अपने रजिस्टर्ड पते पर नहीं मिले. माइग्रेशन के अलावा लगभग 8.46 लाख नाम वोटरों की मौत की वजह से हटा दिए गए हैं. इसी के साथ 2.77 लाख नाम डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन की वजह से हटाए गए. इन नामों को हटाना रूटीन चुनावी रोल को साफ करने का हिस्सा माना जाता है.
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Source: IOCL























