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Space Debris: आसमान से बरसने वाली है तबाही? धरती के चारों ओर घूम रहा है लाखों टन कचरा, वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी!

Space Debris: अंतरिक्ष में काफी ज्यादा मलबा बढ़ चुका है. इसे लेकर वैज्ञानिकों ने चेतावनी भी जारी की है. आइए जानते हैं इससे क्या खतरा है.

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  • पृथ्वी की कक्षा में मानव निर्मित मलबा चिंताजनक, टकराव का खतरा बढ़ा.
  • केसलर सिंड्रोम सैटेलाइट सेवाओं और संचार प्रणालियों को बाधित कर सकता है.
  • मलबा पृथ्वी पर वापस गिरने का खतरा, लाखों छोटे टुकड़े मौजूद हैं.

Space Debris: पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे मानव निर्मित मलबे की बढ़ती मात्रा दुनिया भर के वैज्ञानिकों के लिए एक गंभीर चिंता बन चुकी है. निष्क्रिय सैटेलाइट, छोड़े गए रॉकेट चरण और टूटे हुए अंतरिक्ष यान के घटक काफी तेज रफ्तार से ग्रह के चक्कर लगा रहे हैं. इससे टकराव की शंका बढ़ रही है जो संचार प्रणाली को बाधित कर सकती है. साथ ही यह अंतरिक्ष बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा सकती है और कुछ मामलों में मलबे को वापस पृथ्वी पर भी भेज सकती है. 

केसलर सिंड्रोम का बढ़ता खतरा

सबसे बड़ी चिंताओं में से एक केसलर सिंड्रोम की संभावना है. यह सिद्धांत नासा के वैज्ञानिक डोनाल्ड केसलर द्वारा 1978 में प्रस्तावित किया गया था. इसके मुताबिक जैसे-जैसे कक्षा में मलबे की मात्रा बढ़ेगी वस्तुओं के बीच टकराव से और भी ज्यादा टुकड़े पैदा होंगे. ये नए टुकड़े आगे की टक्करों को ट्रिगर कर सकते हैं. इससे एक ऐसी प्रतिक्रिया हो सकती है जो पृथ्वी की कक्षा को और भी ज्यादा खतरनाक मलबे से भर देगी. 

रोजमर्रा की सेवा बाधित हो सकती है 

अंतरिक्ष मलबा उन सैटेलाइट के लिए सीधा खतरा पैदा कर सकता है जो उन कई सेवाओं का समर्थन करते हैं जिन पर लोग हर दिन भरोसा करते हैं. अगर सक्रिय उपग्रह मलबे से टकराते हैं तो जीपीएस नेवीगेशन, इंटरनेट कनेक्टिविटी, टेलीविजन प्रसारण और मोबाइल संचार के लिए इस्तेमाल की जाने वाली प्रणाली बाधित हो सकती है. मौसम उपग्रह भी असुरक्षित हैं और उनके खराब होने से चक्रवातों की निगरानी करने और प्राकृतिक आपदाओं की सटीक भविष्यवाणी करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है.

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क्या अंतरिक्ष का मलबा वापस धरती पर गिर सकता है?

वैज्ञानिकों ने यह भी चेतावनी दी है कि अंतरिक्ष मलबे के पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश करने का खतरा बढ़ रहा है. स्टडी से यह पता चलता है कि व्यस्त हवाई रास्तों पर मलबा गिरने की संभावना धीरे-धीरे बढ़ रही है. यहां तक कि किसी विमान की खिड़की या फिर इंजन से टकराने वाली छोटी वस्तु भी गंभीर विमानन खतरा पैदा कर सकती है. 

ऑस्ट्रेलियाई तटों पर बड़े रॉकेट घटकों की खोज और केन्या के गांव में पाए जाने वाले तथाकथित स्पेस रिंग्स सहित हाल ही में हुई घटनाओं ने इस बात पर रोशनी डाली है कि कुछ अंतरिक्ष मलबे पहले से ही पृथ्वी पर वापस आ रहे हैं.

बढ़ती समस्या के पीछे की संख्या 

अंतरिक्ष मलबे के पैमाने का विस्तार जारी है. वैज्ञानिकों का यह अनुमान है कि 13000 टन से ज्यादा मानव निर्मित मलबा फिलहाल पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है. 10 सेंटीमीटर से बड़ी 30000 से ज्यादा वस्तुओं को सक्रिय रूप से ट्रैक किया जाता है. इसी के साथ 1 सेंटीमीटर से बड़े 10 लाख से ज्यादा टुकड़े कक्षा में रहते हैं. ये छोटे टुकड़े ज्यादा खतरनाक होते हैं क्योंकि इनका पता लगाना मुश्किल होता है.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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