Sajjan Kumar Death: सज्जन कुमार से पहले कौन-कौन से नेता जेल में गंवा चुके जान? देखें पूरी लिस्ट
Sajjan Kumar Death: सज्जन कुमार से पहले भी कई बड़े नेता जेल या हिरासत में अपनी जान गंवा चुके हैं. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, मोहम्मद अशरफ सेहराई और अल्ताफ अहमद शाह की भी जेल में रहते हुए मौत हो गई थी.

Sajjan Kumar Death: 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के दोषी और कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का 20 अगस्त 2026 को तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काटते हुए निधन हो गया. वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. सज्जन कुमार अकेले ऐसे नेता नहीं हैं, जिनकी जान जेल या हिरासत में गई हो. आइए जानते हैं उनसे पहले कौन कौन से बड़े नेता हिरासत या जेल में अपनी जान गंवा चुके हैं.
श्यामा प्रसाद मुखर्जी
भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी जम्मू कश्मीर को मिले विशेष दर्जे अनुच्छेद 370 के मुखर विरोधी थे. 11 मई 1953 को कश्मीर में दाखिल होते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और पहले श्रीनगर सेंट्रल जेल, फिर शहर के एक कॉटेज में हिरासत में रखा गया. 23 जून 1953 को हिरासत के दौरान ही उनकी रहस्यमयी मौत हो गई, जिसे लेकर आज भी सवाल उठते रहे हैं.
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मोहम्मद अशरफ सेहराई
हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के हार्डलाइन धड़े तहरीक ए हुर्रियत के प्रमुख मोहम्मद अशरफ सेहराई को अगस्त 2020 में पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत हिरासत में लेकर जम्मू की जेल भेजा गया था. हिरासत के दौरान ही तबीयत बिगड़ने पर उनकी मौत हो गई, जिसके बाद उन्हें सैयद अली शाह गिलानी का उत्तराधिकारी माना जाता था.
अल्ताफ अहमद शाह
हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी के दामाद अल्ताफ अहमद शाह, जिन्हें अल्ताफ फंटूश के नाम से भी जाना जाता है, आतंकी फंडिंग के एक मामले में लंबे समय से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद थे. जेल में रहते हुए बीमारी के चलते उनकी मौत हो गई.
हिरासत में मौत को लेकर उठते रहे हैं सवाल
इन सभी मामलों में एक बात समान रही है, हर बार हिरासत या जेल में हुई मौत के बाद सवाल और विवाद खड़े हुए हैं. कुछ मामलों में स्वास्थ्य कारण बताए गए तो कुछ में मौत की परिस्थितियों को लेकर आज तक स्पष्टता नहीं मिल पाई, जिससे ये घटनाएं भारतीय राजनीतिक इतिहास का संवेदनशील हिस्सा बनी रहीं.
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