Operation Sindoor: क्या स्पेशल ऑपरेशन के लिए सेना के जवानों को मिलते हैं एक्स्ट्रा पैसे, 'ऑपरेशन सिंदूर' करने वाले जवानों को क्या सुविधाएं मिलेंगी?
Operation Sindoor: भारतीय रक्षा मंत्रालय ने रात 1:44 मिनट पर बयान जारी किया, जिसमें बताया गया कि IAF ने जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के हेडक्वार्टर समेत कई ठिकानों पर मिसाइल हमला किया.

Operation Sindoor: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला ले लिया गया है. भारतीय सेना ने पहलगाम में 26 निर्दोष भारतीयों की मौत का बदला पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में एयर स्ट्राइक कर पूरा किया. जब पूरा देश चैन की नींद सो रहा था, तब इंडियन एयर फोर्स ने पाकिस्तान में एयरस्ट्राइक कर जैश और लश्कर के हेडक्वॉटर समेत आतंकियों के कई लॉन्च पैड तबाह कर डाले. इस स्पेशल ऑपरेशन को 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम दिया गया है. इसके तहत भारतीय सेना ने 9 जगहों को निशाना बनाया है, जिसमें कई आतंकियों की मौत की खबर है.
भारतीय रक्षा मंत्रालय ने रात 1:44 मिनट पर इस बाबत बयान जारी किया, जिसमें बताया गया कि IAF ने जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के हेडक्वार्टर समेत कई ठिकानों पर मिसाइल हमला किया. अब सवाल है कि क्या इस तरह के स्पेशल ऑपरेशन के लिए सेना के जवानों को एक्स्ट्रा पैसे दिए जाते हैं? क्या इसके लिए स्पेशल अलाउंस होता है? चलिए जानते हैं...
भारत का 'मिशन सिंदूर'
पहलगाम में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने विशेष अभियान 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाकर पाक अधिकृत कश्मीर में जैश के 4 लश्कर के 3 और हिज्बुल के 2 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया. सामने आ रही जानकारी के मुताबिक, जिस समय यह हमला किया गया, इन ठिकानों पर 900 से ज्यादा आतंकी मौजूद थे. भारतीय एयरफोर्स ने यह यह हमला SCALP मिसाइल के जरिए किया, जो एक डीप-स्ट्राइक क्रूज मिसाइल है और हवा से जमीन पर वार करने में सक्षम है.
क्या स्पेशल ऑपरेशन के लिए अलग से मिलते हैं पैसे?
अब सवाल यह है कि क्या दुश्मन के घर में घुसकर स्पेशल ऑपरेशन चलाने के लिए सैनिकों को अलग से भत्ते दिए जाते हैं? जानकारी के मुताबिक, भारतीय सेना में सैनिकों को उनकी पोस्टिंग और खतरे को देखते हुए Special Allowance दिए जाते हैं. वहीं, स्पेशल ऑपरेशन चलाने की जिम्मेदारी विशेष सैन्य बलों जैसे- 'पैरा एसएफ', गरुड़ जैसे कमांडोज को दी जाती है. इन जवानों को भारतीय सेना विशेष अभियानों के लिए स्पेशल अलाउंस भी देती है, जो उनकी पोस्टिंग और मिशन के रिस्क लेवल के आधार पर तय होते हैं. इसके अलावा स्पेशल ऑपरेशन चलाने वाले जवानों को प्रमोशन और रैंक में भी पदोन्नति मिलती है, जिसके हिसाब से उन्हें भत्ते भी मिलते हैं. यह किसी रेगुलर सैनिक से अलग होते हैं.
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