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आखिर क्या बनाती है मदरसन कंपनी, जिसके कर्मचारियों ने नोएडा में कर दिया बड़ा बवाल?

नोएडा में वेतन वृद्धि को लेकर मदरसन कंपनी के कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें आगजनी और तोड़फोड़ हुई. आइए जानें कि यह वैश्विक कंपनी आखिर बनाती क्या है और यह दुनियाभर में कैसे मशहूर है.

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  • मदरसन एयरोस्पेस, मेडिकल और आईटी जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय है.

नोएडा की सड़कों पर सोमवार को जो मंजर दिखा, उसने पूरे प्रशासन को हिलाकर रख दिया है. वेतन वृद्धि की मांग को लेकर मदरसन कंपनी के कर्मचारियों का शुरू हुआ प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसक झड़प और आगजनी में बदल गया. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस मदरसन कंपनी के नाम पर इतना बड़ा बवाल हुआ, वह आखिर बनाती क्या है और उसका कारोबार कितना फैला हुआ है? आइए जानते हैं इस कंपनी और विवाद की पूरी सच्चाई.

सड़कों पर उतरा कर्मचारियों का गुस्सा

उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर नोएडा में सोमवार का दिन भारी अफरा-तफरी भरा रहा. पिछले तीन-चार दिनों से अपनी मांगों को लेकर शांत तरीके से विरोध कर रहे विभिन्न कंपनियों के कर्मचारी अचानक उग्र हो गए. विवाद की जड़ वेतन में बढ़ोतरी की मांग थी, जो काफी समय से लंबित बताई जा रही थी. प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने नियम-कानून ताक पर रख दिए और पुलिस के साथ उनकी सीधी भिड़ंत हो गई. फेज-2 और सेक्टर-84 के इलाकों में प्रदर्शन ने सबसे ज्यादा हिंसक रूप ले लिया. गुस्साए कर्मचारियों ने न केवल सड़कों पर जाम लगाया, बल्कि वाहनों को भी निशाना बनाया. 

आखिर क्या है संवर्धना मदरसन ग्रुप?

अब बात करते हैं उस कंपनी की जिसके कर्मचारी इस आंदोलन का मुख्य हिस्सा रहे. संवर्धना मदरसन ग्रुप (SMG) दुनिया की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित ऑटोमोटिव कंपोनेंट निर्माताओं में से एक है. यह कंपनी कार और अन्य वाहनों के महत्वपूर्ण पुर्जे बनाने का काम करती है. सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर इसकी पहचान एक दिग्गज मैन्युफैक्चरर के तौर पर है. मदरसन ग्रुप का कारोबार इतना फैला हुआ है कि दुनिया की शायद ही कोई ऐसी बड़ी कार कंपनी हो, जो इनके बनाए पुर्जों का इस्तेमाल न करती हो.

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वाहनों की नसों का जाल यानी वायरिंग हार्नेस

मदरसन कंपनी की सबसे बड़ी विशेषज्ञता 'वायरिंग हार्नेस' बनाने में है. इसे आसान भाषा में समझें तो यह किसी भी गाड़ी के भीतर बिजली और संकेतों को इधर-उधर ले जाने वाला तारों का जाल है. जैसे इंसान के शरीर में नसें खून पहुंचाती हैं, वैसे ही ये हार्नेस कार के हर हिस्से तक करंट और सिग्नल पहुंचाते हैं. कंपनी पावर और सिग्नल ट्रांसमिशन के लिए इन जटिल इलेक्ट्रिकल सिस्टम्स का बड़े पैमाने पर उत्पादन करती है, जो किसी भी आधुनिक वाहन की जान होते हैं.

विजन सिस्टम और डैशबोर्ड की मैन्युफैक्चरिंग

गाड़ी चलाते समय आप जिन शीशों (मिरर्स) और कैमरों का इस्तेमाल करते हैं, उनमें से ज्यादातर मदरसन कंपनी ही बनाती है. कंपनी विजन सिस्टम के तहत इंटीरियर और एक्सटीरियर रियरव्यू मिरर और हाई-टेक कैमरा आधारित डिटेक्शन सिस्टम तैयार करती है. इसके अलावा, आपकी कार का शानदार डैशबोर्ड, बंपर और दरवाजे के अंदरूनी ट्रिम्स (पॉलीमर प्रोडक्ट्स) भी इसी कंपनी की फैक्ट्रियों में ढलते हैं. कंपनी हाई-एंड इंजेक्शन मोल्डेड पार्ट्स बनाने में दुनिया भर में मशहूर है. 

लाइटिंग और रबर कंपोनेंट्स का बड़ा कारोबार

वाहनों की सुरक्षा और दिखावट के लिए जरूरी हेडलाइट्स, फॉग लैंप्स और पीछे की टेल-लाइट्स भी मदरसन के पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं. इसके साथ ही, मशीनों के कंपन को कम करने के लिए विशेष रबर के गास्केट, ओ-रिंग्स और साइलेंटब्लॉक जैसे एंटी-वाइब्रेशन समाधान भी कंपनी तैयार करती है. इंजन और चेसिस के महत्वपूर्ण हिस्सों में लगने वाले सटीक मशीनिंग वाले मेटल पार्ट्स भी यहीं बनाए जाते हैं. यानी एक कार को तैयार करने में लगने वाला लगभग हर जरूरी हिस्सा यह कंपनी बना सकती है.

एयरोस्पेस और मेडिकल क्षेत्र में धाक

मदरसन का काम सिर्फ कारों तक सीमित नहीं है. यह ग्रुप अब एयरोस्पेस यानी हवाई जहाज के पुर्जे और असेंबली बनाने के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसके अलावा, मेडिकल इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले जटिल इंजेक्शन मोल्डेड कंपोनेंट्स और तैयार मेडिकल डिवाइस भी इनके कारखानों में बनते हैं. कंपनी लॉजिस्टिक्स, आईटी सॉल्यूशंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और सप्लाई चेन जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में भी अपनी सेवाएं दे रही है, जो इसे एक ग्लोबल डायवर्सिफाइड पावरहाउस बनाता है.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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