एक्सप्लोरर

नेपाल से पहले किन-किन देशों की संसद में घुस चुके प्रदर्शनकारी? एक देश तो खुद को मानता है 'दुनिया का बाप'

Nepal Protest: नेपाल से पहले ब्राजील, अमेरिका, श्रीलंका, हांगकांग और जॉर्जिया जैसे देशों में प्रदर्शनकारियों ने संसद में घुसकर जमकर बवाल काटा हैं. चलिए जानते हैं उस घटना के बारे में.

नेपाल में सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंध के बाद जमकर प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. जहां हजारों युवा सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरे और संसद भवन में घुस गए. यह पहली बार नहीं है जब किसी देश में प्रदर्शनकारी संसद में घुसे हों. इतिहास में कई देशों में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं चलिए उनके बारे में जानते हैं.

ब्राजील

 8 जनवरी 2023 को ब्राजील में हजारों प्रदर्शनकारी जो पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के समर्थक थे संसद, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति भवन पर धावा बोल दिया. ये प्रदर्शनकारी 2022 के आम चुनाव में बोल्सोनारो की हार को स्वीकार नहीं कर रहे थे, जिसमें लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा विजयी हुए थे. बोल्सोनारो के समर्थकों ने दावा किया कि चुनाव में धांधली हुई थी, हालांकि इसके कोई ठोस सबूत नहीं मिले.

श्रीलंका 

श्रीलंका में 2022 में आर्थिक संकट के दौरान प्रदर्शनकारी संसद भवन में घुस गए. देश में महंगाई और ईंधन की कमी से लोग त्रस्त थे. राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के खिलाफ गुस्सा इतना बढ़ा कि लोगों ने पहले उनके आधिकारिक आवास पर कब्जा किया और फिर संसद में घुसकर तोड़फोड़ की. प्रदर्शनकारियों ने सांसदों के दस्तावेज फेंके और संसद की कुर्सियों पर कब्जा जमाया. इस आंदोलन से राष्ट्रपति को देश छोड़कर भागना पड़ा.

संयुक्त राज्य अमेरिका 

सबसे ताजा और चर्चित उदाहरण अमेरिका का है. 6 जनवरी 2021 को वाशिंगटन डीसी में हजारों प्रदर्शनकारी यूएस कैपिटल बिल्डिंग में घुस गए. ये लोग 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों से नाराज थे, जिसमें जो बाइडेन ने डोनाल्ड ट्रंप को हराया था. ट्रंप के समर्थकों ने दावा किया कि चुनाव में धांधली हुई थी. गुस्साई भीड़ ने कैपिटल की सुरक्षा तोड़ दी, खिड़कियां तोड़ीं और सांसदों के दफ्तरों में घुस गए. 

हांगकांग

हांगकांग में भी 2019 में प्रदर्शनकारी विधायिका भवन में घुस गए थे. ये लोग चीन के बढ़ते प्रभाव और एक विवादास्पद प्रत्यर्पण बिल के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे. जुलाई 2019 में सैकड़ों युवाओं ने विधायिका भवन पर धावा बोला, दीवारों पर नारे लिखे और राष्ट्रीय प्रतीकों को नुकसान पहुंचाया. 

जॉर्जिया

जॉर्जिया में भी 2019 में प्रदर्शनकारी संसद भवन में घुस गए. जॉर्जिया की संसद मे रूसी सांसद के अध्यक्ष पद पर आसीन होने से नाराज लोगों ने संसद पर धावा बोला. विरोध प्रदर्शन काफी तेज हो गया. इसमें 240 से अधिक लोग घायल हुए थे.

ताइवान

ताइवान में भी साल 2014 में संसद भवन में घुसकर प्रदर्शनकारियों ने जमकर हंगामा किया था. चीन के साथ एक व्यापार संधि का विरोध कर रहे सैकड़ों छात्रों और कार्यकर्ताओं ने ताइवान की संसद में कब्जा कर लिया था. 

इसे भी पढ़ें-नेपाल ही नहीं इन देशों में भी पूरी तरह बैन है सोशल मीडिया, यहां तो एक पोस्ट पर मिलती है मौत!

About the author नेहा सिंह

नेहा सिंह बीते 6 साल से डिजिटल मीडिया की दुनिया से जुड़ी हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद से ताल्लुक रखती हैं. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद हैदराबाद स्थित ईटीवी भारत से साल 2019 में अपने करियर की शुरुआत की. यहां पर दो साल तक बतौर कंटेट एडिटर के पद पर काम किया इस दौरान उन्हें एंकरिंग का भी मौका मिला जिसमें उन्होंने बेहतरीन काम किया.

फिर देश की राजधानी दिल्ली का रुख किया, यहां प्रतिष्ठित चैनलों में काम कर कलम को धार दी. पहले इंडिया अहेड के साथ जुड़ीं और कंटेंट के साथ-साथ वीडियो सेक्शन में काम किया. 

इसके बाद नेहा ने मेनस्ट्रीम चैनल जी न्यूज में मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के पद पर अपनी सेवाएं दीं. जी न्यूज में रहते हुए नेशनल और इंटरनेशनल मुद्दों पर एक्सप्लेनर वीडियो क्रिएट किए.

इसी बीच प्रयागराज महाकुंभ के दौरान कुलवृक्ष संस्थान से जुड़कर महाकुंभ भी कवर किया, साधु-संतों का इंटरव्यू किया. लोगों से बातचीत करके उनके कुंभ के अनुभव और समस्याओं को जाना.

वर्तमान में नेहा एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां पर नॉलेज सेक्शन में ऐसी खबरों को एक्सप्लेन करती हैं, जिनके बारे में आम पाठक को रुचि होती है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

क्या विदेशी नागरिकों को भी मौत की सजा दे सकता है सऊदी? जानें नियम
क्या विदेशी नागरिकों को भी मौत की सजा दे सकता है सऊदी? जानें नियम
भारत में कितने बचे हैं जल्लाद, आजादी के बाद से कितनी घट गई संख्या?
भारत में कितने बचे हैं जल्लाद, आजादी के बाद से कितनी घट गई संख्या?
प्रदर्शन के कारण नहीं हुई बिक्री तो कैसे मिलेगा मुजावजा, क्या हैं नियम?
प्रदर्शन के कारण नहीं हुई बिक्री तो कैसे मिलेगा मुजावजा, क्या हैं नियम?
ग्रीस में डेस्टिनेशन वेडिंग कितनी महंगी, काव्या मारन रचाने जा रहीं शादी
ग्रीस में डेस्टिनेशन वेडिंग कितनी महंगी, काव्या मारन रचाने जा रहीं शादी

वीडियोज

SIR पर हल्लाबोल...यूपी में 16 लाख का झोल!
जंतर-मंतर और संग्राम, कारोबार धड़ाम!
सड़क जाम, जनता परेशान, किसका 'अराजक' प्लान?
धार्मिक कट्टरता, अराजकता का लक्ष्य है सत्ता?
Bollywood News: करीना के बेडरूम का कौन-सा राज खोल गए सैफ? कपिल के शो में मचा धमाल! (17.10.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
हिरासत से रिहा होने के बाद अभिजीत दीपके ने लिखा पोस्ट- ‘मुझे पता था कि...’
हिरासत से रिहा होने के बाद अभिजीत दीपके ने लिखा पोस्ट- ‘मुझे पता था कि...’
'इतना बड़ा बिहार है हत्या तो होगी क्या करें', JDU के मंत्री का बेतुका बयान
'इतना बड़ा बिहार है हत्या तो होगी क्या करें', JDU के मंत्री का बेतुका बयान
अभिजीत दीपके पर संजय निरुपम का दावा, 'तिरंगा तो एक बहाना है इनका इरादा...'
अभिजीत दीपके पर संजय निरुपम का दावा, 'तिरंगा तो एक बहाना है इनका इरादा...'
शुभमन गिल की जगह श्रेयस अय्यर भारत की वनडे टीम के कप्तान, ईशान किशन को मिली उपकप्तानी
शुभमन गिल की जगह श्रेयस अय्यर भारत की वनडे टीम के कप्तान, ईशान किशन को मिली उपकप्तानी
इमरान खान पहुंचे बॉम्बे हाई कोर्ट, 'लीव इंडिया' नोटिस के खिलाफ दायर की याचिका
इमरान खान पहुंचे बॉम्बे हाई कोर्ट, 'लीव इंडिया' नोटिस के खिलाफ दायर की याचिका
अभिजीत दीपके रिहा, SEM कोर्ट ने दी सशर्त जमानत
अभिजीत दीपके रिहा, SEM कोर्ट ने दी सशर्त जमानत
हवा में उड़ते जहाज पर खड़ी हुईं 99 साल की दादी, Video देख उड़े होश
हवा में उड़ते जहाज पर खड़ी हुईं 99 साल की दादी, Video देख उड़े होश
गेहूं का MSP बढ़ा, लेकिन इससे किसानों की कमाई कितनी बढ़ेगी?
गेहूं का MSP बढ़ा, लेकिन इससे किसानों की कमाई कितनी बढ़ेगी?
Embed widget