Challenger Deep: दुनिया का सबसे ऊंचा हिस्सा माउंट एवरेस्ट तो कौन-सा है सबसे डाउन पॉइंट, जानें उसकी गहराई कितनी?
Challenger Deep: दुनिया के सबसे ऊंचे हिस्से के बारे में तो सब जानते हैं लेकिन आइए जानते हैं कि कौन सा हिस्सा पृथ्वी का सबसे डाउन पॉइंट है?

- यहाँ अत्यधिक दबाव, अंधेरा और निम्न तापमान है।
Challenger Deep: जब लोग पृथ्वी की चरम स्थितियों के बारे में सोचते हैं तो समुद्र तल से सबसे ऊंचे स्थान के तौर पर माउंट एवरेस्ट का नाम सबसे पहले आता है. हालांकि पृथ्वी का सबसे गहरा स्थान पश्चिमी प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के काफी नीचे छिपा हुआ है. चैलेंजर डीप के नाम से जानी जाने वाली यह असाधारण जगह मारियाना ट्रेंच में स्थित है. इसकी गहराई लगभग 11 किलोमीटर है जो इस पृथ्वी पर ज्ञात सबसे गहरा स्थान बनाती है. यह ट्रेंच इतनी गहरी है कि अगर माउंट एवरेस्ट को इसके अंदर उल्टा करके रखा जाए तो भी पहाड़ की चोटी समुद्र की सतह से लगभग 2 किलोमीटर नीचे ही रहेगी.
चैलेंजर डीप मारियाना ट्रेंच के अंदर
चैलेंजर डीप पश्चिमी प्रशांत महासागर में स्थित पानी के नीचे की खाई, मारियाना ट्रेंच के अंदर है. टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल से बनी यह खाई लगभग 2550 किलोमीटर तक फैली हुई है. इसकी औसत चौड़ाई लगभग 69 किलोमीटर है. इसकी खड़ी संरचना इसे ग्रह की सबसे उल्लेखनीय भू वैज्ञानिक विशेषता में से एक और दुनिया के महासागर का सबसे गहरा ज्ञात हिस्सा बनाती है.
समुद्र तल से 11 किलोमीटर नीचे
वैज्ञानिक सर्वेक्षणों ने चैलेंजर डीप की गहराई समुद्र तल से 10,900 से 10,994 मीटर या फिर लगभग 36070 फीट के बीच मापी है. यह इसे माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई से काफी ज्यादा गहरा बनाता है. इस पैमाने को समझने के लिए माउंट एवरेस्ट समुद्र तल से 8,848.86 मीटर ऊंचा है. अगर इस पहाड़ को मारियाना ट्रेंच के अंदर रखा जाए तो भी इसकी चोटी लगभग दो किलोमीटर समुद्री पानी के नीचे डूबी रहेगी.
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पृथ्वी का सबसे कठोर वातावरण
चैलेंजर डीप की स्थिति पृथ्वी पर पाई जाने वाली सबसे चरम स्थितियों में से एक है. इस गहराई पर पानी का दबाव समुद्र तल पर महसूस किए जाने वाले वायुमंडलीय दबाव से लगभग 1000 गुना ज्यादा होता है.
इतना ज्यादा दबाव बिना सुरक्षा वाले मानव शरीर को तुरंत कुचल देगा. यहां का वातावरण पूरी तरह से अंधेरे वाला होता है क्योंकि सूरज की रोशनी भी इतनी गहराई तक नहीं जा पाती. यहां का तापमान जमने के बिंदु के करीब रहता है जो आमतौर पर पूरे साल 1 डिग्री सेल्सियस से 4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है.
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