एक्सप्लोरर

भारत नहीं इस देश में होती है डॉक्टरों के खिलाफ सबसे ज्यादा हिंसा, चौंकाने वाले हैं आंकड़े

भारत के अलावा दूसरे देशों में भी डॉक्टर्स के खिलाफ हिंसा जारी है. क्या आप जानते हैं कि डॉक्टर्स के खिलाफ जारी हिंसा को कैसे रोका जा सकता है और अभी किस देश में सबसे ज्यादा हिंसा हो रही है.

कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर रेप-मर्डर केस को लेकर विरोध प्रदर्शन अभी भी जारी है. इस केस को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस (सीजीआई) डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पारदीवाला , जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने सुनवाई की है. सीजेआई ने कहा है कि व्यवस्था में सुधार के लिए हम और एक रेप का इंतजार नहीं कर सकते हैं. आज हम आपको भारत के अलावा के बाकी देशों में डॉक्टर्स के खिलाफ जारी हिंसा के बारे में बताएंगे. 

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस (सीजीआई) डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पारदीवाला , जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने सुनवाई की है. कोर्ट के आदेश के बाद डॉक्टर्स की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए टास्क फोर्स बनाया जा रहा है, इसमें 9 डॉक्टर्स को शामिल किया गया है, जो मेडिकल प्रोफेशनल्स की सुरक्षा, वर्किंग कंडीशन और उनकी बेहतरी के उपायों की सिफारिश करेगी. वहीं टास्क फोर्स में केंद्र सरकार के पांच अधिकारी भी शामिल किये गए हैं.

हिंसा का शिकार

बता दें कि द जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन  दुनिया में चिकित्सा की तीसरी सबसे अच्छी पत्रिकाओं में एक है. इसके मुताबिक डॉक्टर्स के खिलाफ हिंसा एक वैश्विक समस्या है. विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि 8% से 38% स्वास्थ्य कर्मियों को अपने करियर में किसी ना किसी समय शारीरिक हिंसा का सामना करना पड़ता है.

किस देश में सबसे ज्यादा हिंसा

सर्वेक्षणों रिपोर्ट्स के मुताबिक कार्यस्थल पर हिंसा का सामना करने वाले डॉक्टरों का प्रतिशत चीन में 85%, भारत में 75% और अमेरिका में 47% है. वहीं हमलावर ज़्यादातर मरीज़ और उनके रिश्तेदार होते हैं, वहीं अमेरिका में, 97% मामलों में हमलावर मरीज़ ही होता है. विभागों के मुताबिक प्रसूति और स्त्री रोग से 39%, सर्जरी से 30%, चिकित्सा से 27% और अन्य विभागों से 4% हिंसा के मामले सामने आते हैं. वहीं जो युवा और कम अनुभवी डॉक्टर हैं, वो हिंसा के प्रति ज़्यादा संवेदनशील पाए गए हैं.

डॉक्टर्स में डर

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा हाल ही में जारी सर्वेक्षण से पता चला है कि 82.7% डॉक्टर पेशे में तनाव महसूस करते हैं. वहीं 62.8% हिंसा से डरते हैं और 46.3% कहते हैं कि हिंसा उनके तनाव का मुख्य कारण है.

हिंसा का मुख्य कारण

अधिकांश अस्पतालों में हिंसा का मुख्य कारण मरीजों और उनके परिजनों द्वारा डॉक्टर की लापरवाही को मानना है. हालांकि लोग ये मानने को तैयार नहीं है कि चिकित्सा कोई सटीक विज्ञान नहीं है. 

डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा कैसे होगी कम 

हिंसा को लेकर डॉक्टरों का मानना है कि स्वास्थ्य कर्मियों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ हिंसा को गैर-जमानती बनाने और लंबी जेल की सजा और भारी जुर्माना जैसा कानून होना चाहिए. 

इन राज्यों में सख्त कानून

बता दें कि भारत के उन्नीस से ज्यादा राज्यों में स्वास्थ्य कर्मियों और प्रतिष्ठानों को हिंसा से बचाने के लिए सख्त कानून है. पहला ऐसा राज्य कानून आंध्र प्रदेश में 2007 में मुख्यमंत्री वाईएस राज शेखर रेड्डी ने लागू किया था, जो खुद एक डॉक्टर थे. इस कानून ने डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा को गैर-जमानती अपराध बना दिया था, जिसके लिए पचास हजार रुपये तक का जुर्माना और तीन साल तक की जेल की सजा हो सकती है. दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु, ओडिशा और अन्य राज्यों ने भी इसी तरह के कानून बनाए गये है. 

डॉक्टर्स की सुरक्षा कैसे होगी 

• कई बार डॉक्टर्स की अपनी गलती के कारण भी हिंसा होती है. हिंसा कुछ हद तक रोकने के लिए डॉक्टरों को ऐसा इलाज नहीं करना चाहिए, जिसके लिए वे प्रशिक्षित नहीं है.
• डॉक्टरों को प्रभावी संचार और अच्छे पारस्परिक कौशल के लिए प्रशिक्षित किया जाना चाहिए.
• वहीं उपचार से जुड़े नहीं एक वरिष्ठ डॉक्टर को स्थिति को कम करने के लिए रोगी के रिश्तेदारों से बातचीत करनी चाहिए.
• प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षा कर्मचारी होने चाहिए और सुरक्षा अलार्म सिस्टम होना चाहिए. 
• प्रतिष्ठानों में 24 घंटे प्रशिक्षित पर्यवेक्षकों के साथ सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और आपातकालीन विभाग में प्रवेश पर बेहतर नियंत्रण होना चाहिए.
• रोगियों को हल्के रोगों के लिए पारिवारिक चिकित्सक/सामान्य चिकित्सक से परामर्श करने के लिए प्रोत्साहित करके अस्पतालों में भीड़भाड़ को कम किया जाना चाहिए.

ये भी पढ़ें: क्या मुस्लिम धर्म अपनाने के बाद बन सकते हैं हिंदू, क्या है इसका प्रोसेस?

गिरिजांश गोपालन को मीडिया इंडस्ट्री में चार साल से ज्यादा का अनुभव है. फिलहाल वह डिजिटल में सक्रिय हैं, लेकिन इनके पास प्रिंट मीडिया में भी काम करने का तजुर्बा है. दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद गिरिजांश ने नवभारत टाइम्स अखबार से पत्रकारिता की शुरुआत की. उन्हें घूमना बेहद पसंद है. पहाड़ों पर चढ़ना, कैंपिंग-हाइकिंग करना और नई जगहों को एक्सप्लोर करना उनकी हॉबी में शुमार है। यही कारण है कि वह तीन साल से पहाड़ों में ज्यादा वक्त बिता रहे हैं. अपने अनुभव और दुनियाभर की खूबसूरत जगहों को अपने लेखन-फोटो के जरिए सोशल मीडिया के रास्ते लोगों तक पहुंचाते हैं.
Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Major Fire Tragedy Incidents: दिल्ली से इंदौर तक, हर तरफ आग का कहर; जानिए पिछले 10 दिनों में कहां-कहां मचाया तांडव
दिल्ली से इंदौर तक, हर तरफ आग का कहर; जानिए पिछले 10 दिनों में कहां-कहां मचाया तांडव
Summer Fires: गर्मी में काल बन सकती हैं ये गलतियां, जानें आग लगने की 5 सबसे बड़ी वजहें
गर्मी में काल बन सकती हैं ये गलतियां, जानें आग लगने की 5 सबसे बड़ी वजहें
सस्ते हो जाएंगे फ्लाइट टिकट! जानिए क्या है Jet Fuel Price Freeze Scheme?
सस्ते हो जाएंगे फ्लाइट टिकट! जानिए क्या है Jet Fuel Price Freeze Scheme?
Meat Ads Ban: दुनिया के इन 50 शहरों में है मीट से बनी चीजों के विज्ञापन पर बैन, जानें क्यों लगाई गई रोक?
दुनिया के इन 50 शहरों में है मीट से बनी चीजों के विज्ञापन पर बैन, जानें क्यों लगाई गई रोक?

वीडियोज

Cannes में भारत का प्रतिनिधित्व कर भावुक हुईं Nidhi Kumar Malhotra, बताया खास अनुभव
'Peddi' में Ram Charan का शानदार प्रदर्शन, क्लाइमैक्स ने छोड़ी गहरी छाप
Madhuri Dixit के नए अवतार ने जीता दिल, 'Maa Behen' बनी मजेदार एंटरटेनर
Breaking | Malviya Nagar Fire Update: होटल जला तो पता चला, सब मिले हैं जी! | Delhi News | Fire
Malviya Nagar Fire | Janhit: 'करप्शन' की 'आग' में पूरा परिवार खत्म! | Delhi News | Chitra Tripathi

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
भारत के साथ 5th जेनरेशन Su-57 बनाएगा रूस, पुतिन ने खुद किया ऐलान, PAK पर बोले- मैं नहीं मानता कि वो चीन का....
भारत के साथ 5th जेनरेशन Su-57 बनाएगा रूस, पुतिन ने खुद किया ऐलान, PAK पर बोले- मैं नहीं मानता कि वो चीन का....
DMK-Congress में अनबन के बीच INDIA अलायंस पर उद्धव ठाकरे ले सकते हैं बड़ा फैसला, इस बयान से मिले संकेत
DMK-Congress में अनबन के बीच INDIA अलायंस पर उद्धव ठाकरे ले सकते हैं बड़ा फैसला, इस बयान से मिले संकेत
राज्यसभा में NDA की नजर दो-तिहाई बहुमत पर, 24 सीटों से कितना बदलेगा समीकरण, किसकी बढ़ेगी ताकत?
राज्यसभा में NDA की नजर दो-तिहाई बहुमत पर, 24 सीटों से कितना बदलेगा समीकरण, किसकी बढ़ेगी ताकत?
IND vs AFG: प्लेइंग XI को लेकर गौतम गंभीर का बड़ा खुलासा, बताया कौन करेगा तीसरे नंबर पर बैटिंग
IND vs AFG: प्लेइंग XI को लेकर गौतम गंभीर का बड़ा खुलासा, बताया कौन करेगा तीसरे नंबर पर बैटिंग
Peddi Box Office Day 1: ‘पेद्दी’ ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर उड़ाया गर्दा, बनी जाह्नवी के करियर की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्म
‘पेद्दी’ ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर उड़ाया गर्दा, बनी जाह्नवी के करियर की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्म
CM DK शिवकुमार से शपथ के दो दिन बाद ही मंत्री नाराज, विभागों को लेकर टेंशन, रेड्डी के बाद अब मुनियप्पा ने दिया झटका
CM DK शिवकुमार से शपथ के दो दिन बाद ही मंत्री नाराज, विभागों को लेकर टेंशन, रेड्डी के बाद अब मुनियप्पा ने दिया झटका
कितने रुपये की आती है सिरोही नस्ल की बकरी? फार्म में लाने के बाद लाखों का होगा फायदा
कितने रुपये की आती है सिरोही नस्ल की बकरी? फार्म में लाने के बाद लाखों का होगा फायदा
Children's Screen Time: पीएम ने बताए स्क्रीन टाइम से जुड़े ये 4 रूल्स, हर बच्चे के पैरेंट्स को करने चाहिए फॉलो
पीएम ने बताए स्क्रीन टाइम से जुड़े ये 4 रूल्स, हर बच्चे के पैरेंट्स को करने चाहिए फॉलो
Embed widget