कितना ताकतवर है दुनिया का सबसे शक्तिशाली स्टारशिप रॉकेट, किस देश ने किया लॉन्च?
अंतरिक्ष में महा-रिकॉर्ड, 400 फीट से ऊंचे दुनिया के सबसे विशाल और महाशक्तिशाली रॉकेट स्टारशिप ने पहली बार पृथ्वी की कक्षा में पहुंचकर रचा इतिहास, जानें किस दिग्गज देश ने किया यह कारनामा.

अंतरिक्ष विज्ञान और रॉकेट तकनीक की दुनिया में एक नया इतिहास रच दिया गया है. दिग्गज बिजनेसमैन एलन मस्क की अमेरिकी निजी एयरोस्पेस कंपनी SpaceX ने अपने सबसे विशाल और मेगा रॉकेट स्टारशिप की 14वीं टेस्ट फ्लाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है. 28 सितंबर 2026 को हुए इस लॉन्च के साथ ही स्टारशिप ने पहली बार पृथ्वी की कक्षा में पहुंचकर एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड बना दिया.
यह ऐतिहासिक उड़ान अमेरिका के टेक्सास में स्थित SpaceX के स्टारबेस लॉन्चिंग साइट से भरी गई. अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद इस शक्तिशाली रॉकेट ने अपनी पहली कामकाजी खेप के रूप में नई पीढ़ी के 26 स्टारलिंक सैटेलाइट को भी सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में तैनात कर दिया. इस बड़ी सफलता को NASA के आगामी चंद्रमा अभियानों और मंगल ग्रह पर भेजने के मस्क के बड़े सपने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
आकार में कितना बड़ा है यह रॉकेट?
अगर इसके आकार की बात करें तो स्टारशिप दुनिया का अब तक का सबसे ऊंचा और विशालकाय रॉकेट है. यह पूरा रॉकेट सिस्टम दो मुख्य हिस्सों से मिलकर बना है. इसका पहला हिस्सा सुपर हैवी बूस्टर है और इसके ऊपर दूसरा मुख्य हिस्सा स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट लगा हुआ है. जब यह दोनों हिस्से एक साथ जोड़े जाते हैं, तो इस रॉकेट की कुल ऊंचाई 124 मीटर लगभग 407 फीट हो जाती है. आकार के मामले में यह भारत के ऐतिहासिक कुतुब मीनार से भी काफी ज्यादा ऊंचा है.
33 इंजनों की ताकत और 8,240 टन का भारी-भरकम थ्रस्ट
स्टारशिप को दुनिया का सबसे शक्तिशाली लॉन्च व्हीकल इसकी बेजोड़ ताकत और इंजन क्षमता बनाते हैं. इसके सुपर हैवी बूस्टर में एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 33 लिक्विड ऑक्सीजन और मीथेन से चलने वाले शक्तिशाली रैप्टर इंजन लगे हुए. ब यह रॉकेट उड़ान भरता है, तो इसके यह इंजन मिलकर 8,240 टन का महा-विस्फोटक थ्रस्ट पैदा करते हैं.
यह ताकत इतिहास में इंसानों को चांद पर ले जाने वाले नासा के प्रसिद्ध Saturn V रॉकेट की कुल ताकत से भी करीब दोगुनी है. इतनी भारी ताकत की बदौलत ही यह विशाल रॉकेट 100 टन से भी अधिक का वजन लेकर सीधे अंतरिक्ष में जा सकता है.
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पूरी तरह दोबारा इस्तेमाल होने योग्य तकनीक
स्टारशिप की सबसे खास बात यह है कि इसे पूरी तरह से रियूजेबल बनाया गया है. इसका मतलब यह है कि उड़ान भरने के बाद इसके दोनों हिस्से सुरक्षित रूप से वापस धरती पर लौट सकते हैं और इन्हें दोबारा नए मिशन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. इस खूबी के कारण भविष्य में अंतरिक्ष यात्रा का खर्च बहुत कम हो जाएगा.
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