एक्सप्लोरर

भारत सबसे ज्यादा कहां करता है किसी भी हथियार का परीक्षण, इस जगह को चुनने की क्या है वजह?

भारत अपने हथियारों और मिसाइलों का सबसे अधिक परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर और अब्दुल कलाम द्वीप पर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज में करता है. चलिए जानते हैं इस जगह को चुनने के पीछे क्या कारण है.

भारत अपनी सैन्य शक्ति को मजबूत करने के लिए समय-समय पर अलग-अलग हथियारों और मिसाइलों का परीक्षण करता है. इनमें से अधिकांश परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर और अब्दुल कलाम द्वीप पर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) में किए जाते हैं. लेकिन सवाल यह है कि भारत ने इन स्थानों को अपने हथियार परीक्षण के लिए क्यों चुना? आइए, इसकी वजहों को जानते हैं.

यहां होता है सबसे ज्यादा हथियार का परीक्षण

चांदीपुर ओडिशा में बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित है जो भारत का सबसे प्रमुख मिसाइल परीक्षण केंद्र है. यहां की भौगोलिक स्थिति इसे हथियार परीक्षण के लिए आदर्श बनाती है. चांदीपुर में लॉन्च कॉम्प्लेक्स-III मुख्य रूप से छोटी और मध्यम दूरी की मिसाइलों जैसे पृथ्वी, आकाश और त्रिशूल के परीक्षण के लिए उपयोग होता है. इसके अलावा, अब्दुल कलाम द्वीप जो चांदीपुर से लगभग 150 किलोमीटर दूर बंगाल की खाड़ी में स्थित है, लंबी दूरी की मिसाइलों जैसे अग्नि-5 और अग्नि-प्राइम के परीक्षण के लिए उपयुक्त है. हाल ही में अग्नि-5 मिसाइल जिसकी मारक क्षमता 5,000 किलोमीटर से अधिक है इसका सफल परीक्षण इसी स्थान से किया गया.

क्यों है ये जगह खास

इन स्थानों को चुनने की पहली और सबसे बड़ी वजह है इनकी सामरिक और भौगोलिक स्थिति. चांदीपुर और अब्दुल कलाम द्वीप समुद्र के किनारे स्थित हैं, जिससे मिसाइलों को समुद्र के ऊपर दागा जा सकता है. इससे आबादी वाले क्षेत्रों को कोई खतरा नहीं होता और मिसाइल की उड़ान पथ को ट्रैक करने के लिए विशाल खुला क्षेत्र भी होता है. समुद्र के ऊपर परीक्षण से मिसाइल के प्रदर्शन का सटीक डेटा एकत्र करना आसान होता है क्योंकि रडार, टेलीमेट्री और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं यहां उपलब्ध हैं.

दूसरी वजह है गोपनीयता और सुरक्षा. चांदीपुर और अब्दुल कलाम द्वीप के आसपास घनी आबादी नहीं है, जिससे परीक्षणों की गोपनीयता बनी रहती है. अब्दुल कलाम द्वीप लंबी दूरी की मिसाइलों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है, क्योंकि यह खुले समुद्र में स्थित है और मिसाइलों के उड़ान पथ को बिना किसी बाधा के ट्रैक किया जा सकता है.

अन्य कारण

इसके अलावा, इन स्थानों का चयन पर्यावरण और अंतरराष्ट्रीय नियमों को ध्यान में रखकर किया गया है. लंबी दूरी की मिसाइलों को उनकी पूरी क्षमता तक दागने के लिए विशाल क्षेत्र चाहिए, जो केवल समुद्र में ही संभव है जिससे किसी अन्य देश के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन न हो.

इसे भी पढ़ें- जल्द मिट जाएगा फैजाबाद बसाने वाले नवाब की कोठी का नामोनिशां, जान लें इसकी पूरी कहानी

About the author नेहा सिंह

नेहा सिंह बीते 6 साल से डिजिटल मीडिया की दुनिया से जुड़ी हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद से ताल्लुक रखती हैं. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद हैदराबाद स्थित ईटीवी भारत से साल 2019 में अपने करियर की शुरुआत की. यहां पर दो साल तक बतौर कंटेट एडिटर के पद पर काम किया इस दौरान उन्हें एंकरिंग का भी मौका मिला जिसमें उन्होंने बेहतरीन काम किया.

फिर देश की राजधानी दिल्ली का रुख किया, यहां प्रतिष्ठित चैनलों में काम कर कलम को धार दी. पहले इंडिया अहेड के साथ जुड़ीं और कंटेंट के साथ-साथ वीडियो सेक्शन में काम किया. 

इसके बाद नेहा ने मेनस्ट्रीम चैनल जी न्यूज में मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के पद पर अपनी सेवाएं दीं. जी न्यूज में रहते हुए नेशनल और इंटरनेशनल मुद्दों पर एक्सप्लेनर वीडियो क्रिएट किए.

इसी बीच प्रयागराज महाकुंभ के दौरान कुलवृक्ष संस्थान से जुड़कर महाकुंभ भी कवर किया, साधु-संतों का इंटरव्यू किया. लोगों से बातचीत करके उनके कुंभ के अनुभव और समस्याओं को जाना.

वर्तमान में नेहा एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां पर नॉलेज सेक्शन में ऐसी खबरों को एक्सप्लेन करती हैं, जिनके बारे में आम पाठक को रुचि होती है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

NASA Invite ISRO : दुनिया की किन स्पेस एजेंसियों संग काम कर चुका नासा, भारत को कब-कब मिला मौका?
दुनिया की किन स्पेस एजेंसियों संग काम कर चुका नासा, भारत को कब-कब मिला मौका?
India vs Pakistan Child Safety: किस देश में बच्चियां ज्यादा सुरक्षित... भारत या पाकिस्तान? आंकड़ों में जानें जवाब
किस देश में बच्चियां ज्यादा सुरक्षित... भारत या पाकिस्तान? आंकड़ों में जानें जवाब
Gen-Z आबादी में चीन-पाकिस्तान में कौन आगे? जानें महिला-पुरुष के आंकड़े
Gen-Z आबादी में चीन-पाकिस्तान में कौन आगे? जानें महिला-पुरुष के आंकड़े
लेबनान में खत्म हुई मौत की सजा, जानें कौन-से देश दिखा चुके रहमदिली?
लेबनान में खत्म हुई मौत की सजा, जानें कौन-से देश दिखा चुके रहमदिली?

वीडियोज

अतीक अहमद के बेटे की डरावनी पिक्चर !
Chitra Tripathi: ट्रंप 'कंटेनर' के अंदर क्या ईरान का डर ? | Janhit
Bigg Boss 20: Salman Khan ने खोला ‘Tathas-Two’ का राज, Contestants को मिलेंगी 2 Lives
Mirzapur: The Movie Trailer में Pankaj Tripathi, Ali Fazal और Divyenndu की वापसी, बड़े पर्दे पर मचेगा बवाल Title: English Headline
Bollywood News: अक्षय-सैफ की ब्लॉकबस्टर जोड़ी का कमबैक, 'खिलाड़ी' का एक्शन या 'अनाड़ी' का अंदाज़—कौन जमाएगा रंग? (12-08-26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
सद्दाम से शुरू हुई कहानी का THE END! 23 साल बाद इराक से लौटेंगे अमेरिकी सैनिक
सद्दाम से शुरू हुई कहानी का THE END! 23 साल बाद इराक से लौटेंगे अमेरिकी सैनिक
JPSC घोटाले की खुली पोल! OMR में हेरफेर, 50 लाख में अफसर, एक्सपर्ट्स ने भरे आंसर
JPSC घोटाले की खुली पोल! OMR में हेरफेर, 50 लाख में अफसर, एक्सपर्ट्स ने भरे आंसर
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में टीम इंडिया के कितने मैच बाकी? देखें WTC का शेड्यूल
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में टीम इंडिया के कितने मैच बाकी? देखें WTC का शेड्यूल
45 साल की उम्र में तीसरी शादी करेंगे पवन सिंह? राधे मां ने कर दी भविष्यवाणी, पावर स्टार ने यूं किया रिएक्ट
तीसरी शादी करेंगे पवन सिंह? राधे मां ने कर दी भविष्यवाणी
NDA और विपक्ष के सांसद प्रदर्शन करते हुए आमने सामने आए, बीच में खड़ी रही सिक्योरिटी
NDA और विपक्ष के सांसद प्रदर्शन करते हुए आमने सामने आए, बीच में खड़ी रही सिक्योरिटी
पाक फिर बेनकाब! पूर्व मंत्री ने हाफिज सईद को बताया ‘आका’, भारत को दी गीदड़भभकी
पाक फिर बेनकाब! पूर्व मंत्री ने हाफिज सईद को बताया ‘आका’, भारत को दी गीदड़भभकी
नक्सल प्रभावित इलाके में ड्यूटी, फिर भी नहीं छोड़ा UPSC का सपना, अफसर ने रचा इतिहास
नक्सल प्रभावित इलाके में ड्यूटी, फिर भी नहीं छोड़ा UPSC का सपना, अफसर ने रचा इतिहास
घर में भी उगा सकते हैं कद्दू, बस इन बातों का रखें ध्यान
घर में भी उगा सकते हैं कद्दू, बस इन बातों का रखें ध्यान
Embed widget