Afghanistan-Pakistan Tension: अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच देर रात गोलीबारी! अफगान सेना बोली- हमारे कब्जे में 7 पोस्ट, 3 सैनिक मारे
Afghanistan-Pakistan Tension: अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर आधी रात भारी गोलीबारी हुई है. इस बीच अफगान सेना ने दावा किया है कि उन्होंने 7 पाकिस्तानी पोस्ट पर कब्जा कर लिया है.

अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. आधी रात को अफग़ान सेना ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. रिपोर्ट के मुताबिक, पहले पाकिस्तानी सेना पर आरोप है कि उसने डूरंड लाइन पार कर अफ़ग़ान सैन्य ठिकाने पर हमला किया. इसके बाद अफ़ग़ान सेना ने कंधार-बलूचिस्तान और कंधार-खैबर पख्तूनख्वाह सीमा के पास शोरबाक, स्पिन बोल्डक, मारूफ़ और अर्गहिस्तान इलाकों में पाकिस्तानी ठिकानों को निशाना बनाना शुरू किया.
इसके अलावा ज़ाबुल-कमरदीन बॉर्डर और खोस्त-मीरानशाह बॉर्डर के पास भी टैंक और भारी तोपों से हमले किए जाने की खबर है. बताया जा रहा है कि रात 12 बजे के आसपास यह कार्रवाई शुरू हुई. अफग़ान सेना का दावा है कि उसने 7 से ज्यादा पाकिस्तानी चौकियों पर कब्जा कर लिया है. सेना के प्रवक्ता इनायतुल्लाह ख्वाराज़मी के अनुसार इन हमलों में 3 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हुई है और कुछ सैनिकों को पकड़कर अफ़ग़ानिस्तान लाया गया है. हालांकि पाकिस्तान की ओर से अभी तक इस दावे पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. सीमा पर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं.
डूरंड लाइन का इतिहास
डूरंड लाइन अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लगभग 2,640 किलोमीटर लंबी विवादित सीमा है. अफगानिस्तान लंबे समय से इस सीमा को औपचारिक अंतरराष्ट्रीय सीमा के रूप में मान्यता देने से हिचकता रहा है, जबकि पाकिस्तान इसे वैध सीमा मानता है. रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी सेना ने कथित तौर पर डूरंड लाइन पार कर अफगान सैन्य ठिकाने पर हमला किया. इसके बाद अफगान सेना ने इसे आक्रामक कार्रवाई बताते हुए जवाबी हमला शुरू कर दिया. ऐसे मामलों में दोनों देशों के बीच अक्सर आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं. सीमावर्ती इलाकों में पहले भी गोलाबारी और छोटे स्तर की झड़पें होती रही हैं, लेकिन इस बार भारी हथियारों के इस्तेमाल की खबरों ने स्थिति को गंभीर बना दिया है. वहीं अफगान-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ता तनाव व्यापार, ट्रांजिट मार्गों और स्थानीय आबादी की सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है. साथ ही, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर इस घटनाक्रम पर टिकी रहेगी.
Source: IOCL


























