एक्सप्लोरर

भूकंप ज्यादा तेज आता है या सुनामी, दोनों में से कौन ज्यादा खतरनाक?

भूकंप और सुनामी दोनों ही प्राकृतिक आपदा विनाशकारी होती है. दोनों ही प्राकृतिक आपदाएं अपने पीछे भारी तबाही छोड़ जाती हैं. लेकिन दोनों में से ज्यादा तेज कौन आता है और कौन ज्यादा खतरनाक है? चलिए जानें.

भूकंप और सुनामी दोनों ही प्राकृतिक आपदा अपने साथ विनाश लेकर आती हैं. लेकिन भूकंप और सुनामी में से कौन अधिक तेज और विनाशकारी होता है? यह सवाल अक्सर लोगों के मन में उठता है, क्योंकि दोनों ही प्राकृतिक आपदाएं अपने पीछे भारी तबाही छोड़ सकती हैं. तो आज हम आपको इन्ही सवालों का जवाब देते हैं. 

भूकंप में क्या होता है?

भूकंप तब होता है जब पृथ्वी की सतह के नीचे टेक्टोनिक प्लेट्स में हलचल होती है. यह हलचल ऊर्जा के रूप में निकलती है, जो धरती को हिलाती है. भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है. बता दें कि 6 से कम तीव्रता का भूकंप हल्का माना जाता है, जबकि 7 या उससे अधिक का भूकंप अत्यंत विनाशकारी हो सकता है. तेज तीव्रता के भूकंप से सुनामी आने का खतरा बढ़ जाता है. भूकंप का प्रभाव तात्कालिक होता है यानी कुछ सेकंड से लेकर मिनटों तक. लेकिन इस छोटे समय में यह इमारतों, सड़कों और बुनियादी ढांचे को ध्वस्त कर सकता है. अभी कुछ ही दिनों पहले रूस में आए भूकंप कि तस्वीरें बेहद डरावनी थी. भूकंप का असर सीमित क्षेत्र तक हो सकता है, लेकिन अगर यह घनी आबादी वाले इलाके में आता है, तो नुकसान ज्यादा होता है. यह आपदा बिना किसी चेतावनी के आती है, जिससे बचाव मुश्किल हो जाता है.

सुनामी कैसे आती है?

बता दें कि सुनामी समुद्र के नीचे होने वाले भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट या भूस्खलन के कारण होती है. यह विशाल समुद्री लहरें होती हैं, जो तटों पर पहुंचकर भारी तबाही मचाती हैं. सुनामी की तीव्रता इसकी लहरों की ऊंचाई और गति पर निर्भर करती है. ये लहरें 800 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं और तट पर 10 से 30 मीटर तक ऊंची हो सकती हैं. सुनामी का प्रभाव भूकंप से अधिक विस्तृत हो सकता है, क्योंकि यह पूरे तटीय क्षेत्रों को प्रभावित करती है. 

भूकंप या सुनामी कौन ज्यादा खतरनाक?

भूकंप और सुनामी दोनों ही विनाश लेकर आती हैं. भूकंप का प्रभाव तुरंत और स्थानीय होता है, जबकि सुनामी का प्रभाव ज्यादा हो सकता है. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर मापी जाती है, जबकि सुनामी की तीव्रता लहरों की ऊंचाई और गति से तय होती है. अगर भूकंप समुद्र के नीचे होता है, तो वह सुनामी को जन्म दे सकता है, जिससे दोनों का एक साथ प्रभाव और भी घातक हो जाता है. लेकिन भूकंप से भी अधिक खतरनाक स्थिति सुनामी में होती है. क्योंकि जलप्रलय लाखों लोगों को जिंदगी तबाह कर सकता है और समुद्री जीव पर भी गहरा असर डाल सकता है.

इसे भी पढ़ें- स्पेस में पहली बार बीयर बनाएंगे एस्ट्रोनॉट्स, जानें पृथ्वी पर मिलने वाली बीयर से कितनी होगी अलग?

About the author नेहा सिंह

नेहा सिंह बीते 6 साल से डिजिटल मीडिया की दुनिया से जुड़ी हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद से ताल्लुक रखती हैं. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद हैदराबाद स्थित ईटीवी भारत से साल 2019 में अपने करियर की शुरुआत की. यहां पर दो साल तक बतौर कंटेट एडिटर के पद पर काम किया इस दौरान उन्हें एंकरिंग का भी मौका मिला जिसमें उन्होंने बेहतरीन काम किया.

फिर देश की राजधानी दिल्ली का रुख किया, यहां प्रतिष्ठित चैनलों में काम कर कलम को धार दी. पहले इंडिया अहेड के साथ जुड़ीं और कंटेंट के साथ-साथ वीडियो सेक्शन में काम किया. 

इसके बाद नेहा ने मेनस्ट्रीम चैनल जी न्यूज में मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के पद पर अपनी सेवाएं दीं. जी न्यूज में रहते हुए नेशनल और इंटरनेशनल मुद्दों पर एक्सप्लेनर वीडियो क्रिएट किए.

इसी बीच प्रयागराज महाकुंभ के दौरान कुलवृक्ष संस्थान से जुड़कर महाकुंभ भी कवर किया, साधु-संतों का इंटरव्यू किया. लोगों से बातचीत करके उनके कुंभ के अनुभव और समस्याओं को जाना.

वर्तमान में नेहा एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां पर नॉलेज सेक्शन में ऐसी खबरों को एक्सप्लेन करती हैं, जिनके बारे में आम पाठक को रुचि होती है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

किस तरह का संगीत सुनता था अकबर, कैसे बहलाता था अपना मन?
किस तरह का संगीत सुनता था अकबर, कैसे बहलाता था अपना मन?
इस्लाम में धर्म बदलने के लिए कलमा, हिंदू धर्म में क्या? जानिए
इस्लाम में धर्म बदलने के लिए कलमा, हिंदू धर्म में क्या? जानिए
कैसे खोलें अपनी शुगर मिल? कहां करना होता है आवेदन, जानें प्रक्रिया
कैसे खोलें अपनी शुगर मिल? कहां करना होता है आवेदन, जानें प्रक्रिया
क्या नेता बनने पर भी दिव्या मित्तल को मिलेगी IAS की पेंशन? जानें नियम
क्या नेता बनने पर भी दिव्या मित्तल को मिलेगी IAS की पेंशन? जानें नियम

वीडियोज

जेल के वो 21 दिन...आज खुलेगा राज!
Shehzad Poonawalla के साथ हुई इस घटना की पूरी कहानी क्या है?
Kathua में CISF जवानों के बीच फायरिंग, 2 अधिकारी समेत चार जवानों की गई जान!
सिर्फ ज्ञानेश के इस्तीफे से क्या होगा?
ज्ञानेश के इस्तीफे से SIR 'दर्द' खत्म होगा?

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
EC विवाद: विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए BJP ने बनाई खास रणनीति
EC विवाद: विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए BJP ने बनाई खास रणनीति
UP चुनाव: सपा-कांग्रेस से गठबंधन पर असदुद्दीन ओवैसी का बड़ा बयान, बोले- 'जबरदस्ती...'
UP चुनाव: सपा-कांग्रेस से गठबंधन पर असदुद्दीन ओवैसी का बड़ा बयान, बोले- 'जबरदस्ती...'
'वो जिसके साथ रहे खुश रहे', सुनीता आहूजा ने गोविंदा-कोमल के लालाबागचा दर्शन पर तोड़ी चुप्पी
'वो जिसके साथ रहे खुश रहे', सुनीता ने गोविंदा-कोमल के लालाबागचा दर्शन पर तोड़ी चुप्पी
11वें दिन बेटियों ने जीते गोल्ड, पीएम मोदी ने दी बधाई; बोले- 'जश्न मनाने का...'
11वें दिन बेटियों ने जीते गोल्ड, पीएम मोदी ने दी बधाई; बोले- 'जश्न मनाने का...'
'आप राज्य का दर्जा सही...', CM उमर अब्दुल्ला का BJP पर तंज
'आप राज्य का दर्जा सही...', CM उमर अब्दुल्ला का BJP पर तंज
UNGA में कश्मीर पर तुर्किए की टिप्पणी को भारत ने किया खारिज, दिया ये दो टूक जवाब
UNGA में कश्मीर पर तुर्किए की टिप्पणी को भारत ने किया खारिज, दिया ये दो टूक जवाब
जम्मू: कठुआ में CISF कर्मियों के बीच फायरिंग, 4 जवानों की मौत
जम्मू: कठुआ में CISF कर्मियों के बीच फायरिंग, 4 जवानों की मौत
23 से 28 सितंबर का मौसमी खेल: UP में 544% अधिक बारिश, तमिलनाडु में 96% सूखा
23 से 28 सितंबर का मौसमी खेल: UP में 544% अधिक बारिश, तमिलनाडु में 96% सूखा
Embed widget