एक्सप्लोरर

Purest Food: दुनिया में खाने की वह कौन सी चीज, जो पूरी तरह शुद्ध? क्या आपकी रसोई में इसे मिली जगह

Purest Food: दुनिया में खाने की एक ऐसी चीज है जो पूरी तरह से शुद्ध मानी जाती है. आइए जानते हैं क्या है उस चीज का नाम और साथ ही भारतीय रसोई में यह खास स्थान क्यों रखती है.

Purest Food: अलग-अलग खाद्य पदार्थ जैसे कि फल, सब्जियां, अंडे और चावल से भरी इस दुनिया में यह सोचना काफी ज्यादा जरूरी है कि इनमें से आखिर सबसे शुद्ध कौन सा है. हालांकि अगर सबसे शुद्ध खाद्य पदार्थ की बात करें तो इसमें एक ऐसी चीज का नाम आता है जो हजारों सालों से भारतीय रसोई का एक अभिन्न अंग रहा है. हम बात कर रहे हैं घी की. आइए जानते हैं कि घी को सबसे शुद्ध क्यों माना जाता है.

परंपरा की ओर वापसी 

वैसे तो दशकों से घी की खपत में काफी ज्यादा गिरावट आई है क्योंकि लोग इसके सैचुरेटेड फैट की मात्रा को लेकर काफी ज्यादा सतर्क हो गए हैं. लेकिन कोरोना महामारी के बाद इसमें फिर से उछाल आया है. लोगों ने अब स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता दिखाते हुए ऐसे खाद्य पदार्थों की तलाश शुरू कर दी है जो प्राकृतिक, स्थानीय रूप से उत्पादित और सांस्कृतिक रूप से जरूरी हों. भारत में घी इन सभी मानदंडों पर खरा उतरता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसे घर पर बनाया जा सकता है या फिर स्थानीय रूप से प्राप्त किया जा सकता है. 

धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व 

घी सिर्फ एक आहार सामग्री नहीं है. इसका एक गहरा धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी है. प्राचीन वेदों और आयुर्वेदिक ग्रंथों में इसका जिक्र है. घी का इस्तेमाल अक्सर अनुष्ठानों में किया जाता है और पूजा पाठ के दौरान देवताओं को अर्पित भी किया जाता है. खाने में घी को शामिल करना परंपरा का सम्मान करते हुए इसकी प्राकृतिक शुद्धता का लाभ उठाने का एक तरीका माना जाता है.

शुद्धिकरण प्रक्रिया 

घी बनाने का तरीका ही इसकी शुद्धता में योगदान देता है. इसमें मक्खन को धीरे-धीरे उबालकर उसमें से सारा पानी और दूध के ठोस पदार्थ को निकाल लिया जाता है. इसके बाद एक खुशबूदार  घी प्राप्त होता है जो अशुद्धियों से मुक्त होता है. यह तरीका इस बात को सुनिश्चित करता है कि घी अपने पौष्टिक गुणों को बरकरार रखे और एक स्वच्छ मिलावट रहित उत्पाद को प्रदान करे. जिसका इस्तेमाल खाना पकाने और औषधीय रूप से किया जा सके. 

आधुनिक रसोई में घी 

आज घी ने भारतीय घरों में अपनी जगह को फिर से मजबूत कर लिया है. इसका इस्तेमाल खाना पकाने, तलने, मसाले डालने और यहां तक की मिठाइयों और पारंपरिक व्यंजनों में भी किया जाता है. घी शुद्धता, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव का एक प्रतीक बना हुआ है.

ये भी पढ़ें: क्या होता है कफाला सिस्टम, जानें किन देशों में है यह अभी भी लागू

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Khamenei Funeral: कैसे होगा खामेनेई का अंतिम संस्कार, क्या है गुस्ल, कफन, जनाजा और दफ्न की पूरी प्रक्रिया?
कैसे होगा खामेनेई का अंतिम संस्कार, क्या है गुस्ल, कफन, जनाजा और दफ्न की पूरी प्रक्रिया?
Strawberry Moon 2026: आज रात दिखेगा Strawberry Moon का खूबसूरत नजारा, जानिए नॉर्मल से क्यों और कितना बड़ा हो जाता है चांद
आज रात दिखेगा Strawberry Moon का खूबसूरत नजारा, जानिए नॉर्मल से क्यों और कितना बड़ा हो जाता है चांद
Meteorites: 1 साल में धरती पर कितने उल्कापिंड गिरते हैं, जानें हम उन्हें क्यों नहीं देख पाते?
1 साल में धरती पर कितने उल्कापिंड गिरते हैं, जानें हम उन्हें क्यों नहीं देख पाते?
Khamenei Funeral Ceremony: खामेनेई के जनाजे की नमाज में सजदा क्यों नहीं करेंगे मुसलमान, क्या है इस्लाम में नियम?
खामेनेई के जनाजे की नमाज में सजदा क्यों नहीं करेंगे मुसलमान, क्या है इस्लाम में नियम?

वीडियोज

लॉरेन्स का खूनी प्लान...टारगेट पर सलमान ?
Panna Diamond Mine| Labourer Found Diamond: रातों-रात करोड़पति बना मजदूर!
Climate Change | Global Weather Update | Janhit: मौसम की मार या प्रलय की आहट?
Weather Update | Bharat ki Baat | अलनीनो का आफत काल,मॉनसून का मायाजाल | Latest News | Breaking News
Bharat Ki Baat : चढ़ावा चोरी से UP चुनाव में किसको होगा घाटा? | Ram Mandir Theft | Pratima Mishra

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
खिड़कियां खोलकर रखें. सीलिंग फैन..गर्मी से बेहाल ब्रिटेन में सरकार ने AC हटाने को क्यों कहा है?
खिड़कियां खोलकर रखें. सीलिंग फैन..गर्मी से बेहाल ब्रिटेन में सरकार ने AC हटाने को क्यों कहा है?
महाराष्ट्र TET पेपर लीक केस में बड़ा अपडेट, बिहार के इस जिले से निकला मास्टरमाइंड का कनेक्शन
महाराष्ट्र TET पेपर लीक केस में बड़ा अपडेट, बिहार के इस जिले से निकला मास्टरमाइंड का कनेक्शन
कोलंबो की भारत-पाकिस्तान सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ? विदेश मंत्रालय ने दिया ये हैरान करने वाला जवाब
कोलंबो की भारत-पाकिस्तान सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ? विदेश मंत्रालय ने दिया ये हैरान करने वाला जवाब
128 साल बाद ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी, IOC ने क्वालिफिकेशन के लिए बनाया खास प्लान; भारत को मिली जगह 
128 साल बाद ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी, IOC ने क्वालिफिकेशन के लिए बनाया खास प्लान
'मैं डर गई थी...', अक्षय खन्ना को थप्पड़ मारने वाले सीन में कांप उठे थे दीया मिर्जा के हाथ, खुद बताया किस्सा
'मैं डर गई थी...', अक्षय खन्ना को थप्पड़ मारने वाले सीन में कांप उठे थे दीया मिर्जा के हाथ, खुद बताया किस्सा
खामेनेई की अंतिम सलामी: भारत की ओर से शामिल होंगे बिहार के राज्यपाल और विदेश राज्यमंत्री
खामेनेई की अंतिम सलामी: भारत की ओर से शामिल होंगे बिहार के राज्यपाल और विदेश राज्यमंत्री
असमः ढेमाजी-जोनाई में बाढ़ से भारी तबाही, रेलवे पुल क्षतिग्रस्त, नदी में चार बहे, शाह ने लिया जायजा
असमः ढेमाजी-जोनाई में बाढ़ से भारी तबाही, रेलवे पुल क्षतिग्रस्त, नदी में चार बहे, शाह ने लिया जायजा
महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया नया नियम, 1 से 10 तक के सभी स्कूलों में मराठी पढ़ना होगा जरुरी
महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया नया नियम, 1 से 10 तक के सभी स्कूलों में मराठी पढ़ना होगा जरुरी
Embed widget