ये हैं दुनिया को हथियार सप्लाई करने वाले 5 देश, इनसे थर थर कांपता है इजरायल
Top Weapon Exporting Countries: इजरायल के प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि देश को रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनना चाहिए. जानें उन देशों के बारे में जो दुनिया के सबसे बड़े हथियार निर्यातक हैं.

- विश्व के पांच देश 70% से अधिक हथियार निर्यात करते हैं।
- अमेरिका, फ्रांस, रूस शीर्ष हथियार निर्यातक देशों में हैं।
- जर्मनी, चीन भी प्रमुख निर्यातक; इज़राइल को इनसे सुरक्षा चिंताएं।
Top Weapon Exporting Countries: ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध विराम समझौते की खबरों के बाद इजरायल की सुरक्षा रणनीति पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है. इन घटनाक्रमों के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बात पर जोर दिया है कि इजरायल को रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनना चाहिए. इसी बीच आइए जानते हैं उन देशों के बारे में जो दुनिया के सबसे बड़े हथियार निर्यात करने वाले देश हैं.
दुनिया के शीर्ष पांच हथियार निर्यातक
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के आंकड़ों के मुताबिक पांच देशों का वैश्विक हथियार निर्यात में 70% से ज्यादा हिस्सा है. अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता बना हुआ है. इसका वैश्विक हथियार निर्यात बाजार में लगभग 42% हिस्सा है. अमेरिका दर्जनों सहयोगी देशों को एडवांस्ड लड़ाकू विमान, मिसाइल रक्षा प्रणाली, हेलीकॉप्टर, ड्रोन और नौसैनिक उपकरण एक्सपोर्ट करता है.
इसी के साथ फ्रांस दूसरा सबसे बड़ा हथियार एक्सपोर्टर बनकर उभरा है. इसका कारण राफेल लड़ाकू विमान, पनडुब्बी, युद्धपोत और एडवांस्ड सैन्य तकनीकों की मजबूत अंतरराष्ट्रीय मांग है.
वैश्विक हथियार निर्यात में रूस तीसरे स्थान पर आता है. हालांकि बीते कुछ सालों में इसके बाजार हिस्सेदारी में गिरावट आई है. लेकिन रूस में बने लड़ाकू विमान, वायु रक्षा प्रणाली, टैंक और मिसाइल अभी भी एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाते हैं.
चौथे स्थान पर जर्मनी आता है. यह देश एडवांस्ड पनडुब्बी, बख्तरबंद वाहन, सैन्य इंजन और भारी रक्षा उपकरण के निर्माण के लिए काफी मशहूर है.
साथ ही चीन ने बीते कुछ सालों में एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व के देशों को काफी सस्ते ड्रोन, मिसाइल सिस्टम, नौसैनिक जहाज और दूसरे सैन्य हार्डवेयर दिए हैं और इस लिस्ट में पांचवा स्थान हासिल किया है.
यह भी पढ़ेंः कौन होते हैं निहंग सिख, आम सरदारों से ये कितने अलग; क्या होता है 'निहंग' का मतलब?
क्यों है इजरायल को इन देशों से खतरा?
अगर रूस की बात करें तो इजरायल की मुख्य चिंता सीधी सैन्य टक्कर नहीं है. दरअसल इजरायल इस बात को लेकर डर रहा है कि मॉस्को ईरान या फिर सीरिया जैसे देशों को ज्यादा एडवांस्ड सैन्य प्रणाली दे सकता है.
इसी के साथ चीन के मामले में इजरायल इस संभावना पर बारीकी से नजर रख रहा है कि चीन की एडवांस टेक्नोलॉजी क्षेत्रीय सहयोगियों के जरिए इजरायल के दुश्मन गुटों की मिलिट्री क्षमता को बढ़ा ना दें.
वहीं अमेरिका की बात करें तो अमेरिका इजरायल का सबसे करीबी मिलिट्री सहयोगी बना हुआ है. लेकिन इस करीबी रिश्ते की वजह से अमेरिका के डिफेंस पॉलिसी या फिर मिलिट्री बजट में कोई भी बदलाव इजरायल की लंबी अवधि की डिफेंस प्लानिंग पर बड़ा असर डाल सकता है.
फ्रांस और जर्मनी डिफेंस के क्षेत्र में बड़े निर्माता है और यूरोप में उनका काफी ज्यादा प्रभाव है. जर्मनी ने इजरायल को एडवांस्ड पनडुब्बी दी हैं जो उसकी नौसेना की क्षमता में बड़ी भूमिका निभाती है. इसी के साथ फ्रांस यूरोप में मिलिटरी टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट करने वाले बड़े देशों में से एक बना हुआ है.
क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान यूरोप में हथियारों के एक्सपोर्ट और डिफेंस सहयोग को लेकर कभी-कभी बहस हो जाती है. इजरायल में ऐसी चर्चाओं पर बारीकी से नजर रखी जाती है.
यह भी पढ़ेंः राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव बनने से पहले क्या करते थे चंपत राय, कैसे मिली इतनी बड़ी जिम्मेदारी?
























