एक्सप्लोरर

इन मुस्लिम देशों को 6 दिन में अकेले मात दे चुका है इजरायल, जानें कितनी बार झेल चुका है हमला

Middle East Six Day War: इजराइल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है. दोनों देशों के बीच युद्ध चल रहा है और ईरान लगातार इजराइल के सामने फेल दिख रहा है. चलिए जानें कि इजराइस सिक्स डेज वॉर क्या है.

इजराइल और ईरान ने बीते पांच दिनों में एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं. ये जंग अभी भी जारी है और एक दूसरे के ठिकानों पर लगातार हमले हो रहे हैं. इस दौरान एक बार फिर से मिडिल ईस्ट जंग की आग में झुलस रहा है. ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है कि इजराइल के हमले से उनके देश के 224 लोगों की मौत हुई है. वहीं इजराइल का कहना है कि ईरान द्वारा किए गए हमले में 19 लोगों की मौत हुई है. इजराइल अपने लिए यह जंग अहम इसलिए मानता है, क्योंकि उसका कहना है कि यह उसकी साख की लड़ाई है. इस जंग को देखते हुए आज 58 साल पहले मिडिल ईस्ट में हुई वो लड़ाई याद आ रही है जब अकेली इजराइली सेना ने छह अरब देशों को नाको चने चबवा दिए थे. 

जंग में बदल गया था मिडिल ईस्ट का नक्शा

इस जंग की नींव 1948 में रख दी गई थी, जब इजराइल दुनिया के मानचित्र पर उभरकर सामने आया था. अरब देशों को यह बात मंजूर नहीं थी कि एक और देश बने. बस फिर क्या था, छह देशों ने एक अकेले इजराइल के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया था और बदले में इजराइल ने सभी का मुकाबला किया और अच्छे अच्छों को पानी पिला दिया. इजराइल की इस पहली जंग में न सिर्फ हजारों लोग मरे, बल्कि लाखों फिलस्तीनी बेघर भी हो गए थे. इस युद्ध ने मिडिल ईस्ट का भौगोलिक नक्शा ही बदल दिया था. 

छह दिनों तक चली थी जंग

जून 1967 में इजराइल के साथ मिस्र, सीरिया, सऊदी अरब, लेबनान, इराक और जॉर्डन के साथ युद्ध हुआ था. यह जंग छह दिनों तक चली थी और इसके नतीजे एतिहासिक रहे. हालांकि इससे पहले अरब देशों और इजराइल के बीच युद्ध टालने के लिए बहुत खींचातान चली, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला और युद्ध टाला नहीं जा सका. फिर छह दिनों तक ऐसे इजराइल ने युद्ध जीता. 

पहला दिन 5 जून 1967

दरअसल 1960 के दशक में फिलस्तीनी गुरिल्ला बार-बार इजराइल की सीमा पर हमला करते थे. इसीलिए अप्रैल 1967 में इजराइल और सीरिया के बीच जंग छिड़ गई. तभी सोवियत रूस ने मिस्र को खुफिया जानकारी दी कि इजराइल सीरिया पर हमला करने वाला है तैयार रहो. तब इजराइल ने ऑपरेशन फोकस चलाया और 5 जून की सुबह सीधा ऑपरेशन फोकस के जरिए मिस्र के एयरबेस पर हमला कर दिया. कुछ ही घंटों में इजराइल ने मिस्र के हजारों लड़ाकू जहाजों को तबाह कर दिया था. इसके अलावा इराक के 16, मिस्र के 300 से ज्यादा, सीरिया के 60 और जॉर्डन के 35 विमान तबाह हो गए. वहीं इजराइल के सिर्फ 19 विमान खत्म हुए थे. इजराइल की सेना ने जमीनी हमला करते हुए सिनाई प्रायद्वीप में चली गई. 

दूसरा दिन 

दूसरे दिन जॉर्डन की सेना ने तेल अवीव और यरुशलम पर बम गिराने लगी थी. इजराइल ने पलटवार करते हुए वेस्ट बैंक में जॉर्डन के कब्जे वाले इलाके पर हमला कर दिया. तब सीरिया ने गोलन हाइट्स से हमला तो किया, लेकिन इजराइल ने तगड़ा जवाब दिया.

तीसरा-चौथा दिन

7 जून को इजराइली सैनिकों ने पूर्वी यरुशलम में घुसकर वेस्टर्न वॉल जिसे दीवार-ए-बुराक भी कहते हैं. यह यहूदियों का पवित्र स्थल माना जाता है, यहां पर कब्जा कर लिया था. इसके अलावा गाजा पट्टी और सिनाई में भी तेजी से इजराइली सेना आगे बढ़ने लगी तो मिस्र पीछे हट गया. 

पांचवां दिन

इजराइल की सेना ने पांचवें दिन गोलन हाइट्स पर चढ़ गई. दरअसल यह इलाका ऊंचाई पर पड़ता है और इजराइल के इलाकों को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है. इजराइल ने सबका डटकर मुकाबला किया और सीरिया की फौज को पीछे हटना पड़ा. 

छठा दिन

10 जून को ही सीरिया गोलन हाइट्स से पीछे हटा. इसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने दखल दिया और फिर 10 जून को युद्ध विराम लागू हो गया था. लेकिन इन छह दिनों में इजराइल ने अकेले छह अरब देशों के सामने फतह हासिल कर ली थी. इस युद्ध के बाद मिडिल ईस्ट में इजराइल एक बड़ी ताकत बन कर उभरा, जो कि आज भी अपनी ताकत बढ़ा रहा है. 

यह भी पढ़ें: जंग के बीच से कैसे अपने नागरिकों को निकालते हैं देश, क्या रुकवानी पड़ती है वॉर?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

संसद में बोलने के लिए कितना मिलता है वक्त, यह कैसे होता है तय?
संसद में बोलने के लिए कितना मिलता है वक्त, यह कैसे होता है तय?
गृह मंत्री के काफिले में कितनी गाड़ियां? राहुल गांधी के दावे के बीच जानें
गृह मंत्री के काफिले में कितनी गाड़ियां? राहुल गांधी के दावे के बीच जानें
बच्चों की संख्या से क्यों लक्ष्मी योजना का कनेक्शन? जानें वजह
बच्चों की संख्या से क्यों लक्ष्मी योजना का कनेक्शन? जानें वजह
क्या POK के लोगों की मदद कर सकता है भारत, क्या हैं नियम?
क्या POK के लोगों की मदद कर सकता है भारत, क्या हैं नियम?

वीडियोज

7 फेरों के रिश्तों में साजिश की चाल!
Lock Upp 2: Shreya Kalra का बड़ा खुलासा, बचपन की दर्दनाक घटना सुनकर भावुक हुए सभी
Samay Raina का Munawar Faruqui पर Aamir Khan वाला Joke हुआ Viral, India’s Got Latent में मचा हंगामा
Ramayana Trailer Update: 30 July को आएगा ट्रेलर, फैंस में बढ़ी जबरदस्त Excitement
Batwara 1947 Trailer Review: Sunny Deol छा गए, लेकिन क्या ट्रेलर बना उम्मीदों जितना दमदार?

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी, बागी गुट को लेकर की ये मांग
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी, बागी गुट को लेकर की ये मांग
उद्धव ठाकरे बोले, 'हां, मेरा परिवारवाद है लेकिन उसकी एक...'
उद्धव ठाकरे बोले, 'हां, मेरा परिवारवाद है लेकिन उसकी एक...'
राहुल गांधी ने अमित शाह को घेरा, सौरव दास बोले, 'ये सीरियस...'
राहुल गांधी ने अमित शाह को घेरा, सौरव दास बोले, 'ये सीरियस...'
श्रीलंका सीरीज से पहले ईशान किशन बने कप्तान, वैभव सूर्यवंशी उपकप्तान
श्रीलंका सीरीज से पहले ईशान किशन बने कप्तान, वैभव सूर्यवंशी उपकप्तान
Xप्लेन: राहुल गांधी के 'दो बोल' से बवाल! जानें सदन के अंदर और बाहर का हाल?
राहुल गांधी के 'दो बोल' से बवाल! जानें सदन के अंदर और बाहर का हाल?
न आलिया न राहा, फिर रणबीर के फोन के वॉलपेपर पर है किसकी तस्वीर? जानकर नम हो जाएंगी आखें
न आलिया न राहा, फिर रणबीर के फोन के वॉलपेपर पर है किसकी तस्वीर?
‘मौत भी मंजूर, लेकिन...’, बांग्लादेश लौटने पर शेख हसीना का बड़ा बयान
‘मौत भी मंजूर, लेकिन...’, बांग्लादेश लौटने पर शेख हसीना का बड़ा बयान
Indian AI Engineer loss US Job: US में नौकरी गई, प्रोजेक्ट चला गया भारत...भारतीय AI इंजीनियर की कहानी वायरल
US में नौकरी गई, प्रोजेक्ट चला गया भारत...भारतीय AI इंजीनियर की कहानी वायरल
Embed widget