क्या पूरी तरह सोने का होता है गोल्ड मेडल? सच्चाई जानकर हैरान रह जाएंगे आप
जब भी किसी खिलाड़ी को गोल्ड मेडल जीतते हुए देखते हैं तो अक्सर कई लोगों के मन में कई सवाल आते हैं. वहीं अगर आप सोचते हैं कि गोल्ड मेडल पूरी तरह सोने का होता है, तो आपको असलियत जानकर हैरानी होगी.

जब भी किसी खिलाड़ी को गोल्ड मेडल मिलता है, तो वह पल न सिर्फ उसके लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व और खुशी का होता है. खिलाड़ी की सालों की मेहनत और संघर्ष का बाद एक गोल्ड मेडल मिलता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये गोल्ड मेडल असल में होते कैसे हैं, क्या ये सच में पूरे सोने के बने होते हैं या फिर सिर्फ दिखाने के लिए सुनहरे रंग में होते हैं. जब भी किसी खिलाड़ी को गोल्ड मेडल जीतते हुए देखते हैं तो अक्सर कई लोगों के मन में ये सभी सवाल जरूर आते हैं. वहीं अगर आप सोचते हैं कि गोल्ड मेडल पूरी तरह सोने का होता है, तो आपको असलियत जानकर हैरानी होगी. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि क्या गोल्ड मेडल पूरी तरह सोने का होता है.
क्या गोल्ड मेडल पूरी तरह सोने का होता है?
ओलंपिक में दिया जाने वाला गोल्ड मेडल पूरी तरह से सोने का नहीं होता है. इसे मुख्य रूप से चांदी से बनाया जाता है, और उसके ऊपर थोड़ी सी मात्रा में सोने की परत चढ़ाई जाती है. इस परत को हम पॉलिश या कोटिंग भी कह सकते हैं. ओलंपिक के इतिहास में आखिरी बार पूरी तरह सोने के मेडल 1912 के स्टॉकहोम ओलंपिक में दिए गए थे. उसके बाद से अब तक सिर्फ चांदी पर सोने की परत चढ़ाकर गोल्ड मेडल दिए जाते हैं.
गोल्ड मेडल में कितना सोना होता है?
ओलंपिक कमेटी के नियमों के अनुसार, हर गोल्ड मेडल में कम से कम 6 ग्राम शुद्ध सोना होना जरूरी है. वहीं बाकी मेडल लगभग 92.5 प्रतिशत चांदी से बना होता है. गोल्ड मेडल का कुल वजन करीब 530 ग्राम होता है, जिसमें से ज्यादातर हिस्सा चांदी का होता है यानी गोल्ड मेडल में सिर्फ ऊपर की परत सोने की होती है. सोने की बढ़ती कीमतों की वजह से, 2024 के पेरिस ओलंपिक में दिया गया गोल्ड मेडल अब तक का सबसे महंगा रहा. 2024 में एक गोल्ड मेडल की लागत लगभग 79,500 थी. इसकी तुलना में, 2012 में एक गोल्ड मेडल की कीमत करीब 37,800 थी.
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Source: IOCL





















