ईरान में भारी बवाल, सड़कों पर खामेनेई मुर्दाबाद के लग रहे नारे, जानें क्या है पूरा मामला
ईरान में पिछले कुछ दिनों से खराब आर्थिक स्थिति और बढ़ती महंगाई के बीच बाजार में उथलपुथल देखने को मिली है, इसी को लेकर व्यापारियों का एक बड़ा वर्ग सड़कों पर प्रदर्शन करता नजर आ रहा है.

ईरान में भारी विरोध प्रदर्शन कुछ दिनों से देखने को मिल रहा है. यह प्रदर्शन सरकार के आदेश को लेकर हो रहे हैं. एक बड़ा वर्ग इसके विरोध में है, आधिकतर जगह काम धंधे ठप कर दिए गए हैं.
AFP न्यूज एजेंसी के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन के दौरान ईरानी सुरक्षबल के सदस्य मारे गए हैं. अधिकारियों ने अचानक सार्वजनिक छुट्टी घोषित कर दी है. इसकी वजह से 31 में से 21 प्रांतों में व्यवसाय, यूनिवर्सिटी और सरकारी दफ्तर बंद हो चुके हैं. विरोध प्रदर्शन के पीछे देश में कुछ दिनों में बने आर्थिक और राजनीतिक कारण हैं.
सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हैं. इनमें तेहरान, शिराज, इस्फहान, करमानशाह और फासा समेत कई शहरों में हिंसक झड़प हुईं है. प्रदर्शनकारियों ने तानाशाह मुर्दाबाद और खामेनेई मुर्दाबाद के नारे लगाए हैं.
🚨 From the protests in Iran: right now demonstrators are marching in the city of Kermanshah pic.twitter.com/BwpfukKSNq
— Raylan Givens (@JewishWarrior13) January 1, 2026
क्यों शुरू हुए प्रदर्शन?
रविवार को अचानक तेहरान के बाजार में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. ईरानी मुद्रा रियाल में भारी गिरावट से कीमतों में इजाफा देखने को मिला. जीवनयापन पर सीधे असर करते इन जरूरी मुद्दों पर दुकानदार प्रदर्शन पर उतर आए.
मुद्रा में गिरावट से इंपोर्ट की कीमतों में इजाफा हुआ है. महंगाई बढ़ गई. यहां महंगाई 50% से ज्यादा के स्तर को पार कर गई है.
इस विरोध प्रदर्शन का असर यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों के बीच भी देखने को मिला. प्रदर्शनकारियों ने यहां बेरोजगारी, पानी की कमी और प्रशासनिक मुद्दों पर गहरी चिंता व्यक्त की है.
2022 के बाद देखने को मिल रहा व्यापक प्रदर्शन
विरोध प्रदर्शन 2022 के बाद व्यापाक स्तर पर नजर आ रहा है. उस समय पुलिस हिरासत में महसा अमीनी की मौत के बाद प्रदर्शन देखने को मिला था. अमीनी एक युवा महिला नेता थी. उनपर तब ईरान की मोरल पुलिस ने हिजाब ठीक से न पहनने का आरोप लगाया था.
प्रदर्शनकारियों और पुलिस में हुई झड़प
वर्तमान में चल रहे प्रदर्शनों में झड़प देखने को मिली है. यह झड़पें सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच नजर आई है. यहां के फार्स प्रांत के फासा शहर में सरकारी परिसर का गेट तोड़ते हुए भीड़ नजर आई है. इसमें गवर्नर का ऑफिस बताया जाता है. हालांकि इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.
🚨 Across Iran: Crowds have poured into the streets in major cities, channeling fury over economic collapse into bold calls against the Islamic Republic's rule—an unyielding push for change. #IranProtests pic.twitter.com/XdxHeGR9Kx
— Am Yisrael Chai 🇮🇱🎗 (@kyg_best) December 31, 2025
ईरान में व्यापारियों की मांग है कि वे आर्थिक नुकसान उठाने को तैयार हैं, ताकि वह खराब आर्थिक स्थिति के खिलाफ आवाज उठा सकें, और भविष्य सुरक्षित कर सकें. सरकार की तरफ से राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने जनता के गुस्से पर कहा है कि जल्द उनकी मांगों को सुना जाएगा. उनका गुस्सा जायज है.
ईरानी रियाल ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गंवाई अपनी कीमत
प्रॉसिक्यूटर जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी देते हुए कहा है कि सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने पर माकूल जबाव दिया जाएगा. उन्होंने विरोध प्रदर्शन को सही ठहराया है. अल जजीरा के मुताबिक, 2025 में ईरान की करेंसी ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी आधी कीमत खो दी है. इससे महंगाई 50% तक पहुंच गई है. अधिकारियों ने बढ़ते प्रदर्शनों को देखते हुए पब्लिक हॉलिडे घोषित कर दिया है. रियाल की कीमत गिरने के बाद महंगाई में इजाफा हुआ है.
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Source: IOCL





















