एक्सप्लोरर

Crematorium Ice Truth: क्या श्मशान वाली बर्फ इस्तेमाल करते हैं खुला पानी बेचने वाले, जानें क्या है पूरा सच?

आइस फैक्ट्री में बर्फ बनाने तैयार करने के लिए रेफ्रिजरेटर, कूलिंग टैंक, पाइप सिस्टम और स्क्रैपर जैसी कई मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है. कुछ प्लांट्स में बड़े-बड़े ब्लॉक आइस बनाए जाते हैं.

Crematorium Ice Truth: गर्मी का मौसम आते ही रेलवे स्टेशन बस स्टैंड बाजार और हाईवे के किनारे ठंडा पानी बेचने वालों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है. कहीं लोग खुले गिलास में पानी बेचते नजर आते हैं, तो कहीं छोटा पाउच या बोतल में ठंडा पानी मिलता है. लेकिन इसी के साथ एक अफवाह भी हर साल खूब सुनने को मिलती है कि खुले में पानी बेचने वाले लोग पानी को ठंडा करने के लिए श्मशान वाली बर्फ का इस्तेमाल करते हैं. कई लोग इस बात को सच मान लेते हैं, जबकि कुछ इसे सिर्फ डर फैलाने वाली बात बताते हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि क्या खुला पानी बेचने वाले श्मशान वाली बर्फ का इस्तेमाल करते हैं और इसका पूरा सच क्या है?

कैसे बनती है इतनी ज्यादा बर्फ?

आइस फैक्ट्री में बर्फ बनाने तैयार करने के लिए रेफ्रिजरेटर, कूलिंग टैंक, पाइप सिस्टम और स्क्रैपर जैसी कई मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है. कुछ प्लांट्स में बड़े-बड़े ब्लॉक आइस बनाए जाते हैं, जबकि कुछ जगह फ्लेक आइस या चिप आइस तैयार होती है. ब्लॉक आइस बनाने के लिए पानी से भर कंटेनरों को बहुत ठंडे नमक वाले गोल में रखा जाता है, जिससे कई घंटों में बड़ी बर्फ की सिल्ली तैयार होती है. यही बर्फ बाद में अलग-अलग जगह सप्लाई की जाती है. कई शहरों में यह बर्फ होटल, जूस की दुकान, मछली, मंडी, डेयरी और पानी बेचने वाले लोगों तक पहुंचती है.क्योंकि गर्मियों में बर्फ की मांग बहुत ज्यादा होती है, इसलिए फैक्ट्रियां 24 घंटे बर्फ तैयार करती है. 

आखिर श्मशान वाली बर्फ की अफवाह क्यों फैली? 

असल में कई जगह अंतिम संस्कार के दौरान शवों को सुरक्षित रखने के लिए भी बर्फ की बड़ी सिल्ली इस्तेमाल की जाती है. यही वजह है कि लोगों के बीच यह धारणा बन गई है कि जो बर्फ खुले या पानी या दूसरे कामों में इस्तेमाल होती है. वहीं बर्फ श्मशान में भी जाती है, ऐसे में धीरे-धीरे यह बात अफवाह का रूप लेती चली गई की पानी बेचने वाले लोग श्मशान वाली बर्फ का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन हकीकत इतनी सीधी नहीं है. बर्फ बनाने वाली फैक्ट्रियां अलग-अलग जरूरत के हिसाब से सप्लाई करती है. कहीं बर्फ खाने पीने के इस्तेमाल के लिए बनाई जाती है तो कहीं केवल ठंडक बनाए रखने या दूसरे कामों के लिए. यही कारण है कि खाने पीने में इस्तेमाल होने वाली बर्फ के लिए साफ पानी और स्वच्छता जरूरी मानी जाती है. 

ये भी पढ़ें-Sarojini Nagar: क्या सरोजिनी नगर मार्केट में बिकते हैं मरे हुए लोगों के कपड़े? जानें सस्ते कपड़ों का राज

क्या यह अफवाह पूरी तरह सच है?

कई लाइसेंसधारी आइस प्लांट साफ और सुरक्षित प्रक्रिया से बर्फ तैयार करते हैं, जिसका इस्तेमाल खाने-पीने की चीजों में किया जाता है. वहीं कुछ जगह पर बिना जांच और बिना साफ-सफाई के भी बर्फ बनाई जाती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ सकते हैं. हालांकि इसे लेकर भी कोई ठोस सबूत सामने नहीं आते हैं कि खुला पानी बेचने वाले लोग श्मशान वाली बर्फ का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि अभी तक इस तरह के कोई मामले सामने नहीं आए हैं. 

खुले पानी में कितना होता है खतरा?

खुला पानी बेचने वाले श्मशान की बर्फ का इस्तेमाल करते हैं या नहीं इसे लेकर कोई मामले सामने नहीं आए हैं. बताया जाता है कि यह महज एक अफवाह है लेकिन रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड पर बिकने वाला खुला पानी अक्सर बड़े कंटेनरों में रखा जाता है और उसे ठंडा रखने के लिए बर्फ डाली जाती है. अगर यह बर्फ साफ और खाने योग्य क्वालिटी की न हो तो पानी दूषित हो सकता है. कई बार पानी के पाउच या खुले गिलास में इस्तेमाल होने वाली बर्फ किस फैक्ट्री से आई है, इसकी जानकारी भी लोगों को नहीं होती है. ऐसे में इसका असर लोगों की सेहत पर जरूर पड़ सकता है.

ये भी पढ़ें-आसमानी बिजली समंदर में नहीं कर पाती मछलियों का बाल भी बांका, जानें क्या है इसके पीछे का विज्ञान

कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Crematorium Ice Truth: क्या श्मशान वाली बर्फ इस्तेमाल करते हैं खुला पानी बेचने वाले, जानें क्या है पूरा सच?
क्या श्मशान वाली बर्फ इस्तेमाल करते हैं खुला पानी बेचने वाले, जानें क्या है पूरा सच?
Indian Army Language: सेना के अफसरों को किस भाषा में करनी होती है बात, जानें एशियाई देशों के लिए क्या हैं नियम?
सेना के अफसरों को किस भाषा में करनी होती है बात, जानें एशियाई देशों के लिए क्या हैं नियम?
Rarest Passport: दुनिया में बस 500 लोगों के पास ही है ये पासपोर्ट, जानें हर कोई क्यों नहीं कर सकता इस्तेमाल?
दुनिया में बस 500 लोगों के पास ही है ये पासपोर्ट, जानें हर कोई क्यों नहीं कर सकता इस्तेमाल?
Thalapathy Vijay MLA Seats : दो जगहों से विधायक चुने गए थलपति विजय, क्या उन्हें मिलेगी डबल सैलरी; जानें नियम?
दो जगहों से विधायक चुने गए थलपति विजय, क्या उन्हें मिलेगी डबल सैलरी; जानें नियम?
Advertisement

वीडियोज

Crime News : शैतान पिता के जाल में मासूम बेटा | Sansani
Sandeep Chaudhary:बिखर रहा है INDIA गठबंधन! सबसे सटीक विश्लेषण! | Bengal | Vijay | Rahul Gandhi
राखी सावंत ने विजय-तृषा की डेटिंग रूमर्स पर दिया मजेदार रिएक्शन, बोलीं- “दोनों शादी कर लें, मैं मेहंदी में जरूर आऊंगी!”
Krishnavataram Part 1 Review: भव्य दृश्य, भावनाओं से भरपूर कहानी और दमदार अभिनय
Lukkhe Web Series Review: Udta Punjab की सस्ती Copy, Drugs और Hip-Hop वाला Drama
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
एक मिसाइल, कई टारगेट, 5000KM की रेंज... भारत की बड़ी छलांग, अग्नि-5 का सफल परीक्षण, खौफ में चीन-PAK
एक मिसाइल, कई टारगेट, 5000KM की रेंज... भारत की बड़ी छलांग, अग्नि-5 का सफल परीक्षण, खौफ में चीन-PAK
6 रिक्तियां हैं...बाकी दल-बदलुओं का क्या होगा? योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार पर बोले अखिलेश यादव
6 रिक्तियां हैं...बाकी दल-बदलुओं का क्या होगा? योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार पर बोले अखिलेश यादव
'ममता बनर्जी न तो भगवान हैं और न ही कानून', बंगाल सरकार में मंत्री बनीं अग्निमित्रा पॉल ने TMC चीफ पर कसा तंज
'ममता बनर्जी न तो भगवान हैं और न ही कानून', बंगाल सरकार में मंत्री बनीं अग्निमित्रा पॉल ने TMC चीफ पर कसा तंज
IPL Orange & Purple Cap: ऑरेंज कैप की दौड़ में वैभव सूर्यवंशी से आगे निकले शुभमन गिल, भुवनेश्वर से भी छिनी पर्पल कैप
ऑरेंज कैप की दौड़ में वैभव सूर्यवंशी से आगे निकले शुभमन गिल, भुवनेश्वर से भी छिनी पर्पल कैप
'कृष्णावतारम् पार्ट 1' ने बॉक्स ऑफिस पर मचाई धूम, तीसरे दिन किया इतने करोड़ का कलेक्शन
'कृष्णावतारम् पार्ट 1' ने बॉक्स ऑफिस पर मचाई धूम, तीसरे दिन किया इतने करोड़ का कलेक्शन
Mothers Day 2026: इस मदर्स डे 'मां' को दीजिए किचन से छुट्टी, उनके लिए बनाएं ये स्पेशल स्वीट डिश
Mothers Day 2026: इस मदर्स डे 'मां' को दीजिए किचन से छुट्टी, उनके लिए बनाएं ये स्पेशल स्वीट डिश
होम साइंस में पढ़ाई के लिए ये हैं शानदार कॉलेज, एक क्लिक में चेक कर लें टॉप संस्थानों की लिस्ट
होम साइंस में पढ़ाई के लिए ये हैं शानदार कॉलेज, एक क्लिक में चेक कर लें टॉप संस्थानों की लिस्ट
एक टायर में कब तक लगवा सकते हैं पंक्चर, जानिए कैसे लगा सकते हैं टायर की लाइफ का पता?
एक टायर में कब तक लगवा सकते हैं पंक्चर, जानिए कैसे लगा सकते हैं टायर की लाइफ का पता?
Embed widget