Sarojini Nagar: क्या सरोजिनी नगर मार्केट में बिकते हैं मरे हुए लोगों के कपड़े? जानें सस्ते कपड़ों का राज
Sarojini Nagar: सरोजनी मार्केट को लेकर यह अफवाह है कि वहां मरे हुए लोगों के कपड़े बिकते हैं. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे का सच.

- सरोजिनी नगर की सस्ती कपड़ों की अफवाहें जांच की गईं।
- विदेश से आए दान किए गए कपड़ों की अफवाहें निराधार हैं।
- एक्सपोर्ट सरप्लस स्टॉक और रिजेक्टेड माल से कीमतें कम होती हैं।
- इस्तेमाल किए गए कपड़े वजन के हिसाब से कम कीमत पर बिकते हैं।
Sarojini Nagar: नई दिल्ली का सरोजिनी नगर मार्केट लंबे समय से अपने ट्रेंडी कपड़ों के लिए काफी ज्यादा मशहूर रहा है. यहां पर कपड़े काफी कम कीमतों पर मिलते हैं. ब्रांडेड जैकेट से लेकर फैशनेबल टॉप और जींस तक यहां हजारों की कीमत वाली चीजें सिर्फ कुछ सौ रुपयों में मिल जाती हैं. लेकिन अपनी लोकप्रियता के साथ यह मार्केट एक अजीब अफवाह का केंद्र भी है. ऐसा कहा जाता है कि यहां बिकने वाले कपड़े मरे हुए लोगों के होते हैं. आइए जानते हैं क्या है इस बात का सच.
मरे हुए लोगों के कपड़े
ऐसा कहा जाता है कि यहां विदेश में मरे हुए लोगों के कपड़े आते हैं. रिपोर्ट्स और चर्चाओं में ऐसा कहा गया है कि विदेश से दान किए गए पुराने कपड़े कभी कभार भारत के पुराने कपड़ों के बाजार में आ सकते हैं लेकिन इस बात का कोई सबूत नहीं है कि सरोजिनी नगर में मरे हुए लोगों के ही कपड़े बिकते हैं. यह अफवाह शायद इस वजह से फैली क्योंकि मार्केट के कुछ हिस्सों में इंपोर्टेड पुराने इस्तेमाल किए हुए कपड़े बिकते हैं.
कपड़े इतने सस्ते क्यों होते हैं?
मार्केट में कम कीमतों के पीछे की सबसे बड़ी वजह एक्सपोर्ट सरप्लस स्टॉक है. अंतरराष्ट्रीय ब्रांड अक्सर जरूरत से ज्यादा कपड़े बनाते हैं. अतिरिक्त स्टॉक को बर्बाद करने के बजाय फैक्ट्रियां इस बचे हुए स्टॉक को थोक में रियायती कीमतों में बेच देती हैं. यही वजह है कि खरीदारों को कभी-कभी कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के टैग वाले कपड़े काफी कम कीमतों पर मिल जाते हैं.
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रिजेक्टेड स्टॉक
एक और बड़ा स्रोत एक्सपोर्ट फैक्ट्री से आया रिजेक्टेड स्टॉक है. कभी-कभी कपड़ों के बैच काफी छोटी-मोटी दिक्कतों की वजह से रिजेक्ट कर दिए जाते हैं. जैसे ढीली सिलाई, गलत लेबलिंग, बटन गायब होना या फिर रंग में हल्का-फुल्का फर्क होना. हालांकि ऐसी कमी अक्सर मुश्किल ही नजर आती है फिर भी ब्रांड अपने कपड़ों के कड़े गुणवत्ता मानक को बनाए रखने के लिए उन्हें रिजेक्ट कर देते हैं. फिर व्यापारी इन सामानों को सस्ते में खरीद कर सरोजिनी नगर जैसे बाजारों में बेच देते हैं.
पुराने और इस्तेमाल किए हुए कपड़े
मार्केट के कुछ हिस्से पुराने या फिर इस्तेमाल किए हुए कपड़ों का भी कारोबार करते हैं. ये कपड़े अंतरराष्ट्रीय दान या फिर थोक रीसेल चैनल के जरिए आ सकते हैं. इस तरह के कपड़े अक्सर वजन के हिसाब से बेचे जाते हैं. क्योंकि ये पहले से इस्तेमाल किए हुए होते हैं इस वजह से उनकी कीमतें आम रिटेल स्टोर की तुलना में काफी कम हो जाती हैं.
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