क्या किसी भी देश पर जब चाहे हमला कर सकता है अमेरिका, क्या कोई नहीं कर सकता रोक-टोक?
ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग के बीच में अमेरिका की एंट्री ने एक नए सवाल को जन्म दे दिया है. लोग जानने चाहते हैं कि क्या किसी भी देश पर अमेरिका जब चाहे तब हमला कर सकता है?

ईरान और इजरायल के बीच चल रही जंग में 22 जून को अमेरिका ने भी एंट्री मारी है. अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों फोर्दो, नतांज और इस्फहान पर हमले किए हैं. इस हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अब ईरान को शांति स्थापित कर लेनी चाहिए. अमेरिका अब भी खुद को ईरान में सीधा उलझाने से बचा रहा है'. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस हमले के पक्ष में नहीं थे.
हमले के बाद उन्होंने अपने बयान में कहा कि 'अमेरिका ईरान के साथ युद्ध नहीं कर रहा, बल्कि उसका लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना है.' हालांकि, ईरान ने इस हमले को यूएन राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया है. अमेरिकी हमले के बाद लोगों के मन में सवाल उठने लगे हैं कि क्या किसी भी देश पर जब चाहे हमला कर सकता है अमेरिका? क्या अमेरिका को रोकने या टोकने के लिए कोई नियम नहीं है? चलिए जानते हैं इस सवाल का जवाब विस्तार से.
क्या किसी भी देश पर हमला कर सकता है अमेरिका?
अमेरिका के पास दुनिया की सबसे मजबूत फोर्स है. उसके पास आधुनिक हथियार हैं. स्टेल्थ बॉम्बर हैं. दुनिया के सबसे खतरनाक और आधुनिक फाइटर जेट्स हैं. दुनिया की सबसे ताकतवर नौसेना है और दुनिया की सबसे ताकतवर वायुसेना भी अमेरिका के पास है. आप अमेरिका की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि उसका रक्षा बजट कई देश की कुल जीडीपी से ज्यादा है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं अमेरिका किसी भी देश के ऊपर जब चाहे हमला कर देगा. अमेरिका आमतौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई या लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर हमले करता है.
इसके लिए उसकी काफी आलोचना भी होती है, लेकिन अमेरिका की सैन्य और कूटनीतिक ताकत इतनी ज्यादा है कि वह कई बार संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय कानून या वैश्विक विरोध के बावजूद दूसरे देशों पर सैन्य कार्रवाई कर चुका है.
किन-किन देश पर हमला कर चुका है अमेरिका?
अगर इतिहास को उठाकर देखें तो अमेरिका ने दुनियाभर में कई देशों के ऊपर हमला किया है. उदाहरण के तौर पर द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद उसने जापान पर परमाणु हमला किया था. दक्षिण कोरिया की रक्षा के नाम पर वह कोरिया के युद्ध में कूदा था. कम्युनिज्म को रोकने के लिए वह वियतनाम में गया और फिर उसे हार मानकर वापस भागना पड़ा था. इराक, अफगानिस्तान, लीबिया और सीरिया जैसे तमाम देश उदाहरण हैं. इन देशों में अमेरिका ने अलग-अलग कारणों से हस्तक्षेप किया.
क्या अमेरिका को कोई नहीं रोक सकता?
यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल किसी भी देश पर कार्रवाई रोकने का अधिकार रखती है, लेकिन अमेरिका स्वयं UNSC का स्थायी सदस्य है और वीटो पावर रखता है, जिससे वह अपनी रक्षा कर सकता है. इसके अलावा अमेरिका की सैन्य, आर्थिक और राजनीतिक ताकत इतनी बड़ी है कि अधिकांश देश उससे सीधा टकराव नहीं लेना चाहते. हालांकि, इस समय दुनिया दो हिस्सों में बंटी है. एक तरफ अमेरिका और पश्चिमी देश हैं तो दूसरी तरफ रूस, चीन, उत्तर कोरिया जैसे देश हैं. जिन देशों की अमेरिका के साथ नहीं बनती, उनको ये देश सपोर्ट करते हैं.
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Source: IOCL





















