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कहां से निकलती है पाकिस्तान जाने वाली वो नदी जिसका समझौता भारत ने किया खत्म, जान लीजिए पूरा रूट

सिंधु जल समझौता पाकिस्तान के लिए इसलिए महत्वपूर्ण था, क्योंकि पाकिस्तान के पंजाब और सिंध प्रांत की खेती, बिजली परियोजनाएं और पीने की पानी की जरूरत इसी पर निर्भर थी, लेकिन अब पाकिस्तान बौखलाया हुआ है.

Indus Water Treaty: पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं. भारत ने इस हमले के बाद पाकिस्तान के साथ सिंधु नदी जल समझौते को रद्द कर दिया है. सरकार के इस कदम को इसलिए और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि तीन बार पाकिस्तान के साथ जंग के बाद भी भारत ने इस समझौते को बरकरार रखा. हालांकि, इस बार समझौते को रद्द करना बताता है कि भारत सरकार आर-पार के मूड में है और सरकार का रुख स्पष्ट है कि पानी और खून साथ-साथ नहीं बह सकते. 

उधर, भारत के इस कदम पर पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और इसे 'एक्ट ऑफ वॉर' करार दिया है. इतना ही नहीं पाकिस्तान ने भारत को परमाणु बम की भी धमकी देनी शुरू कर दी है. बता दें, सिंधु जल समझौता इसलिए महत्वपूर्ण था, क्योंकि पाकिस्तान के पंजाब और सिंध प्रांत की खेती, बिजली परियोजनाएं और पीने की पानी की जरूरत इसी पर निर्भर थी. समझौता रद्द होने से पाकिस्तान के सामने बड़ा जल संकट खड़ा हो सकता है. अब सवाल यह है कि जिस सिंधु जल समझौते को भारत ने खत्म किया है, वह निकलती कहां से है. उसकी सहायक नदियां कौन सी हैं, जो पाकिस्तान तक जाती हैं? आइए जानते हैं... 

क्या है सिंधु जल समझौता

भारत और पाकिस्तान के बीच पानी के विवाद को सुलझाने के लिए 1960 में सिंधु जल समझौता हुआ था. इस समझौते के तहत सिंधु जल प्रणाली की छह नदियों के जल का बंटवारा किया गया था, जिसके तहत सिंधु, चिनाब और झेलम नदियों के पानी पर पाकिस्तान को अधिकार दिया गया था. यह सिंधु जल प्रणाली का 80 फीसदी जल था. वहीं भारत ने रावी, ब्यास और सतलुज पानी का उपयोग करना शुरू कर दिया. 

कहां से निकलती है सिंधु नदी

सिंधु नदी की बात करें तो यह तिब्बत (चीन) में कैलाश पर्वत श्रृंखला के उत्तरी ढलानों में मानसरोवर झील के पास स्थित बोखर चू के निकट एक ग्लेशियर से निकलती है. यह नदी उत्तर से पश्चिम दिशा में बहती हुई भारत मे लद्दाख क्षेत्र में प्रवेश करती है. यहां से यह जम्मू-कश्मीर होते हुए पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान में प्रवेश करती है और बाद में अरब सागर में मिल जाती है. सिंधु नदी की कुल लंबाई की बात करें तो यह 2880 किलोमीटर लंबी है, जिसमें 1114 किलोमीटर की यात्रा यह भारत में ही पूरी करती है. 

यह भी पढ़ें: भारत-पाकिस्तान में परमाणु युद्ध हुआ तो दोनों देशों के कौन-से इलाके हो जाएंगे तबाह, कहां बिल्कुल नहीं होगा असर?

प्रांजुल श्रीवास्तव एबीपी न्यूज में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. फिलहाल फीचर डेस्क पर काम कर रहे प्रांजुल को पत्रकारिता में 9 साल तजुर्बा है. खबरों के साइड एंगल से लेकर पॉलिटिकल खबरें और एक्सप्लेनर पर उनकी पकड़ बेहतरीन है. लखनऊ के बाबा साहब भीम राव आंबेडकर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता का 'क, ख, ग़' सीखने के बाद उन्होंने कई शहरों में रहकर रिपोर्टिंग की बारीकियों को समझा और अब मीडिया के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं. प्रांजुल का मानना है कि पाठक को बासी खबरों और बासी न्यूज एंगल से एलर्जी होती है, इसलिए जब तक उसे ताजातरीन खबरें और रोचक एंगल की खुराक न मिले, वह संतुष्ट नहीं होता. इसलिए हर खबर में नवाचार बेहद जरूरी है.

प्रांजुल श्रीवास्तव काम में परफेक्शन पर भरोसा रखते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ सूचनाओं को पहुंचाने का काम नहीं है, यह भी जरूरी है कि पाठक तक सही और सटीक खबर पहुंचे. इसलिए वह अपने हर टास्क को जिम्मेदारी के साथ शुरू और खत्म करते हैं. 

अलग अलग संस्थानों में काम कर चुके प्रांजुल को खाली समय में किताबें पढ़ने, कविताएं लिखने, घूमने और कुकिंग का भी शौक है. जब वह दफ्तर में नहीं होते तो वह किसी खूबसूरत लोकेशन पर किताबों और चाय के प्याले के साथ आपसे टकरा सकते हैं.

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