क्या महाप्रलय के समय सबसे पहले खत्म होगा इंडोनेशिया? जानिए इसके पीछे के कारण
इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता समुद्र में डूब रहा है. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अनुसार भूजल का जरूरत से अधिक दोहन इस शहर को समुद्र के भीतर खींच रहा है.

पर्यावरण में तेजी से हो रहा बदलाव पृथ्वी को विनाश की ओर ले जा रहा है. ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, धरती पर गर्मी बढ़ रही है, ऐसे में ये कहना ग़लत नहीं होगा कि आने वाले कुछ सौ सालों में पृथ्वी रहने लायक नहीं रहेगी. हालांकि, आज हम आपको बताने वाले हैं कि अगर धरती पर महाप्रलय आया तो सबसे पहले कौन सा देश खत्म होगा. चलिए अब इसके बारे में जानते हैं.
कौन सा है वो देश?
हम जिस देश की बात कर रहे हैं, उसका नाम इंडोनेशिया है. इंडोनेशिया एक तरफ बढ़ते समुद्र स्तर से परेशान है तो दूसरी ओर इस देश में ज्वालामुखियों का भंडार इसके अंत का कारण बन सकता है. इस देश में कुल 121 ज्वालामुखी हैं. सबसे बड़ी बात कि इनमें से 74 एक्टिव हैं. यानी इनमें कभी भी विस्फोट हो सकता है. साफ शब्दों में कहें तो इंडोनेशिया पर पानी के प्रलय और आग से प्रलय का खतरा बना हुआ है. स्थिति इतनी खराब है कि इंडोनेशिया अब अपनी राजधानी बदलने पर मजबूर है.
कौन सा शहर डूब रहा है
इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता समुद्र में डूब रहा है. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अनुसार भूजल का जरूरत से अधिक दोहन इस शहर को समुद्र के भीतर खींच रहा है. शहर के नीचे दलदल बन गया है. इस शहर के उत्तर की ओर समुद्र है जिसकी वजह से अक्सर यहां बाढ़ का भी खतरा बना रहता है.
अब कहां बनेगी नई राजधानी
इंडोनेशिया अब अपनी राजधानी को जकार्ता से बोर्नियो शिफ्ट करने वाला है. हालांकि, राजधानी शिफ्ट करने में बहुत खर्च होने वाला है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इस शिफ्टिंग में लगभग 2.44 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे. राजधानी शिफ्ट करने से ज्यादा मुश्किल काम है इस शहर में रह रहे लोगों को शिफ्ट करना. यहां अभी एक करोड़ लोग रहते हैं, 2030 तक इनकी तादाद 3.50 करोड़ होने का अनुमान है. संयुक्त राष्ट्र जकार्ता को दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाले शहरों में गिनता है.
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Source: IOCL
























