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India vs Pakistan Basmat: भारत या पाकिस्तान, किस देश का बासमती चावल बेस्ट? जानें खूबियां और कमियां

वैश्विक बासमती कारोबार में भारत का दबदबा सबसे मजबूत है. दुनिया के कुल बासमती निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 65 से 80 प्रतिशत के बीच है. भारत हर साल अरबों डॉलर तक का बासमती चावल निर्यात करता है

India vs Pakistan Basmat: मिडिल ईस्ट में हालात सामान्य होने और होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग दोबारा पटरी पर लौट के बाद बासमती चावल का कारोबार एक बार फिर चर्चा में है. भारत और पाकिस्तान लंबे समय से वैश्विक बासमती बाजार में एक दूसरे के बड़े कंपीटीटर रहे हैं. ऐसे में बाजार में यह सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान कम कीमत के दम पर भारत की हिस्सेदारी में सेंध लगा सकता है या फिर भारत का दबदबा पहले की तरह  कायम रहेगा. दरअसल मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के बीच पाकिस्तान अपने चावल निर्यातकों को टैक्स रिफंड और ड्यूटी ड्रॉबैक जैसे सुविधाएं देकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कंपटीशन बढ़ाने की कोशिश शुरू कर रहा है. इससे भारतीय निर्यातकों की चिंता बढ़ी है, क्योंकि मिडिल ईस्ट दोनों देशों के लिए सबसे बड़ा बासमती बाजार हैं. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि भारत या पाकिस्तान किस देश का चावल बेस्ट है और दोनों की खूबियां और कमियां क्या है. 

बासमती बाजार में किसका दबदबा ज्यादा? 

वैश्विक बासमती कारोबार में भारत का दबदबा सबसे मजबूत माना जाता है. दुनिया के कुल बासमती निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 65 से 80 प्रतिशत के बीच बताई जाती है. भारत हर साल अरबों डॉलर तक का बासमती चावल निर्यात करता है और सऊदी अरब, ईरान, इराक, यूएई, कुवैत, कतर और ओमान जैसे देश इसके बड़े खरीदार है. दूसरी ओर पाकिस्तान भी बासमती निर्यात के क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाता है, हालांकि इसका निर्यात भारत की तुलना में कम है. लेकिन उसने यूरोप, खाड़ी देशों और कुछ नए बाजारों में अपनी अलग पहचान बनाई है. 

भारत के बासमती चावल की सबसे बड़ी ताकत 

भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका विशाल उत्पादन आधार और मजबूत निर्यात नेटवर्क है. देश में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू कश्मीर जैसे क्षेत्रों में बासमती की खेती बड़े पैमाने पर होती है. भारत की 1121 बासमती किस्म को दुनिया की सबसे लोकप्रिय किस्म में गिना जाता है. इससे भारतीय कृषि वैज्ञानिक विजय पाल सिंह ने विकसित किया और इसे तैयार करने में करीब दो दशक लगे थे. यह किस्म अपनी लंबाई, खुशबू और पकने के बाद बढ़ने वाले आकर के लिए मशहूर है. इस किस्म से भारत को हर साल हजारों करोड रुपये की आय होती है. 

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पाकिस्तान के बासमती की खासियत 

पाकिस्तान का बासमती भी अपनी खुशबू और गुणवत्ता के लिए जाना जाता है. खासकर यूरोप और कुछ खाड़ी देशों में पाकिस्तानी बासमती की अच्छी मांग, पाकिस्तान की रणनीति अक्सर प्रतिस्पर्धी कीमतों पर बेहतर गुणवत्ता वाला चावल उपलब्ध कराने की रही है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि पाकिस्तान बासमती का प्रमुख आकर्षण उसकी कीमत है. कई बाजारों में यह भारतीय बासमती की तुलना में सस्ता पड़ता है, जिससे इसकी तरफ खरीदार आकर्षित होते हैं. 

भारत या पाकिस्तान किस देश का बासमती बेहतर? 

बासमती की गुणवत्ता को लेकर एक देश के आधार पर तय करना आसान नहीं है. दोनों देशों का बासमती अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रीमियम कैटेगरी में गिना जाता है. जहां भारत को उत्पादन ब्रांड और निर्यात नेटवर्क का फायदा मिलता है, वहीं पाकिस्तान गुणवत्ता और कीमत के संतुलन के जरिए खरीदारों का आकर्षित करने की कोशिश करता है.

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कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

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