अगर पाकिस्तान-अफगानिस्तान नहीं हुए होते अलग तो अब कितनी होती भारत की जनसंख्या?
भारत में जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990 के प्रावधानों के तहत की जाती है. हर 10 साल में जनगणना कराने का प्रावधान है. 2011 में देश की जनसंख्या 121 करोड़ थी, जो 140 करोड़ के पार पहुंच गई ळै.

Census 2027: भारत में जनगणना को लेकर तारीखों को ऐलान हो चुका है. देश में जनगणना दो चरणों में होगी. पहला चरण 1 अक्टूबर, 2026 से शुरू होगा, इस दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में जनगणना होगी. इसके बाद फरवरी 2027 से 1 मार्च 2027 के बीच दूसरे चरण की जनगणना होगी, जिसमें देश के मैदानी राज्यों में लोगों की गिनती की जाएगी. केंद्र सरकार की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, 1 मार्च, 2027 से जनगणना से जुड़े आंकड़े सामने आने लगेंगे.
बता दें, भारत में जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990 के प्रावधानों के तहत की जाती है. नियमों के मुताबिक, हर 10 साल में जनगणना कराने का प्रावधान है. देश में आखिरी बार 2011 में जनगणना हुई थी, 2021 में कोरोना महामारी के चलते जनगणना नहीं हो पाई थी. अब सवाल यह है कि अगर भारत से पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे देश अलग नहीं हुए होते तो देश की जनसंख्या कितनी होती? चलिए जानते हैं...
कितनी है भारत की जनसंख्या?
भारत में आखिरी बार 2011 में जनगणना हुई थी. 2011 के जनगणना के आंकड़ों को देखें तो भारत की जनसंख्या करीब 121 करोड़ थी. इसमें 62.3 करोड़ पुरुष आबादी तो 58.6 करोड़ महिला आबादी थी. 2001 की तुलना में 2011 में देश की आबादी में 17.64 प्रतिशत का उछाल देखा गया था. देश में जनगणना हुए 15 साल से ज्यादा समय बीत चुका है. अगर वर्तमान समय की बात की जाए तो देश की आबादी लगभग 140 करोड़ पहुंच चुकी है. आबादी के मामले में भारत चीन को भी मात देने की कगार पर है.
अखंड भारत में कितनी होती आबादी?
भारत की वर्तमान आबाद की बात करें तो देश की जनसंख्या 140 करोड़ के आंकड़े को भी पार कर चुकी है. ऐसे में अगर अखंड भारत के प्रमुख देशों की आबादी को जोड़ दिए जाए तो भारत की आबादी में काफी उछाल देखने को मिलेगा. दरअसल, देश के विभाजन के बाद अलग हुए पड़ोसी देश पाकिस्तान की आबादी ही करीब 24.75 करोड़ से ज्यादा है. यह आंकड़ा 2023 का है. इससे अलावा अफगानिस्तान की आबादी 4.15 करोड़ है. वहीं बांग्लादेश की आबादी करीब 17 करोड़ के आसपास है. इन तीन देशों को ही जोड़ दिया जाए तो कुल आबादी 200 करोड़ के आसपास पहुंच जाएगी.
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