Mock Drill: युद्ध के लिए होने वाली मॉक ड्रिल में क्या-क्या सिखाया जाता है, यह कितनी फायदेमंद?
Mock Drill: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते टेंशन के बीच देशभर के कुछ शहरों मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा, चलिए जानते हैं कि युद्ध से पहले मॉक ड्रिल से क्या क्या फायदा होता है.

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ रहे टेंशन के बीच 7 मई को देशभर में कुल 244 शहरों में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल होगी, मॉक ड्रिल से पहले भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है. ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है. ये 9 ठिकाने मुजफ्फराबाद, कोटली और बहावलपुर के अहमद ईस्ट क्षेत्र में थे. तीनों सेना ने संयुक्त कार्रवाई में पहलगाम हमले में मारे गए निर्दोष टूरिस्ट्स का बदला लिया है. चलिए आपको युद्ध के लिए होने वाली मॉक ड्रिल के बारे में बताते हैं और इससे क्या फायदा होता है.
क्या होती है मॉक ड्रिल?
मॉक ड्रिल एक तरह से किसी भी खतरे से निपटने की तैयारी होती है. युद्ध से पहले होने वाले मॉक ड्रिल में युद्ध के समय कैसे रहना है, क्या करना है, कहां छिपना है इसकी तैयारी होती है. युद्ध से पहले होने वाले मॉक ड्रिल में युद्ध के दौरान आने वाली तमाम चुनौतियों से पहले निपटने का तरीका बता दिया जाता है. मॉक ड्रिल में लोगों को सिखाया जाता है कि अलार्म बजने पर उनको क्या करना है, कहां जाना है और कैसै जाना है. बंकर या युद्ध के लिए बने सुरक्षित कमरे में कैसे रहना है. वहां लाइट कैसे आएगी, राशन की व्यवस्था कैसे करनी है. इसके साथ ही किसी जगह को तेजी से खाली कैसे करना है, बुजुर्ग, बच्चे और दिव्यांगों लोगों को कैसे सुरक्षित रखना है इन बातों की ट्रेनिंग होती है.
अफवाहों से बचने पर दिया जाता है ध्यान
युद्ध के लिए होने वाली मॉक ड्रिल में युद्ध के दौरान अफवाहों से कैसे बचना है, आधिकारिक स्रोतों से जानकारी कैसे लेनी है इनके बारे में भी विस्तार से बताया जाता है. इसके अलावा अगर दुश्मन कैमिकल या बायोलॉजिकल अटैक करता है तो मास्क कैसे पहनना है, कपड़े कैसे पहनने हैं के बारे में पहले से समझाया जाता है. इससे फायदा यह होता है कि लोगों को युद्ध के दौरान आने वाली तमाम चुनौतियों के बारे में पहले से ही पता होता है.
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