History of Independent India: आजादी के बाद भारत में क्या-क्या पहली बार हुआ था? जानें हर डिटेल
History of Independent India: आजादी के बाद भारत में कई बड़े बदलाव हुए. पंडित नेहरू पहले प्रधानमंत्री बने, राजेंद्र प्रसाद पहले राष्ट्रपति बने और 1951-52 में पहला चुनाव हुआ.

History of Independent India: देशभर में चारों तरफ 15 अगस्त की जोर-शोर से तैयारियां शुरू हो गई हैं. 15 अगस्त 1947 के बाद ही ये दिन हर भारतीय के लिए बेहद खास हो गया, क्योंकि ये वही दिन है जब भारत को अंग्रेजों से आजादी मिली थी. यही वजह है कि इस दिन को भारत के इतिहास के लिए सबसे बड़ा दिन माना जाता है और देश के हर कोने में इसको एक जश्न और त्योहार की तरह मनाया जाता है. इस देश को आजादी दिलाने में बहुतों से क्रांतिकारियों ने अपनी जान गंवा दी. देश की आजादी के बाद देश में कई सारे नए बदलाव किए गए. लेकिन क्या आप जानते हैं देश को चलाने के लिए आजादी के बाद सबसे पहला प्रधानमंत्री कौन बना, राष्ट्रपति कौन चुना गया, पहला चुनाव कब हुआ और सबसे खास पहला बजट कब पेश किया गया, और भी कई सारे सवाल जिनके जवाब शायद ही किसी को पता होगा. आइए जानते हैं कि आजादी के बाद भारत में क्या-क्या पहली बार हुआ था.
पहले प्रधानमंत्री और पहले राष्ट्रपति
भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू बने थे. उन्होंने 15 अगस्त 1947 को ही पद की शपथ ली थी. यानी आजादी मिलते ही देश को अपना पहला प्रधानमंत्री मिल गया था. इसके बाद जब भारत 26 जनवरी 1950 को पूरी तरह गणतंत्र बना, तब डॉ. राजेंद्र प्रसाद देश के पहले राष्ट्रपति बने थे, यानी 1947 के बाद 1950 में जाकर देश को अपना पहला राष्ट्रपति मिला था. जिनको देश के सम्मानित नेताओं में से एक गिना जाता था और उन्होंने लंबे समय तक इस पद पर काम किया. इसी तरह भारत की पहली कैबिनेट भी 15 अगस्त 1947 को बनी थी, जिसमें नेहरू जी के साथ कई बड़े नेता शामिल थे, जैसे सरदार वल्लभभाई पटेल और मौलाना अबुल कलाम आजाद.
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पहला चुनाव, पहला बजट और पहला राष्ट्रीय ध्वज
आजाद भारत का पहला आम चुनाव साल 1951-52 में हुआ था. यह चुनाव कई महीनों तक चला था क्योंकि उस समय देश बहुत बड़ा था और वोटिंग की सुविधाएं भी सीमित थीं. इस चुनाव में जनता ने पहली बार अपनी सरकार खुद चुनी थी. वहीं आजाद भारत का पहला बजट देश की आजादी और बंटवारे की कई मुश्किलों के बीच पेश किया गया था, जिसमें करीब 197.29 करोड़ रुपये खर्च और लगभग 171.15 करोड़ रुपये की आमदनी का अनुमान लगाया गया था. यह बजट नवंबर 1947 में पेश हुआ था.
इसके अलावा भारत का राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगा 22 जुलाई 1947 को अपनाया गया था, यानी आजादी मिलने से कुछ दिन पहले ही झंडे को मंजूरी मिल गई थी.
पहला डाक टिकट
आजाद भारत का पहला डाक टिकट भी बहुत खास था. 21 नवंबर 1947 को स्वतंत्र भारत का पहला डाक टिकट जारी किया गया, जिस पर 'जय हिंद' का नारा और भारतीय तिरंगा छपा था. इस टिकट की कीमत साढ़े तीन आना रखी गई थी, जो उस समय बहुत कम मानी जाती थी. टिकट पर तिरंगे के पास 15 अगस्त 1947 की तारीख भी लिखी गई थी, ताकि लोग हमेशा आजादी के इस दिन को याद रखें.
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