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भारत की आजादी के बाद भी गुलाम था यह राज्य, आजादी मिलने में लग गए थे 14 साल

Independence Day 2025: भारत में हर साल स्वतंत्रता दिवस हर साल 15 अगस्त को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. लेकिन एक राज्य ऐसा भी है जिसे आजादी मिलने में 14 साल लग गए चलिए जानते हैं कौन है वो?

भारत ने 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से आजादी हासिल की अंग्रेजों ने करीब 200 सालों तक भारत में राज किया और लंबे संघर्षों के बाद जब भारत को आजादी मिली तो ये दिन ऐतिहासिक और बेहद खास रहा. लेकिन आजादी के समय भारत की कुछ देसी रियासतें और प्रांतो को आजादी के बाद भारत में विलय कर लिया गया. इन्हीं में से एक राज्य ऐसा भी था जिसे आजादी मिलने में एक दो नहीं बल्कि पूरे 14 साल लग गए थे. चलिए जानते हैं इसके बारे में. 

पुर्तगालियों का था शासन

बता दें कि आजादी के समय गोवा, दमन और दीव जैसे कुछ क्षेत्र पुर्तगाली शासन के अधीन रहे. गोवा जो आज भारत का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, 1961 तक पुर्तगालियों के कब्जे में रहा. 1510 में गोवा पर पुर्तगालियों ने कब्जा कर लिया था. करीब 450 वर्षों तक पुर्तगालियों ने गोवा, दमन और दीव पर शासन किया. जब भारत 1947 में आजाद हुआ तब गोवा में पुर्तगाली झंडा लहरा रहा था. भारत सरकार ने पुर्तगाल से गोवा को सौंपने की मांग की लेकिन पुर्तगाली शासक एंटोनियो सालाजार ने इसे ठुकरा दिया. 

14 साल बाद गोवा को मिली आजादी

जब कूटनीति और आंदोलन विफल रहे तो भारत सरकार ने सैन्य हस्तक्षेप का फैसला लिया. 18 दिसंबर 1961 को 'ऑपरेशन विजय' शुरू हुआ. भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने संयुक्त रूप से पुर्तगाली ठिकानों पर हमला किया. जिसके बाद 19 दिसंबर 1961 को पुर्तगाली गवर्नर जनरल मैनुअल एंटोनियो वासालो ई सिल्वा ने आत्मसमर्पण के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए और इस तरह इसके 14 साल बाद भारत ने गोवा पर अपना अधिकार वापस प्राप्त किया. 

धूमधाम से मनाया जाता है गोवा मुक्ति दिवस

गोवा मुक्ति दिवस हर साल 19 दिसंबर को बड़े उत्साह से मनाया जाता है. यह दिन भारतीय सेना की वीरता और गोवा के लोगों के संघर्ष को याद करता है. गोवा की आजादी ने भारत की संप्रभुता और अखंडता को और मजबूत किया.

क्या है स्वतंत्रता दिवस का महत्व

स्वतंत्रता दिवस का महत्व केवल आजादी की प्राप्ति तक सीमित नहीं है. यह हमें उन बलिदानों की याद दिलाता है, जो असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों ने दिए. यह दिन हमें एकजुटता, राष्ट्रीय गर्व और देश के प्रति कर्तव्य की भावना को मजबूत करता है. हर साल 15 अगस्त को लाल किले पर प्रधानमंत्री तिरंगा फहराते हैं और राष्ट्र को संबोधित करते हैं. इस दिन स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, परेड और देशभक्ति के गीतों का आयोजन होता है. 

इसे भी पढ़ें- भारत तो 15 अगस्त को आजाद हुआ, लेकिन इसी दिन दुनिया में घटी थीं ये 5 घटनाएं

About the author नेहा सिंह

नेहा सिंह बीते 6 साल से डिजिटल मीडिया की दुनिया से जुड़ी हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद से ताल्लुक रखती हैं. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद हैदराबाद स्थित ईटीवी भारत से साल 2019 में अपने करियर की शुरुआत की. यहां पर दो साल तक बतौर कंटेट एडिटर के पद पर काम किया इस दौरान उन्हें एंकरिंग का भी मौका मिला जिसमें उन्होंने बेहतरीन काम किया.

फिर देश की राजधानी दिल्ली का रुख किया, यहां प्रतिष्ठित चैनलों में काम कर कलम को धार दी. पहले इंडिया अहेड के साथ जुड़ीं और कंटेंट के साथ-साथ वीडियो सेक्शन में काम किया. 

इसके बाद नेहा ने मेनस्ट्रीम चैनल जी न्यूज में मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के पद पर अपनी सेवाएं दीं. जी न्यूज में रहते हुए नेशनल और इंटरनेशनल मुद्दों पर एक्सप्लेनर वीडियो क्रिएट किए.

इसी बीच प्रयागराज महाकुंभ के दौरान कुलवृक्ष संस्थान से जुड़कर महाकुंभ भी कवर किया, साधु-संतों का इंटरव्यू किया. लोगों से बातचीत करके उनके कुंभ के अनुभव और समस्याओं को जाना.

वर्तमान में नेहा एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां पर नॉलेज सेक्शन में ऐसी खबरों को एक्सप्लेन करती हैं, जिनके बारे में आम पाठक को रुचि होती है.

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