एक्सप्लोरर

बंटवारे के बाद पाकिस्तान में लगे थे ये नारे, सुनकर आज भी खौल जाएगा खून

Independence Day 2025: 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान के निर्माण के समय यहां स्वतंत्रता समारोह आयोजित किए गए थे. आइये जानते हैं कि बंटवारे के बाद पाकिस्तान में क्या नारे लगे थे.

अंग्रेजों ने भारत पर 200 साल से भी ज्यादा समय तक शासन किया. 1947 में जब भारत को आजादी मिली तो आजादी के साथ ही भारत का बंटवारा हुआ और एक नए राष्ट्र पाकिस्तान का जन्म हुआ. इस ऐतिहासिक घटना के बाद पाकिस्तान की गलियों में उत्साह और जोश का माहौल था. आइये जानते हैं कि बंटवारे के बाद पाकिस्तान में क्या नारे लगे थे.

पाकिस्तान निर्माण से लोगों में उत्साह

भारत से ठीक एक दिन पहले यानी 14 अगस्त को वहां स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है. लोग सड़कों पर उतर आए थे और नए देश के निर्माण के लिए नारे गूंज रहे थे. यह दिन मुस्लिम लीग के नेतृत्व में एक स्वतंत्र मुस्लिम राष्ट्र की स्थापना का प्रतीक था, जिसका सपना मोहम्मद अली जिन्ना और उनके समर्थकों ने देखा था. पाकिस्तान में खासकर कराची, लाहौर शहरों में मुस्लिम लीग के समर्थकों और आम लोगों ने सड़कों पर उत्सव मनाया. 

जिन्ना ने ली गवर्नर जनरल की शपथ

14 अगस्त 1947 को कराची जो नवगठित पाकिस्तान की पहली राजधानी थी यहां स्वतंत्रता समारोह आयोजित किए गए. मोहम्मद अली जिन्ना ने देश के पहले गवर्नर-जनरल के रूप में शपथ ली और आधिकारिक समारोहों में 'पाकिस्तान जिंदाबाद' जैसे नारे गूंजे. लोग सड़कों पर उतरे, झंडे लहराए गए और मस्जिदों व सार्वजनिक स्थानों पर विशेष प्रार्थनाएं और सभाएं हुईं. मोहम्मद अली जिन्ना के आह्वान पर लोगों ने इस्लाम जिंदाबाद!, मुस्लिम लीग जिंदाबाद, 'कायद-ए-आजम जिंदाबाद!' के नारे भी गूंजे, जो मोहम्मद अली जिन्ना के प्रति लोगों की श्रद्धा और सम्मान को दर्शाते थे.

भाषण में क्या बोले जिन्ना

मोहम्मद अली जिन्ना ने 11 अगस्त 1947 को कराची में पाकिस्तान की संविधान सभा में अपने पहले भाषण में पाकिस्तान के भविष्य और उसकी नीतियों के बारे में बात की. कहा पाकिस्तान में सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त होंगे चाहे उनका धर्म कुछ भी हो. उन्होंने कहा था आप अपने धर्म का पालन करने के लिए स्वतंत्र हैं. आप अपने मंदिरों में जा सकते हैं, आप स्वतंत्र हैं मस्जिदों में जाने के लिए और पाकिस्तान में अपनी किसी भी इबादतगाह में जाने के लिए, आपके संबंध किसी भी धर्म जाति या नस्ल से हों पाकिस्तान को इससे कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने यह भी कहा था कि पाकिस्तान में कुछ दिनों बाद आप देखेंगे की यहां मुसलमान, मुसलमान नहीं होगा और हिन्दू, हिन्दू नहीं होगें सब एक देश के नागरिक होंगे.

इसे भी पढ़ें- कैसे तय होता है किसी नदी का खतरे का निशान, कौन लगाता है यह मार्क?

About the author नेहा सिंह

नेहा सिंह बीते 6 साल से डिजिटल मीडिया की दुनिया से जुड़ी हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद से ताल्लुक रखती हैं. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद हैदराबाद स्थित ईटीवी भारत से साल 2019 में अपने करियर की शुरुआत की. यहां पर दो साल तक बतौर कंटेट एडिटर के पद पर काम किया इस दौरान उन्हें एंकरिंग का भी मौका मिला जिसमें उन्होंने बेहतरीन काम किया.

फिर देश की राजधानी दिल्ली का रुख किया, यहां प्रतिष्ठित चैनलों में काम कर कलम को धार दी. पहले इंडिया अहेड के साथ जुड़ीं और कंटेंट के साथ-साथ वीडियो सेक्शन में काम किया. 

इसके बाद नेहा ने मेनस्ट्रीम चैनल जी न्यूज में मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के पद पर अपनी सेवाएं दीं. जी न्यूज में रहते हुए नेशनल और इंटरनेशनल मुद्दों पर एक्सप्लेनर वीडियो क्रिएट किए.

इसी बीच प्रयागराज महाकुंभ के दौरान कुलवृक्ष संस्थान से जुड़कर महाकुंभ भी कवर किया, साधु-संतों का इंटरव्यू किया. लोगों से बातचीत करके उनके कुंभ के अनुभव और समस्याओं को जाना.

वर्तमान में नेहा एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां पर नॉलेज सेक्शन में ऐसी खबरों को एक्सप्लेन करती हैं, जिनके बारे में आम पाठक को रुचि होती है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Khamenei Funeral: कैसे होगा खामेनेई का अंतिम संस्कार, क्या है गुस्ल, कफन, जनाजा और दफ्न की पूरी प्रक्रिया?
कैसे होगा खामेनेई का अंतिम संस्कार, क्या है गुस्ल, कफन, जनाजा और दफ्न की पूरी प्रक्रिया?
Strawberry Moon 2026: आज रात दिखेगा Strawberry Moon का खूबसूरत नजारा, जानिए नॉर्मल से क्यों और कितना बड़ा हो जाता है चांद
आज रात दिखेगा Strawberry Moon का खूबसूरत नजारा, जानिए नॉर्मल से क्यों और कितना बड़ा हो जाता है चांद
Meteorites: 1 साल में धरती पर कितने उल्कापिंड गिरते हैं, जानें हम उन्हें क्यों नहीं देख पाते?
1 साल में धरती पर कितने उल्कापिंड गिरते हैं, जानें हम उन्हें क्यों नहीं देख पाते?
Khamenei Funeral Ceremony: खामेनेई के जनाजे की नमाज में सजदा क्यों नहीं करेंगे मुसलमान, क्या है इस्लाम में नियम?
खामेनेई के जनाजे की नमाज में सजदा क्यों नहीं करेंगे मुसलमान, क्या है इस्लाम में नियम?

वीडियोज

लॉरेन्स का खूनी प्लान...टारगेट पर सलमान ?
Panna Diamond Mine| Labourer Found Diamond: रातों-रात करोड़पति बना मजदूर!
Climate Change | Global Weather Update | Janhit: मौसम की मार या प्रलय की आहट?
Weather Update | Bharat ki Baat | अलनीनो का आफत काल,मॉनसून का मायाजाल | Latest News | Breaking News
Bharat Ki Baat : चढ़ावा चोरी से UP चुनाव में किसको होगा घाटा? | Ram Mandir Theft | Pratima Mishra

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
खिड़कियां खोलकर रखें. सीलिंग फैन..गर्मी से बेहाल ब्रिटेन में सरकार ने AC हटाने को क्यों कहा है?
खिड़कियां खोलकर रखें. सीलिंग फैन..गर्मी से बेहाल ब्रिटेन में सरकार ने AC हटाने को क्यों कहा है?
महाराष्ट्र TET पेपर लीक केस में बड़ा अपडेट, बिहार के इस जिले से निकला मास्टरमाइंड का कनेक्शन
महाराष्ट्र TET पेपर लीक केस में बड़ा अपडेट, बिहार के इस जिले से निकला मास्टरमाइंड का कनेक्शन
कोलंबो की भारत-पाकिस्तान सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ? विदेश मंत्रालय ने दिया ये हैरान करने वाला जवाब
कोलंबो की भारत-पाकिस्तान सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ? विदेश मंत्रालय ने दिया ये हैरान करने वाला जवाब
128 साल बाद ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी, IOC ने क्वालिफिकेशन के लिए बनाया खास प्लान; भारत को मिली जगह 
128 साल बाद ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी, IOC ने क्वालिफिकेशन के लिए बनाया खास प्लान
'मैं डर गई थी...', अक्षय खन्ना को थप्पड़ मारने वाले सीन में कांप उठे थे दीया मिर्जा के हाथ, खुद बताया किस्सा
'मैं डर गई थी...', अक्षय खन्ना को थप्पड़ मारने वाले सीन में कांप उठे थे दीया मिर्जा के हाथ, खुद बताया किस्सा
खामेनेई की अंतिम सलामी: भारत की ओर से शामिल होंगे बिहार के राज्यपाल और विदेश राज्यमंत्री
खामेनेई की अंतिम सलामी: भारत की ओर से शामिल होंगे बिहार के राज्यपाल और विदेश राज्यमंत्री
असमः ढेमाजी-जोनाई में बाढ़ से भारी तबाही, रेलवे पुल क्षतिग्रस्त, नदी में चार बहे, शाह ने लिया जायजा
असमः ढेमाजी-जोनाई में बाढ़ से भारी तबाही, रेलवे पुल क्षतिग्रस्त, नदी में चार बहे, शाह ने लिया जायजा
महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया नया नियम, 1 से 10 तक के सभी स्कूलों में मराठी पढ़ना होगा जरुरी
महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया नया नियम, 1 से 10 तक के सभी स्कूलों में मराठी पढ़ना होगा जरुरी
Embed widget