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China Population Policy: इस देश में सरकार की मर्जी के बिना पैदा नहीं कर सकते थे बच्चे, मिलती थी इतनी सजा

China Population Policy: दुनिया में एक ऐसा देश भी है जहां पर बच्चे पैदा करने से पहले सरकार की मंजूरी लेनी पड़ती थी. आइए जानते हैं कौन सा है वह देश और क्यों था यह नियम.

China Population Policy: एक वक्त हुआ करता था जब बच्चे पैदा करना सिर्फ एक पर्सनल या फिर फैमिली फैसला नहीं था. बल्कि यह एक ऐसा मामला था जिसके लिए सरकार की मंजूरी की जरूरत थी. ऐसा चीन में हुआ था, जहां पर दशकों तक सरकार ने आधुनिक इतिहास के सबसे सख्त जनसंख्या नियंत्रण कानूनों में से एक को लागू किया था. यह कानून था वन चाइल्ड पॉलिसी. आइए जानते हैं क्या था यह कानून.

वन चाइल्ड पॉलिसी का जन्म 

चीन ने 1979 में डेंग जियाओपिंग की लीडरशिप में वन चाइल्ड पॉलिसी की शुरुआत की थी. उस समय देश आर्थिक सुधारों से गुजर रहा था और सरकार को इस बात का डर था कि तेजी से बढ़ती जनसंख्या से खाने की चीजों, नौकरियों, घरों और प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव पड़ेगा. यह पॉलिसी अस्थायी उपाय बताई गई थी लेकिन लगभग चार दशकों तक लागू रही. 

बच्चा पैदा करने की इजाजत और सरकारी कंट्रोल 

इस पॉलिसी के तहत कपल्स को अक्सर बच्चा पैदा करने से पहले सरकार की इजाजत लेनी पड़ती थी. फैमिली प्लैनिंग डिपार्मेंट प्रेगनेंसी, शादियों और जन्म के बीच के अंतर पर कड़ी नजर रखते थे. कई जगहों पर स्थानीय अधिकारी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं के मासिक धर्म चक्र और गर्भनिरोधक के इस्तेमाल पर भी नजर रखते थे. 

उल्लंघन करने पर सजा 

जिन परिवारों ने बिना इजाजत के दूसरा बच्चा पैदा किया उन्हें कड़ी सजा का सामना करना. सबसे आम सजा सोशल मेंटेनेंस फीस थी. यह एक बहुत बड़ा जुर्माना था जो एक परिवार की सालाना इनकम का 3 से 10 गुना हो सकता था. कई परिवारों को इसे चुकाने के लिए जमीन, घर या फिर कीमती सामान बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा. जिन भी सरकारी कर्मचारियों ने इस पॉलिसी का उल्लंघन किया उन्हें अक्सर उनकी नौकरी से निकाल दिया जाता था. 

बिना पहचान वाले बच्चे 

सबसे क्रूर नतीजे में से एक उन बच्चों पर पड़ा जो इस पॉलिसी के बाहर पैदा हुए थे. कई लोगों को चीन के घरेलू रजिस्ट्रेशन सिस्टम से वंचित कर दिया गया. इस रजिस्ट्रेशन सिस्टम के बिना कोई बच्चा कानूनी तौर पर स्कूल नहीं जा सकता था, स्वास्थ्य सेवा नहीं ले सकता था, आधिकारिक पहचान पत्र नहीं मिल सकता था या फिर बाद में शादी और यात्रा नहीं कर सकता था.

पॉलिसी में बदलाव और आज की सच्चाई

ध्यान देने वाली बात यह है कि चीन अब इसके उलट संकट का सामना कर रहा है. चीन में तेजी से आबादी घट रही है. सरकार ने 2016 में दो बच्चों और 2021 में तीन बच्चों के अनुमति दी और 2021 के बीच तक सभी जन्म सीमाएं और जुर्माने हटा दिए गए. वर्तमान में चीन हर साल प्रति बच्चे लगभग 3600 युआन की नकद सब्सिडी देकर बच्चे पैदा करने को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित कर रहा है. वर्कफोर्स की कमी को पूरा करने के लिए रिटायरमेंट की उम्र भी बढ़ा दी गई है.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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