एक्सप्लोरर

क्या चांद पर भी चल सकता है इंटरनेट, वहां से कैसे होगी वीडियो कॉल

अंतरिक्ष या चांद पर अगर किसी मिशन के लिए वैज्ञानिक जाते हैं तो लोगों के मन में एक सवाल यह रहता है कि आखिर वहां जाकर धरती पर वीडियो कॉल के जरिए कैसे बात हो सकती है.

बीते शनिवार यानी 18 जुलाई को भारत ने अंतरिक्ष इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. हैदराबाद के स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस के बनाए विक्रम-1 रॉकेट ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से सफल उड़ान भरी है. यह देश का ऐसा पहला प्राइवेट रॉकेट बना है जो धरती के लोअर ऑर्बिट में पहुंचा है. अंतरिक्ष का कोई भी मिशन हो या फिर कोई रॉकेट लॉन्च किया गया हो, कई बार एक सवाल लोगों के मन में आता है कि आखिर अंतरिक्ष में या चांद पर कौन सा इंटरनेट काम करता है और लोग वीडियो कॉल कैसे करते हैं.

क्या चांद पर काम करता है इंटरनेट?

फिलहाल चंद्रमा की सतह पर हमारे मोबाइल जैसा सामान्य इंटरनेट काम नहीं करता है, लेकिन अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा समेत दुनिया के कई बड़े देश वहां संचार व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटे हैं. भविष्य के आर्टेमिस मिशन को ध्यान में रखते हुए चांद की सतह पर 4G/LTE और बेहतरीन वाई-फाई नेटवर्क विकसित करने पर तेजी से काम चल रहा है. यह नेटवर्क वहां पहुंचने वाले अंतरिक्ष यात्रियों और उनके उपकरणों को आपस में जोड़ेगा. हालांकि अंतरिक्ष के इस नेटवर्क से धरती पर सीधे संपर्क करना मुमकिन नहीं होगा. इसके लिए वैज्ञानिकों ने रेडियो तरंगों के साथ-साथ आधुनिक लेजर कम्युनिकेशन तकनीक का इस्तेमाल करने का फैसला किया है.

चांद पर कैसे काम करेगा वीडियो कॉल नेटवर्क?

चांद पर कदम रखने वाले अंतरिक्ष यात्री अपने स्मार्टफोन से सीधे धरती पर कोई नंबर डायल नहीं कर सकते हैं. इसके बजाय वे अपने विशेष स्पेससूट, रोवर या लूनर लैंडर में लगे उपकरणों का इस्तेमाल करेंगे. ये सभी उपकरण चंद्रमा की सतह पर बनाए गए स्थानीय 4G या 5G हॉटस्पॉट और लूनर नेटवर्क से आपस में जुड़े होंगे. जब भी कोई अंतरिक्ष यात्री वीडियो कॉल की शुरुआत करेगा, तो उसका डेटा सबसे पहले चांद पर मौजूद इसी स्थानीय नेटवर्क और वहां के मुख्य बेस स्टेशन तक डिजिटल सिग्नल्स के रूप में पहुंचेगा.

यह भी पढ़ें: Monsoon Session 2026: बजट, मानसून या शीतकालीन... संसद का सबसे महत्वपूर्ण सत्र कौन-सा और क्यों?

रिले सैटेलाइट्स की महत्वपूर्ण भूमिका

धरती और चंद्रमा के बीच की औसत दूरी लगभग 3,84,000 किलोमीटर है. इतनी लंबी दूरी तक सिग्नल को बिना किसी रुकावट के भेजने के लिए चांद की कक्षा में चक्कर लगा रहे रिले सैटेलाइट्स का सहारा लिया जाता है. चंद्रमा की सतह से निकलने वाले वीडियो और ऑडियो सिग्नल्स को ये रिले सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में ही पकड़ लेते हैं. इसके बाद ये सैटेलाइट्स उन सिग्नल्स को और ज्यादा शक्तिशाली बनाकर सीधे पृथ्वी की दिशा में भेज देते हैं, जिससे कि डेटा बिना भटके सही दिशा में आगे बढ़ पाता है.

अर्थ स्टेशन और डीप स्पेस नेटवर्क

रिले सैटेलाइट्स के द्वारा अंतरिक्ष से भेजे गए इन सिग्नल्स को प्राप्त करने के लिए धरती पर बहुत बड़े-बड़े और संवेदनशील एंटीना लगाए गए हैं. नासा का डीप स्पेस नेटवर्क इसका एक बेहतरीन उदाहरण है. धरती पर मौजूद ये विशालकाय अर्थ स्टेशन अंतरिक्ष से आने वाले रेडियो और लेजर सिग्नल्स को तुरंत कैच करते हैं. सिग्नल्स मिलते ही इन्हें डिकोड किया जाता है और फिर डिजिटल डेटा में बदलकर आगे की प्रोसेसिंग के लिए मुख्य सर्वर रूम में भेज दिया जाता है.

सामान्य वीडियो कॉलिंग प्लेटफॉर्म से जुड़ाव

अर्थ स्टेशन पर डेटा मिलने के बाद असली जादू शुरू होता है. इन अंतरिक्षीय सिग्नल्स को सामानय इंटरनेट नेटवर्क के साथ जोड़ दिया जाता है. इसके बाद इस डेटा को जूम, स्काइप या व्हाट्सएप जैसे उन सामान्य वीडियो कॉलिंग प्लेटफॉर्म्स पर भेज दिया जाता है जिनको हम रोजाना इस्तेमाल करते हैं. इसी तकनीक की मदद से धरती पर बैठा कोई भी व्यक्ति अपने कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल स्क्रीन पर सीधे चांद से आ रही लाइव वीडियो फीड देख सकता है और अंतरिक्ष यात्रियों से बात कर सकता है.

यह भी पढ़ें: Country Without Traffic Signals: इस देश में नहीं है एक भी ट्रैफिक सिग्नल, फिर कैसे कंट्रोल होती हैं गाड़ियां

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

क्या चांद पर भी चल सकता है इंटरनेट, वहां से कैसे होगी वीडियो कॉल
क्या चांद पर भी चल सकता है इंटरनेट, वहां से कैसे होगी वीडियो कॉल
Gandhi on Currency: नोटों पर गांधी जी की यही तस्वीर क्यों छपी, दूसरी क्यों नहीं... कहां खींची गई थी ये वाली फोटो?
नोटों पर गांधी जी की यही तस्वीर क्यों छपी, दूसरी क्यों नहीं... कहां खींची गई थी ये वाली फोटो?
Monsoon In India: बारिश होगी या नहीं, मौसम का पूर्वानुमान कैसे तैयार होता है, सैटेलाइट, रडार या AI... किस चीज का होता है इस्तेमाल?
बारिश होगी या नहीं, मौसम का पूर्वानुमान कैसे तैयार होता है, सैटेलाइट, रडार या AI... किस चीज का होता है इस्तेमाल?
Plastic Currency India: प्लास्टिक की करेंसी आई तो कागज के नोटों का क्या होगा, कैसे होंगे एक्सचेंज?
प्लास्टिक की करेंसी आई तो कागज के नोटों का क्या होगा, कैसे होंगे एक्सचेंज?
Advertisement

वीडियोज

Bollywood News: शानदार VFX और रावण बने यश के लुक के खुलासे से 'रामायण' के ट्रेलर ने सोशल मीडिया पर मचाई 'तबाही'। (19.07.26)
BMW R1300 GSA: One of the Best Adventure bike of BMW! #bmw #bmwr1300gsa #bmwbike #autolive
Jacqueline Fernandez के 'Jugni' Song पर मचा बवाल, Viral Clip के बाद Makers पर उठे सवाल
Lock Upp 2: Apoorva Mukhija की Wild Card Entry की चर्चा तेज, Shilpa Shinde Controversy के बीच बढ़ेगा ड्रामा?
India's Got Latent 2: Contestant Sakshi Jha के बयानों से मचा बवाल, Samay Raina भी रह गए हैरान
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
All-Party Meeting: सर्वदलीय बैठक से विपक्ष ने किया वॉकआउट तो भड़कीं काकोली घोष दस्तीदार, कहा- ये तो चेयर का अपमान
सर्वदलीय बैठक से विपक्ष ने किया वॉकआउट तो भड़कीं काकोली घोष दस्तीदार, कहा- ये तो चेयर का अपमान
यूपी चुनाव में अखिलेश यादव नहीं देंगे शिवपाल यादव को टिकट? इस नेता के दावे से मची हलचल
यूपी चुनाव में अखिलेश यादव नहीं देंगे शिवपाल यादव को टिकट? इस नेता के दावे से मची हलचल
ईरान ने अमेरिका के साथ फिर शुरू की जंग तो भड़का पाकिस्तान, एक्सपर्ट बोले- 'ये ताकत नहीं, बल्कि...'
ईरान ने अमेरिका के साथ फिर शुरू की जंग तो भड़का पाकिस्तान, एक्सपर्ट बोले- 'ये ताकत नहीं, बल्कि...'
Lock Upp 2: 'मैंने अपना हाथ काट लिया था', हर्षद चोपड़ा ने प्यार में धोखा मिलने के बाद की थी सुसाइड करने की कोशिश
लॉक अप 2: 'मैंने अपना हाथ काट लिया था', हर्षद चोपड़ा ने प्यार में धोखा मिलने के बाद की थी सुसाइड करने की कोशिश
FIFA World Cup Final: वर्ल्ड कप फाइनल में 60 साल बाद होगा ऐसा, मेसी-यमाल की टक्कर; हेड टू हेड समेत जानें फाइनल के बारे में सबकुछ
वर्ल्ड कप फाइनल में 60 साल बाद होगा ऐसा, मेसी-यमाल की टक्कर; जानें दोनों का हेड टू हेड रिकॉर्ड
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी, कर दी ये मांग
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में राहुल गांधी-खरगे ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी, कर दी ये बड़ी मांग
नितिन नवीन के बिहार दौरे में बांकीपुर उपचुनाव के लिए बना प्लान, नुक्कड़ सभा-पॉकेट मीटिंग पर फोकस
नितिन नवीन के बिहार दौरे में बांकीपुर उपचुनाव के लिए बना प्लान, नुक्कड़ सभा-पॉकेट मीटिंग पर फोकस
Normal Fever vs Dengue: हर बुखार डेंगू नहीं होता... मानसून सीजन में ऐसे पहचानें कौन सा फीवर नॉर्मल और कौन सा नहीं?
हर बुखार डेंगू नहीं होता... मानसून सीजन में ऐसे पहचानें कौन सा फीवर नॉर्मल और कौन सा नहीं?
Embed widget