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Monsoon Session 2026: बजट, मानसून या शीतकालीन... संसद का सबसे महत्वपूर्ण सत्र कौन-सा और क्यों?

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई 2026 से कई अहम मुद्दों के साथ शुरू हो रहा है. आइए जानते हैं कि सदन का सबसे महतवपूर्ण सत्र कौन सा है और वह इतना जरूरी क्यों है.

Monsoon Session 2026: भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में संसद का हर सत्र देश की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाता है. 20 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रहा संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त 2026 तक चलेगा, जिसमें देश की राजनीति, चुनाव प्रणाली और आरक्षण को प्रभावित करने वाले बड़े विधेयक पेश किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है. एक ओर विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, नीट पेपर लीक, अयोध्या राम मंदिर दान विवाद, ई-20 ईंधन और विदेश नीति पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, तो वहीं सरकार अपने विधायी कार्यों को पूरा करना चाहती है. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि आखिर संसद के मुख्य सत्रों में से सबसे महत्वपूर्ण कौन सा है.

बजट सत्र

संसद का बजट सत्र हर साल फरवरी से शुरू होकर मई महीने तक चलता है. यह पूरे साल का सबसे लंबा और बेहद व्यस्त रहने वाला सत्र होता है, जिसे दो अलग-अलग चरणों में आयोजित किया जाता है. इसके पहले चरण की शुरुआत में महामहिम राष्ट्रपति दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करते हैं, जिसमें सरकार की नीतियों का ब्योरा होता है. इसके बाद वित्त मंत्री देश का केंद्रीय बजट पेश करते हैं, जिस पर सामान्य चर्चा होती है. दूसरे चरण में विनियोग विधेयक और वित्त विधेयक के माध्यम से विभिन्न मंत्रालयों को आवश्यक धन आवंटित करने पर अंतिम फैसला लिया जाता है.

मानसून सत्र

संसद का मानसून सत्र आमतौर पर हर साल जुलाई से शुरू होकर अगस्त या सितंबर तक चलता है. यह सत्र मुख्य रूप से नए कानूनों को बनाने, पुराने कानूनों में संशोधन करने और देश के नीतिगत मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श करने के लिए समर्पित होता है. इस सत्र में देश के किसान, कृषि व्यवस्था, जल प्रबंधन और बुनियादी ढांचे से जुड़े मौसमी एवं तात्कालिक मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाता है. प्रश्नकाल और शून्यकाल के जरिए सभी सांसद देश के अलग-अलग हिस्सों की प्रमुख समस्याओं को उठाते हैं और संबंधित मंत्रालयों से उनके समाधान के लिए जवाब मांगते हैं.

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शीतकालीन सत्र

नवंबर से दिसंबर के बीच आयोजित होने वाला शीतकालीन सत्र संसद का साल का अंतिम प्रमुख सत्र माना जाता है. ठंड के मौसम में चलने के कारण अमूमन इस सत्र की अवधि बाकी सत्रों के मुकाबले थोड़ी छोटी होती है, लेकिन इसके महत्व को बिल्कुल भी कम करके आंका नहीं जा सकता है. शीतकालीन सत्र के दौरान कई बड़े सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विधेयकों को कानून का रूप देने के लिए संसद में पेश किया जाता है. इसके अलावा देश के वर्तमान हालात, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे बड़े बदलावों और जनहित से जुड़ी नीतियों की गहन समीक्षा भी इसी समय की जाती है.

सबसे महत्वपूर्ण सत्र कौन सा है?

संसद के तीनों सत्रों में से बजट सत्र को सबसे अधिक महत्वपूर्ण और ताकतवर माना जाता है. इसके सबसे खास होने की वजह यह है कि इसके बिना देश की पूरी प्रशासनिक और आर्थिक व्यवस्था ठप हो सकती है. सरार को देश चलाने, योजनाएं लागू करने और कर्मचारियों को वेतन देने के लिए जिस धन की जरूरत होती है, उसकी मंजूरी इसी सत्र में विनियोग विधेयक के पास होने से मिलती है. लंबा वक्त होने की वजह से संसदीय समितियों को हर विभाग की बजट मांगों की बारीक जांच करने का पूरा मौका मिल जाता है. जिससे यह सत्र देश की पूरी अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनता है.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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