एक्सप्लोरर

Invention of Clocks: सबसे पहले दुनिया में कैसे तय किया गया‌ था समय, कैसे हुआ था घड़ी का निर्माण?

Invention of Clocks: जब तक घड़ियों का आविष्कार नहीं हुआ था उससे पहले भी समय को मापा जाता था. आइए जानते हैं घड़ियों के आविष्कार से पहले कैसे मापा जाता था समय.

Invention of Clocks: आज इंसानी जिंदगी के हर पहलू पर समय का राज है. लेकिन यह कोई ऐसी चीज नहीं थी जिसे इंसानों ने रातों-रात ईजाद किया हो. वक्त का विचार सभ्यता की शुरुआती दौर से ही मौजूद है. लेकिन जो चीज विकसित हुई है वह यह थी कि इंसानों ने इसे मापन कैसे सीखा. आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.

इंसानों ने पहली बार समय को कैसे समझा?

सभ्यता के शुरुआती दौर में समय को प्रकृति के जरिए समझा जाता था. सूरज का उगना और डूबना दिन की शुरुआत और अंत को दिखाता था. इसी के साथ चांद के बदलते चरण लोगों को महीनों का हिसाब रखने में मदद करते थे. रात के समय आसमान में तारों की चाल ने भी मौसम के चक्र को समझने में एक बड़ी भूमिका निभाई. 

24 घंटे के दिन का जन्म 

समय मापने के इतिहास में सबसे बड़ा पड़ाव प्राचीन मिस्त्र से आया. 1550 और 1069 ईसा पूर्व के बीच मिस्त्र वासियों ने दिन को 24 घंटे में बांटा. 12 घंटे दिन के लिए रखे गए और 12 रात के लिए. लेकिन यह घंटे तय नहीं थे. 1 घंटे की लंबाई मौसम के साथ बदलता थी. गर्मियों में लंबी और सर्दियों में छोटी.

समय मापने के लिए पहला उपकरण 

धूप घड़ी को समय मापने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सबसे पुराना ज्ञात उपकरण माना जाता है. इसमें जमीन में एक सीधी छड़ी लगी होती थी जिसे नोमोन कहा जाता था. जैसे-जैसे सूरज आसमान में घूमता था छड़ी की परछाई अपनी जगह बदलती थी. इसी से दिन का समय पता चलता था. सबसे पुरानी ज्ञात धूप घड़ी प्राचीन मिस्त्र में लगभग 1500 ईसा पूर्व की है.

पानी की घड़ी 

धूप घड़ी सिर्फ दिन की रोशनी और साफ मौसम में ही काम करती थी. इस परेशानी से निपटने के लिए प्राचीन सभ्यताओं ने पानी की घड़ी विकसित की. इन्हें भारत में घटी यंत्र के नाम से जाना जाता है. यह उपकरण एक छोटे से छेद के जरिए एक बर्तन से दूसरे बर्तन में पानी के लगातार बहाव का इस्तेमाल करते थे. एक तय समय में कितना पानी बहा इसे माप कर लोग रात में या बादल वाले मौसम में भी समय का पता लगा सकते थे.

मैकेनिकल गाड़ियों ने सब कुछ बदल दिया 

समय मापने में असली क्रांति 14वीं सदी के बीच यूरोप में मैकेनिकल घड़ियों के आविष्कार के बाद आई. यह घड़ियां प्राकृतिक चीजों पर निर्भर हुए बिना समय मापने के लिए वजन, गियर और एस्केपमेंट मेकैनिज्म का इस्तेमाल करती थी. शुरुआत में यह घड़ियां काफी बड़ी थी और सटीक नहीं थी लेकिन उन्होंने एक बड़ा बदलाव लाया. 

पेंडुलम घड़ी 

1656 में डच वैज्ञानिक क्रिश्चियन ह्यूजेंस ने पेंडुलम घड़ी का आविष्कार किया. इससे सटीकता में जबरदस्त सुधार देखने को मिला. पेंडुलम की लगातार घूमने वाली गति की वजह से घड़ियां मिनट या घंटे के बजाय हर दिन सिर्फ कुछ सेकंड ही पीछे होती थी. 

पहली पोर्टेबल घड़ी 

1505 में जर्मन ताला बनाने वाले पीटर हेनलेन पहली पोर्टेबल घड़ी बनाई थी. हालांकि आधुनिक मानकों के हिसाब से यह काफी सटीक नहीं थी लेकिन इसने लोगों को पहली बार समय को अपने साथ ले जाने की सुविधा दी.

ये भी पढ़ें: क्या अंतरिक्ष में जाने पर बढ़ जाती है लंबाई, जानें क्या है इसके पीछे का साइंस

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Panna Diamond: कितने रुपये में बिकेगा पन्ना के किसानों को मिला 16 कैरेट का हीरा? जानें डिटेल
कितने रुपये में बिकेगा पन्ना के किसानों को मिला 16 कैरेट का हीरा? जानें डिटेल
फ्री में UPI देकर पैसा कैसे कमाते हैं फोनपे, पेटीएम जैसे ऐप? जानें पूरा प्रोसेस
फ्री में UPI देकर पैसा कैसे कमाते हैं फोनपे, पेटीएम जैसे ऐप? जानें पूरा प्रोसेस
Carnivorous Animals Eating Grass: मांसाहारी जानवर कब खाने लगते हैं घास? वजह उड़ा देगी आपके होश
मांसाहारी जानवर कब खाने लगते हैं घास? वजह उड़ा देगी आपके होश
Runway Construction Cost: हवाई जहाज का रनवे बनाने में कितनी आती है लागत? जानें एक किमी का खर्च
हवाई जहाज का रनवे बनाने में कितनी आती है लागत? जानें एक किमी का खर्च

वीडियोज

Sansani | Crime News: 'मौत वाली पैटीज' से बच्चों को बचाओ !
Mahadev & Sons: Rajji पर टूटा दुखों का पहाड़, Dheeraj ने निभाया अपना सच्चा पति धर्म!
Bollywood News: Toxic के म्यूजिक जश्न के बीच विवाद ने पकड़ा जोर, किस बात पर मचा बवाल?
Bigg Boss 20 की Rumoured List में Jennifer Winget, Jannat Zubair, Nia Sharma और कई नाम
Akanksha Chamola ने Gaurav Khanna से Divorce पर किया बड़ा खुलासा, 18 महीने बाद लिया फैसला

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
लाल किले पर भीड़ के बीच गए PM मोदी, छात्रों से मिलाया हाथ
लाल किले पर भीड़ के बीच गए PM मोदी, छात्रों से मिलाया हाथ
'देश की उच्च संस्थाएं...', स्वतंत्रता दिवस पर बोलीं मायावती
'देश की उच्च संस्थाएं...', स्वतंत्रता दिवस पर बोलीं मायावती
आज Hockey World Cup में भारत का पहला मैच, जानें कब और कहां देखें?
आज हॉकी वर्ल्ड कप में भारत का पहला मैच, जानें कब और कहां देखें?
'आवारापन 2' और 'बंटवारा 1947' में बढ़िया फिल्म कौन सी है? कन्फ्यूजन है तो जान लें अभी
'आवारापन 2' और 'बंटवारा 1947' में बढ़िया फिल्म कौन सी है? कन्फ्यूजन है तो जान लें अभी
CJP का इंस्टा अकाउंट हटा, भड़के अभिजीत दीपके
CJP का इंस्टा अकाउंट हटा, भड़के अभिजीत दीपके
‘कॉकरोच पर बयान को किया गया मिसकोट’, CJI बोले- यूथ को बरगलाया गया
‘कॉकरोच पर बयान को किया गया मिसकोट’, CJI बोले- यूथ को बरगलाया गया
Bathroom Door Swelling: बाथरूम का दरवाजा नीचे से फूलने लगा है? तुरंत अपनाएं ये आसान हैक्स
बाथरूम का दरवाजा नीचे से फूलने लगा है? तुरंत अपनाएं ये आसान हैक्स
अब पेंशन फंड से भी होगा इलाज, NPS Swasthya में मेडिकल खर्च के लिए मिलेगी रकम
अब पेंशन फंड से भी होगा इलाज, NPS Swasthya में मेडिकल खर्च के लिए मिलेगी रकम
Embed widget