NASA Astronaut Voting Process: एस्ट्रोनोट ने धरती से 400 किमी ऊपर से कैसे डाला वोट, कैसे हुई यह वोटिंग
NASA Astronaut Voting Process: जानिए अमेरिकी मिडटर्म चुनाव 2026 में पृथ्वी से 400 किलोमीटर ऊपर से NASA अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन और उनके दल ने कैसे किया मतदान, समझें स्पेस वोटिंग की पूरी प्रक्रिया

NASA Astronaut Voting Process: संयुक्त राज्य अमेरिका में हुए बेहद महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनावों के बीच लोकतंत्र की एक ऐसी अनोखी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. जब अमेरिकी नागरिक अपने जनप्रतिनिधियों को चुनने के लिए पोलिंग बूथों पर कतारों में खड़े थे, ठीक उसी समय पृथ्वी की सतह से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में तैर रहे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से भी मतदान किया जा रहा था.
NASA के भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन और उनके साथ मौजूद दो अन्य अमेरिकी वैज्ञानिक लुक डेलाने और जेसिका वॉटकिंस ने अंतरिक्ष में तैरते हुए इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लिया. अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने ISS के अंदर से एक वीडियो जारी कर बताया कि किस तरह उनका छोटा सा स्लीपिंग कंपार्टमेंट ही उनका पर्सनल वोटिंग बूथ बन गया, जहां से उन्होंने पृथ्वी पर अपना वोट सुरक्षित तरीके से भेजा.
फेडरल पोस्ट कार्ड से शुरू होती है प्रक्रिया
आम लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर अंतरिक्ष से वोट डालने की यह वैज्ञानिक प्रक्रिया कैसे पूरी होती है. इसके लिए नासा एक बेहद सुरक्षित और व्यवस्थित प्रोटोकॉल का पालन करता है. अंतरिक्ष में जाने से पहले ही, एस्ट्रोनॉट्स को यह तय करना होता है कि वे अपने मिशन के दौरान किस-किस चुनाव के समय पृथ्वी से बाहर रहेंगे.
इसके बाद वे ठीक उसी तरह फेडरल पोस्ट कार्ड एप्लीकेशन फॉर्म भरते हैं, जैसे विदेशों में तैनात अमेरिकी सेना के जवान या अन्य नागरिक अपने डाक मतपत्र के लिए आवेदन करते हैं. इस आवेदन के स्वीकृत होने के बाद संबंधित काउंटी के चुनाव अधिकारी अंतरिक्ष यात्रियों के लिए एक विशेष इलेक्ट्रॉनिक मतपत्र तैयार करते हैं.
सैटेलाइट और मिशन कंट्रोल का नेटवर्क
वोटिंग के दिन, अंतरिक्ष यात्रियों के होम टाउन के काउंटी क्लर्क द्वारा एक सुरक्षित और पासवर्ड-संरक्षित इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म NASA को भेजा जाता है. NASA का जॉनसन स्पेस सेंटर अपने मिशन कंट्रोल रूम के माध्यम से इस डिजिटल बैलेट को अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद वैज्ञानिकों के कंप्यूटर तक अपलिंक करता है. अंतरिक्ष यात्री अपने खास क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके इस फॉर्म को खोलते हैं, अपने पसंदीदा उम्मीदवार के सामने टिक करते हैं और इसे वापस पृथ्वी की ओर डाउनलिंक कर देते हैं.
यह भी पढ़ें: Nepal Helicopter Crash: दो हेलिकॉप्टर्स के बीच कितनी दूरी होनी जरूरी, कैसे रखा जाता है फासला?
डेटा सिक्योरिटी और सीक्रेसी का पूरा ख्याल
अंतरिक्ष से भेजा गया यह वोट सीधे तौर पर सार्वजनिक नहीं होता, बल्कि सुरक्षा की कई परतों से होकर गुजरता है. यह डिजिटल डेटा NASA के नियर स्पेस नेटवर्क और ट्रैकिंग एंड डेटा रिले सैटेलाइट सिस्टम के माध्यम से न्यू मेक्सिको में स्थित व्हाइट सैंड्स कॉम्प्लेक्स के ग्राउंड एंटीना तक पहुंचता है.
वहां से इसे जॉनसन स्पेस सेंटर भेजा जाता है और अंत में संबंधित काउंटी क्लर्क के पास सुरक्षित फाइलिंग के लिए ट्रांसफर किया जाता है. वोट की गोपनीयता बनाए रखने के लिए यह पूरा दस्तावेज पूरी तरह से एन्क्रिप्टेड होता है. इस डिजिटल फॉर्म को खोलने और देखने का अधिकार केवल उस अंतरिक्ष यात्री और संबंधित चुनाव क्लर्क के पास ही होता है.
यह भी पढ़ें: India First Undersea Rail Tunnel: समंदर में कैसे बनती है टनल, कैसे झेलती है पानी का प्रेशर?






















