'गलतफहमी में न रहें, नहीं बदलेगी यूएस की नीति', ट्रंप की हार पर मोजतबा खामेनेई का बड़ा बयान
मोजतबा खामेनेई ने अपने देशवासियों को अगाह किया कि वे इस चुनाव परिणाम को अमेरिका की नीति में नरमा के संकेत के रूप में न देखें. ट्रंप ने कहा कि वह डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने को राजी हैं.

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव नतीजों ने वाशिंगटन में सत्ता का संतुलन पूरी तरह बदल दिया है. डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार जीत दर्ज करते हुए अमेरिकी संसद के दोनों सदनों 'हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स' और 'सीनेट' पर अपना कब्जा जमा लिया है. इस बड़ी जीत के साथ ही डेमोक्रेट्स को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के आखिरी दो सालों में उनकी नीतियों पर लगाम लगाने की ताकत मिल गई है. ट्रंप के हार पर सबसे तीखी प्रतिक्रिया ईरान से आई है. सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अपने देशवासियों को अगाह किया कि वे इस चुनाव परिणाम को अमेरिका की नीति में नरमा के संकेत के रूप में न देखें.
मोजतबा खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में लिखा, 'आज ईरानी जनता आपराधिक अमेरिका के खिलाफ अपने रुख को पहले से कहीं ज्यादा स्पष्ट रूप से समझती है. अमेरिका की दुश्मनी के कारणों और ईरान के मजबूत प्रतिरोध की समीक्षा करना हमारे आगे के रास्ते के लिए एक मार्गदर्शक का काम करेगा.' खामेनेई ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने ईरान पर फिर से हमले शुरू किए, तो मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और ज्यादा फैल जाएगा.
अमेरिका के इस चुनाव में ईरान युद्ध भी एक सबसे बड़ा मुद्दा साबित हुआ. डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का कहना था कि राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा शुरू किए गए इस युद्ध के कारण ही देश में महंगाई और आर्थिक तंगी बढ़ी है. जनता इस आर्थिक संकट से बेहद परेशान थी, इसलिए नाराज होकर मतदाताओं ने खुलकर डेमोक्रेट्स का समर्थन किया.
नतीजों पर डोनाल्ड ट्रंप का रुख
संसद का नियंत्रण हाथ से जाने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर थोड़े नरम दिखाई दिए. द न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वे चुनावी नतीजों को पूरी तरह से स्वीकार करने के लिए तैयार हैं और देश के हित में डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने को राजी हैं.






















