SIR, Gen-Z आंदोलन से लेकर आरक्षण तक, दत्तात्रेय होसबोले ने दिया ये बड़ा बयान
दत्तात्रेय होसबोले ने Gen-Z के आंदोलनों पर कहा कि युवाओं की समस्याएं समझना जरूरी है, लेकिन उन्हें हिंसा और अराजकता की ओर धकेलने वाली ताकतों से सावधान रहना होगा.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने बुधवार (4 नवंबर, 2026) को मध्य प्रदेश के इंदौर में कई अहम मुद्दों पर संघ के रुख को स्पष्ट किया. उन्होंने देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से हुई हानि को लेकर भी बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अभी बारिश हुई है, बाढ़ आई है. भारत के अलग-अलग स्थानों पर प्राकृतिक आपदा के कारण जनहानि भी हुई.
संघ के स्वयंसेवकों ने कई स्थानों पर राहत कार्य के अच्छे प्रयास किए हैं. समाज के सहयोग के साथ कई जगहों पर अन्य सामाजिक संस्थानों के साथ मिलकर प्रयास किए हैं. इसके साथ ही, संघ के स्वयंसेवकों ने दुर-दराज के इलाकों में भी काम किया है.
उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का समर्थन करते हुए इसे वोटर लिस्ट में सुधार की जरूरी प्रक्रिया करार दिया. वहीं, Gen-Z के आंदोलनों पर कहा कि युवाओं की समस्याएं समझना जरूरी है, लेकिन उन्हें हिंसा और अराजकता की ओर धकेलने वाली ताकतों से सावधान रहना होगा. इस दौरान उन्होंने आरक्षण के मुद्दे के साथ युवाओं में बढ़ते नशे के खिलाफ राष्ट्रव्यापी जनजागरण अभियान चलाने की संघ की तैयारी का भी जिक्र किया.
संघ के संगठन विस्तार के बारे में बोले सरकार्यवाह
इंदौर में RSS की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के समापन के बाद सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने संघ के संगठन विस्तार की जानकारी दी. उन्होंने कहा, ‘देश में 99,423 दैनिक शाखाएं संचालित हैं और संघ का काम 1,03,397 स्थानों तक पहुंच चुका है. शताब्दी वर्ष में देशभर में 65, 664 हिंदू सम्मेलन हुए, जिनमें करीब 5 करोड़ लोगों की भागीदारी रही. वहीं, 10 करोड़ से ज्यादा घरों तक संपर्क किया गया.
VIDEO | Indore, Madhya Pradesh: Addressing a press conference, RSS General Secretary Dattatreya Hosabale, says, "The recent heavy rainfall and subsequent floods caused extensive damage in several parts of the country. RSS volunteers, guided by their tradition of social service and sensitivity towards society, undertook relief work in several affected areas. They also worked in coordination with local communities and various social and religious organisations. In remote areas where no other assistance could reach, RSS volunteers carried out relief operations on their own. In Assam, particularly Upper Assam, including Sivasagar and Jorhat districts, floods occurred during May-June and June-July. These areas had generally not experienced such severe flooding in the past, unlike other parts of Assam where people were more accustomed to floods. The sudden floods, triggered by extremely heavy rainfall in the hilly areas bordering Nagaland, created an unexpected crisis for the local population. A total of 67,700 families across 805 villages were affected, while more than 1,500 houses were completely destroyed, leaving virtually no trace of some of them. More than 1,600 RSS volunteers provided immediate relief, including food, water and medicines, to 42,200 families." #RSS #RashtriyaSwayamsevakSangh (Full video available on PTI Videos - https://t.co/bIyFWTfmBd)
— Press Trust of India (@PTI_News) November 4, 2026
SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर होसबोले ने कहा, ‘मतदाता सूची का समय-समय पर शुद्धिकरण जरूरी है. मृत व्यक्तियों, दो जगह दर्ज नामों और अपात्र लोगों के नाम हटाए जाने चाहिए. किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से हटता है तो उसके पास चुनाव आयोग और अदालत में शिकायत का विकल्प है. सिर्फ राजनीतिक विरोध के लिए SIR का विरोध करना उचित नहीं है.’
Gen Z के आंदोलनों और आरक्षण के मुद्दे पर बोले होसबोले
Gen-Z के आंदोलनों पर उन्होंने कहा कि युवाओं के गुस्से और उनकी समस्याओं को समझना चाहिए. उनके सवालों को देशविरोधी नहीं मानना चाहिए, लेकिन राजनीतिक स्वार्थ के लिए युवाओं का इस्तेमाल, हिंसा और अराजकता फैलाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती.’
आरक्षण पर संघ का पक्ष रखते हुए होसबोले ने कहा कि सामाजिक और शैक्षणिक समानता आने तक आरक्षण जारी रहना चाहिए. वहीं, युवाओं में ड्रग्स और नशे की बढ़ती लत पर चिंता जताते हुए उन्होंने सामाजिक संस्थाओं, NGOs और संगठनों के साथ मिलकर जागरूकता, काउंसलिंग और पुनर्वास अभियान चलाने की बात कही.
किन-किन मुद्दों पर बोले दत्तात्रेय होसबोले?
इसके साथ ही, दत्तात्रेय होसबोले ने सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री को लेकर परिवार और स्कूलों में संस्कारों पर जोर दिया. पर्यावरण संरक्षण के लिए पानी-बिजली बचाने और प्लास्टिक का उपयोग कम करने की अपील की. उन्होंने हिंदुत्व, महिलाओं की भागीदारी और विदेशों में संघ के संपर्क कार्यक्रमों पर भी अपना पक्ष रखा.
वहीं, संगठनात्मक बदलाव की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान 46 प्रांतों की व्यवस्था में बदलाव कर 88 संभागों के आधार पर संगठनात्मक काम आगे बढ़ाया जाएगा. काशी-मथुरा के मुद्दे पर कहा कि न्यायालय में चल रहे मामलों को कानूनी प्रक्रिया से आगे बढ़ने देना चाहिए और हर मुद्दे पर आंदोलन जरूरी नहीं है.
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